Saturday, March 2, 2024

दस्तावेजों के हवाले से कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा- मोदी पिछड़ी जाति से नहीं आते

नई दिल्ली। पीएम मोदी के जाति संबंधी विवाद में उस समय नया मोड़ आ गया जब कांग्रेस के राज्य सभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने दस्तावेजों के साथ यह दावा कर दिया कि पीएम मोदी पिछड़ी जाति से आते ही नहीं। उन्होंने इस सिलसिले में कई नोटिफिकेशन और राहुल गांधी के खिलाफ सूरत में चले मानहानि के मामले का उदाहरण दिया। उनका कहना था कि अभी तक किसी भी सरकारी गजट में पीएम मोदी की जाति पिछड़ों की श्रेणी में दर्ज नहीं है। उल्टे वह मोदी नाम की जिस जाति से आते हैं वह गुजरात में सवर्णों की श्रेणी में आती है। और वैश्य समुदाय से ताल्लुक रखती है। इस सिलसिले में भी उन्होंने कई उदाहरण दिए। ये बातें उन्होंने शुक्रवार को कांग्रेस हेडक्वार्टर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहीं।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बार-बार झूठ फैलाती है। मैं आज कुछ तथ्य आपके सामने रखकर सच्चाई सामने रखने की कोशिश करुंगा। कल राहुल गांधी के ऊपर हमला बोलकर कुछ भक्त चैनलों ने तो कुछ दस्तावेजों पर डिबेट भी कर ली। एक ये ट्विटर पर लगा था, सिर्फ एक पन्ना, गवर्नमेंट गज़ट नोटिफिकेशन का, सिर्फ इतना पार्ट और इसके अंदर आप देखेंगे यहां रजिस्टर नंबर दिया है। रजिस्टर नंबर है – D.L.33004/99 और ये कहा कि 1999 में इस सूची में पहले जो नाम था,  सिर्फ घांची मुस्लिम था, उसकी जगह पर घांची मुस्लिम, तेली, मोढ़ घांची ये तीन नाम एड किए गए 1999 में, ये कहा गया है।

शक्ति सिंह ने कहा कि मैं आपको एक पन्ना नहीं दिखाऊंगा, क्योंकि कोई भी डॉक्यूमेंट दिखाते हैं, तो पूरा दिखाना चाहिए। ये गुजरात गवर्नमेंट का नोटिफिकेशन है। ये नोटिफिकेशन की डेट है 1 जनवरी, 2002 और इस डॉक्यूमेंट में मतलब, 1 जनवरी, 2002, जब गुजरात के मुख्यमंत्री मोदी जी थे। इसमें जो ये फर्स्ट पैराग्राफ में, लास्ट में फोर्थ लाइन, जिसमें लिखा है, सिरियल नंबर लिखा – 93, 94,95, N96 में जो जातियां हैं, उसमें नीचे दी गई हुई जातियों को हम एड कर रहे हैं। एक यहां पर भरवाड़ लिखा है, जिसका कोई लेना-देना नहीं था। दूसरा, ये नोटिफिकेशन का सेकंड पेज है। इसमें लिखा है घांची मुस्लिम as per due list घांची मुस्लिम, तेली, मोढ़ घांची, तेली साहू, तेली राठौर, तेली राठौर। ये डॉक्यूमेंट है और इसके कुछ पन्ने ही नहीं, आखिर तक का, जिसमें सेक्रेटरी के साइन हैं, लीडर ऑफ अपोजीशन, चीफ मिनिस्टर, सबको कॉपी गई है, पूरा आपको हम साझा करेंगे।

आप समझ सकते हैं कि अगर 1999 में ये जातियां एड हुईं थीं, तो गुजरात के मुख्यमंत्री ने 1 जनवरी, 2002 में ये क्यों निकाला? इससे भी और गंभीर मैटर मैं आपके सामने रखना चाहूंगा। आपको जो इनकी फितरत है, उसके बारे में पता चलेगा।

