Subscribe for notification

फेक तस्वीरों के सहारे मोदी सरकार ने किये कितने विकास

तीन बेटे, दो बहू और एक नाती के साथ लक्ष्मी

लक्ष्मी देवी कोलकाता के बहू बाज़ार 71 मलिंगा में एक 6 गुणा 6 के किराये के कमरे में रहती हैं। रहती क्या हैं बस नाम है कि रहती भी हैं। वर्ना वो और उनके बेटे बाहर फुटपाथ पर सोते हैं, कमरे में दोनों बहुएं सोती हैं।

लेकिन मोदी सरकार ने मजलूम लक्ष्मी देवी के साथ भी खेला कर दिया। दरअसल 25 फरवरी को पश्चिम बंगाल के तमाम अखबारों के फ्रंट पेज पर लक्ष्मी देवी की फोटो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक इश्तिहार के रूप में छपी। इश्तिहार में लक्ष्मी देवी के हवाले से लिखा गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें मकान मिला जिससे उनके सिर पर छत हो गया। साथ ही इश्तिहार में “आत्मनिर्भर भारत आत्मनिर्भर बंगाल” टैगलाइन के साथ दावा किया गया कि लक्ष्मी देवी की ही तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 24 लाख लोगों को मोदी सरकार द्वारा मकान दिया गया हैं।

लेकिन जब मीडियाकर्मी अपने माइक और कैमरे लेकर लक्ष्मी देवी के घर पहुंचे तो लक्ष्मी देवी ने बताया कि गंगा सागर के मेले की तैयारी के तहत वो बाबूघाट पर काम कर रही थी ये काम 14-15 फरवरी को खत्म हुआ। वहीं बाबूघाट पर ही उनकी फोटो किसी ने खींच ली है। लक्ष्मी देवी बताती हैं उनकी फोटो खींचे जाने का उन्हें बिल्कुल भी पता नहीं चला वर्ना वो उसे ज़रूर फटकारती कि उनकी फोटो क्यों खींच रहा है।

लक्ष्मी देवी बताती हैं कि सरकार इतना बड़ा झूठ कैसे बोल सकती है। एक तो बिना उनकी मर्जी के उनकी फोटो छाप दी गई। 25 फरवरी को वो सोकर उठी तो लोग अख़बार ले लेकर उनके घर आने लगे। लक्ष्मी देवी बताती हैं कि वो पढ़ी लिखी नहीं हैं गरीब है लाचार हैं इसलिए मोदी सरकार उनके साथ ऐसा क्रूर मजाक कर रही है।

आखिर भाजपा ने जिन 24 लाख लोगों को आवास देने का दावा किया है क्या उनमें से एक भी व्यक्ति को ज़मीन पर मकान नहीं दिया गया है। अगर 24 लाख में से एक भी व्यक्ति को मकान मोदी सरकार ने दिया होता तो क्या उन्हें लक्ष्मी देवी की फर्जी तस्वीर लगानी पड़ती क्या?

ये कोई पहली मर्तबा नहीं है जब भाजपा और मोदी सरकार ने ऐसे ही कहीं से किसी की तस्वीर उठाकर भाजपा के इश्तिहार में छाप दिया हो। भाजपा और मोदी सरकार ऐसे बेशर्मी के कामों को करने में सिद्धहस्त है।

ऐसे ही दिल्ली सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन के दौरान पंजाब के होशियारपुर जिले के रहने वाले 37 वर्षीय हरप्रीत सिंह जो कि पंजाबी फिल्मों के अभिनेता और निर्देशक हैं की तस्वीर भी बगै़र उनकी इज़ाज़त के भाजपा के विज्ञापन में  इस्तेमाल किया था।

21 दिसंबर 2020 भारतीय जनता पार्टी की पंजाब यूनिट ने एक विज्ञापन जारी किया था। विज्ञापन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीफ फसलों की हो रही खरीदारी का जिक्र करते हुए इस साल हुई खरीदारी के आंकड़ें दिए गए थे। विज्ञापन की पंच लाइन ‘खुशहाल किसान, समृद्ध राष्ट्र’ के साथ एक सिख किसान की तस्वीर भी लगी हुई थी। फोटो में किसान के कंधे पर कुदाल थी और वह खिलखिला कर हंस रहा था। जिस तस्वीर के जरिए भाजपा द्वारा यह बताने की कोशिश हो रही थी कि एमएसपी (MSP) पर हो रही खरीदारी से किसान खुश हैं वो पंजाब के फिल्म अभिनेता और निर्देशक हरप्रीत सिंह की थी जो खुद बीते 15 दिनों से सिंघु बॉर्डर पहुंचकर किसानों को अपना समर्थन दे रहे थे वो खुद भी किसान हैं।