उन्होंने कहा कि आप याद कीजिएगा और इन्वेस्टिगेशन जर्नलिज्म कीजिए, मोदी जी का, प्रधानमंत्री का ख्वाब जागने से पहले कभी भी मोदी ने ये कहा हो कि मैं पिछड़ी जाति का हूं, मैं घांची हूं, एक वर्ड पहले का दिखा दीजिए। आपको किसी रिकॉर्ड में नहीं मिलेगा कि मैं घांची हूं, मैं तेली हूं या मैं पिछड़ी जाति का हूं, कहीं नहीं मिलेगा। गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद मुंबई में एक बड़ा वाटर पार्क है, जिसके मालिक ने मोदी समाज की मीटिंग रखी। उसकी मैगजीन भी चलती है और उसने कहा कि मोदी सुपर अपर कास्ट हैं। हमारी सुपर अपर कास्ट मोदी से, पहली बार गुजरात का मुख्यमंत्री बना है, हम प्रस्ताव पारित करके सम्मानित करते हैं। समाज की मीटिंग में प्रस्ताव पारित किया गया और सुपर अपर कास्ट के मोदी समाज से ये बने हैं, उसकी मैगजीन में इश्तिहार आए हैं। मैं आपसे वो भी साझा करुंगा कि ये हमारे मोदी समाज के सुपर अपर कास्ट के प्रथम मुख्यमंत्री बने हैं। कभी मोदी जी ने इससे इनकार नहीं किया कि नहीं भइया, मैं तो कहां मोदी, मैं तो घांची हूं, मैं तो पिछड़ी जाति से हूं, नहीं कहा।

मैं आपको एक और ऑथेंटिक बात रखूंगा, पर उससे पहले मैं आपको एक क्लेरिटी कर दूं कि गुजरात में मोदी, भगवद्गोमण्डल के अनुसार, जैसे हमारा लॉ लेक्सिकन होता है, उसी तरह से वर्ड का एक गोंडल महाराजा ने किया हुआ भगवद्गोमण्डल (Encyclopaedia) है। जिसमें हर चीज की परिभाषा है, मोढ़ क्या होता है, मोदी क्या होता है, घांची क्या होता है और हर वर्ड का वहाँ पर और गुजरात की हाई कोर्ट भी गुजराती लफ़्ज में भगवद्गोमण्डल को ऑथेंटिक मानती है। तो ये मोदी पिछड़ी जाति में आता ही नहीं है, ना वो घांची है, ना वो तेली है, ना वो पिछड़ी जाति के हैं। मैं इससे आगे चलके मेरी बात के समर्थन में एक और चीज आपके सामने रखना चाहूंगा।

शक्ति सिंह ने आगे कहा कि आप सबको पता है कि पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ केस किया। वो सूरत के बीजेपी के एमएलए उस वक्त थे। उन्होंने केस किया और सारे केस पेपर मेरे पास हैं, पूरे। उस पूर्णेश मोदी जी ने ये कहा कि मेरे मोदी समाज के खिलाफ राहुल गांधी बोले हैं, मुझे मेरी जाति को, मेरे समाज को डिफेम किया है, तो राहुल गांधी के खिलाफ केस चलाओ। ये आप सब जानते हो। अब जब पूर्णेश मोदी को पूछा गया कोर्ट में और कोर्ट की हर प्रोसीडिंग, पूरा सेट मेरे पास है, गुजराती में मैंने ट्रांसलेशन भी करवाया है। सुप्रीम कोर्ट तक मैटर चला। अगर मैं कहूंगा कि किसी ने जो गाली दी है उस समाज को, मैं उस समाज का नहीं हूं, तो मेरा लोकस नहीं बनता है, मैं कोर्ट में केस नहीं कर सकता हूं। मुझे ये इस्टैब्लिश करना होगा कि जिसको खराब कहा है, वो मेरे समाज का है, इसलिए मैं भी हर्ट हुआ हूं, मेरा लोकस बनता है। 

I can file a case, वो इस्टैब्लिश करना पड़ेगा। पूर्णेश मोदी जी ने सूरत कोर्ट में क्या कहा है – ये उसकी क्रॉस एग्जामिनेशन और सो-मोटो उन्होंने जो बातें कही थी, वो आपके सामने रखता हूं – It is true, Modi society in Gujarat is non Modhwanik Samaj, Wanik मतलब व्यापारी। मोदी कौन हैं कि गुजरात में कहा जाता है कि मोदी जो हैं, वो मोढ़ वणिक मतलब व्यापारी समाज हैं। वो कौन कहता है, जिसने राहुल गांधी जी  के खिलाफ केस किया और कहा कि नरेंद्र भाई मोदी मेरी कास्ट से हैं, मुझे भी डेफ़ेमेशन का असर हुआ है। आगे चलकर वो कहते हैं कि हमारा मोदी समाज का एक ट्रस्ट है, जिसमें हमारे समाज के लोगों को मेंबर बनाते हैं। उसमें उन्होंने क्या कहा, जरा गौर से सुनिएगा। उन्होंने कहा – it is true that Rathor, Gupta, Teli, Modi Ghanchi, Chaudhary, …Sahu etc are not member of Modi samaj. ये कौन कहता है, जिसको कोर्ट ने माना कि नरेंद्र भाई मोदी और ये दोनों एक ही कास्ट के, एक ही समाज के हैं। इसलिए इनका लोकस बनता है, ये डेफ़ेमेशन केस कर सकता है।