अपनी तस्वीर का भाजपा के विज्ञापन में किसान विरोधी इस्तेमाल होने से नाराज़ हरप्रीत सिंह ने भाजपा पर मानहानि का दावा करने की भी बात कही थी। उन्होंने नाराज़गी जताते हुए ट्वीटर पर लिखा था – “बेशर्मी की भी हद होती है। लेकिन जियो की अनलिमिटेड इंटरनेट की तरह इनकी बेशर्मी की हद भी अनलिमिटेड है।”

एक वाकिया अक्टूबर 2020 में बिहार चुनाव के वक़्त का भी है। जैसा कि सब जानते हैं बिहार में भाजपा जदयू की डबल इंजन की सरकार पिछले 15 साल से सत्ता में काबिज है। बावजूद इसके बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मुज़फ़्फ़रपुर स्ट्रीट लाइट का जो इश्तिहार लगवाया उसमें हैदराबाद के एक पुल की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। मुज़फ्फ़रपुर के भाजपा विधायक और बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने जगमगाती स्ट्रीट लाइटों वाले एक फ्लाईओवर की फोटो शेयर करके सोशल मीडिया पर लिखा-“मुजफ्फरपुर स्ट्रीट लाइट योजना… जगमगा रही हैं मुजफ्फरपुर की सड़कें! मुजफ्फरपुर में कुल 17554 स्ट्रीट लाइट अधिष्ठापित किए जा चुके हैं।” इसके साथ ही लिखा कि काम किया है, काम करेंगे, मुजफ्फरपुर का विकास करेंगे।

स्ट्रीट लाइट से जगमग फ्लाईओवर की जिस तस्वीर को शेयर करके सुरेश शर्मा ने बिहार सरकार की पीठ थपथपाई थी, वह दरअसल हैदराबाद स्थित बैरामालगुडा जंक्शन के आरएचएस फ्लाईओवर की थी। फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने पर ये फोटो ‘द न्यूज मिनट’ वेबसाइट की एक रिपोर्ट में मिली, जो 10 अगस्त 2020 को छपी थी।

रिपोर्ट के अनुसार, 10 अगस्त 2020 को तेलंगाना सरकार के मंत्री केटी रामा राव (केटीआर) ने आरएचएस फ्लाईओवर का उद्घाटन किया था। उद्घाटन से पहले केटीआर ने इसे 09 अगस्त 2020 को सोशल मीडिया पर शेयर किया था। उनके हैंडल पर भी यह फोटो मौजूद है। जिसे सुरेश शर्मा ने मुज़फ्फ़पुर में किया अपना काम बताते हुए शेयर किया था।

दरअसल अमित मालवीय की अगुवाई भाजपा का साइबर सेल ऐसे ही विकास के काम और फेक तस्वीरें और वीडियो क्रॉप करके रात दिन फेक न्यूज की एजेंसी चला रहे हैं। नरेंद्र मोदी की रैलियों में बंपर भीड़ भी फोटोशॉप से ही जुटाई जाती है। कुल मिलाकर भाजपा का विकास फोटोशॉप और चोरी की तस्वीरों के साख झूठे बेबुनियाद दावों के साथ इश्तिहार में दे दिया जाता है। आज के दौर में कहां मीडिया इसकी शिनाख्त करने जायेगा और गलकी से कर भी दिया तो भाजपा पर कौन सा बेशर्मी का पहाड़ टूट पड़ेगा। हमारी आजी एक कहावत कहती थी कि “बेशर्मा के पिछवाड़े (मलद्वार) रूख जाम, बेशर्मा कहेस हमका छाँहर होइगा।”

Donate to Janchowk!
Independent journalism that speaks truth to power and is free of corporate and political control is possible only when people contribute towards the same. Please consider donating in support of this endeavour to fight misinformation and disinformation.

Donate Now

To make an instant donation, click on the "Donate Now" button above. For information regarding donation via Bank Transfer/Cheque/DD, click here.

This post was last modified on March 22, 2021 4:07 pm

Share