मतलब क्या हुआ- फर्स्ट प्वाइंट, मैंने जो ये आपको डॉक्यूमेंट दिया, 2001 में एक कास्ट इनक्ल्यूड की जब मोदी जी थे, पर ये करने के बावजूद मोदी जी ओबीसी में थे नहीं, हैं नहीं, हो सकते नहीं हैं। अगर कोर्ट ने, सुप्रीम कोर्ट तक चले मैटर को आप देखें और मुंबई में हुए मोदी समाज के उस रेजोल्यूशन को, उस मीटिंग को, उस सम्मान समारोह को, मोदी समाज की उस मैगजीन को देखेंगे, तो मोदी जी ना घांची हैं, ना तेली हैं, ना लोवर कास्ट हैं, वो सुपर अपर कास्ट मोदी जिसको कहते हैं, उसमें से वो हैं। इन नोटिफिकेशन का कोई मतलब नहीं है, पर जब जागा था ख्वाब, गुजरात में सूट करता था कि अगर सुपर अपर कास्ट रहूंगा तो गुजरात की पॉलिटिक्स में फायदा है, कभी नहीं कहा।

जब प्रधानमंत्री का ख्वाब जागा तब मत के लिए जरुरी लगा कि अब अगर ओबीसी हो जाऊं तो ओबीसी कैसे बनूं, तो इसको 1 जनवरी, 2002 में था, इसमें कह दिया। पहले मैं कहूंगा इसको आप देख लीजिए, जो बीजेपी ने लगाया है, ये बीजेपी ने लगाया हुआ है। इसको आप गौर से देखिए,  इसका क्या क्लेम है कि इस नोटिफिकेशन की वजह से, ये झूठा है, फिर भी मैं कहता हूं चलो इसको मान लिया, वो कहते हैं कि इस नोटिफिकेशन की वजह से मोदी जी ओबीसी हैं। What is this notification, घांची मुस्लिम थे, नई सूची में घांची, मुस्लिम, तेली, मोढ़ घांची नए एड हुए। इसमें कहीं लिखा है मोदी। ये बीजेपी का डॉक्यूमेंट है, इसमें कहीं लिखा है मोदी। तो कैसे मोदी बन गए ओबीसी? ये फ्रॉड है। 

उन्होंने आगे कहा कि चलो उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद का ये डॉक्यूमेंट देख लीजिए। इस डॉक्यूमेंट में जो नई जातियां एड हुईं, उसमें घांची मुस्लिम थे, उसके अलावा घांची मुस्लिम, तेली, मोढ़ घांची, तेली साहू, तेली राठौर। इसमें भी कहीं मोदी है, अब बताइए मुझे। इसमें भी कहीं मोदी नहीं हैं। आज के दिन में भी बताएं कि मोदी हैं इसमें कहीं। दोनों की वजह से मोदी ओबीसी ना थे, ना आज भी हैं, किसी भी गजट को देख लीजिए और मेरी बात का समर्थन करता है, ये डॉक्यूमेंट है इसी डॉक्यूमेंट पर सूरत की कोर्ट में केस चला। जिसमें पूर्णेश मोदी कहते हैं कि हम मोदी समाज, वो गुजरात में मोदी समाज मतलब गुजराती मोढ़ वणिक। Modh is a title, हम सुपर अपर कास्ट व्यापारी वणिक, उसमें से हैं और कोर्ट ने हमारी दलीलों को कहा था उस वक्त में ये इनका लोकस नहीं बनता है। सूरत की कोर्ट ने लंबा जजमेंट देते हुए कहा कि पूर्णेश मोदी का लोकस बनता है, क्योंकि वो मोदी समाज से हैं। अब मोदी समाज ना तो घांची है, ना तेली है, ना पिछड़ी जाति में, किसी भी लिस्ट में नहीं है। तो ये अपर कास्ट, सुपर अपर कास्ट अपने को कहते हैं, उसमें से हैं।

उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि अब जिनकी फितरत बीजेपी में डॉक्यूमेंट टैंपर करने वालों में है, वो जवाब ना दें मुझे। मोदी जी खुद दें और कहें तो बहस करने के लिए मैं उनको एक प्लेटफार्म पर तैयार हूं। ये फेक डॉक्यूमेंट देते हैं। आप सबको पता है कि जब डिग्री वाली बात आई तो एक बीजेपी के नेता ने ऐसे आपको दिखा दी कि डिग्री तो है, पर किसी ने फिर अच्छे जर्नलिस्ट ने जो मोदिया नहीं थे, डरे नहीं थे, उन्होंने एक एनालिसिस करके दिया कि ये डिग्री जिस फॉन्ट में है, वो फॉन्ट उस जमाने में नहीं था, तो ये डिग्री उस फॉन्ट में कैसे बनी? उसके बाद ये दिखाना उन्होंने बंद कर दिया। क्योंकि वो फेक डॉक्य़ूमेंट था।

जैसे मैंने कहा कि ये डॉक्यूमेंट आप गूगल में डालकर देखो कि इस नंबर का डॉक्य़ूमेंट क्या खुलता है, कुछ और खुलेगा आपको। तो वो नहीं, मोदी जी खुद जवाब दें कि आपने अपने आपको पिछड़ी जाति कहा कौन सी लिस्ट में, आप तो मोदी हो? गुजरात में जो घांची होते हैं, वो लिखते हैं, मोदी घांची। गुजरात में तेली होते हैं, वो लिखते हैं मोदी तेली। अपना सरनेम नहीं लिखते हैं। मोदी घांची, मोदी तेली, मोढ़ घांची, मोढ़ वणिक, अगर नहीं है उसमें तो मोढ़ वणिक लिखते हैं। सिंपल मोदी मतलब जो पूर्णेश मोदी ने कहा कि हम मोदी समाज से हैं, हम गुजरात के वणिक समाज से हैं, सुपर अपर कास्ट हैं और उन्होंने ये भी कहा कि उस ट्रस्ट के साथ-साथ, मैं ये भी बता देता हूं कि जब पूर्णेश मोदी कोर्ट के अंदर बोल रहे थे, तो ये भी बोले कि किसी भी गवर्नमेंट के डॉक्यूमेंट में कहीं भी इसका जिक्र नहीं है, That Purnesh Modi has said.

उन्होंने आगे कहा कि इतना झूठ क्यों, अगर आप रीयल में, आप सही में सबसे बड़े पिछड़े हैं, वो कहते हैं कि कोई ऐसी कास्ट है ही नहीं, पर उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा ओबीसी मैं हूं। मैंने कहा कि किसी नोटिफिकेशन में देखा नहीं कि कोई अलग से सबसे बड़ा होता है। मतलब ये ना घांची हैं, ना तेली हैं, ना किसी लिस्ट में हैं, ये मोदी हैं। पूर्णेश मोदी जी ने खुद स्वीकार किया कि हम गुजरात में मोदी जो हैं, वो व्यापार करने वाली कम्युनिटी में हैं, वो सुपर रिच में जो माने जाते हैं, उसमें वो लोग हैं और यहाँ पर देश में लोगों को गुमराह करने की बात कर रहे हैं। मेरा मोदी जी से कुछ सवाल हैं –

पहला सवाल कि मुंबई के उस मोदी समाज ने आपको जब सीएम बने और कहा कि from our Modi samaj जो कि बड़े व्यापारी हैं और सुपर रिच हैं, उनमें से पहला मुख्यमंत्री बना है, उनकी मैग्जीन में आपके इश्तिहार और फोटो छपे, आपने क्यों नहीं कहा उस वक्त कि भूल जाओ भइया, मैं तो पिछड़ा हूं, मैं घांची हूं, मैं तेली हूं, मैं ओबीसी हूं, कुछ नहीं कहा। अगर आप घांची थे, तो आपके सरनेम के पीछे मोदी घांची आना चाहिए। अगर आप तेली हो तो गुजरात में सब लिखते हैं, मोदी घांची लिखते हैं, मोढ़ घांची लिखते हैं, मोढ़ तेली लिखते हैं। सिंपल मोदी मतलब व्यापारी कम्युनिटी जो पूर्णेश मोदी ने कहा वो, तो आप इसका खुलासा करें?

मेरा दूसरा प्रश्न, अगर आप कहते हो, आपके चट्टे-बट्टे कहते हैं कि वो तो मुख्यमंत्री बने उससे पहले इन तीन जातियों के अंदर आ गए थे सब, तो ये डॉक्यूमेंट आपके मुख्यमंत्री बनने के बाद 1 जनवरी, 2002 में क्यों निकला और इसमें कहीं पर मोदी नहीं है? तो ये नोटिफिकेशन भी कैसे लागू होता है। आप बताइए?

तीसरा, पूर्णेश मोदी सूरत कोर्ट में केस दर्ज करते हैं और वो कहते हैं कि गुजरात में मैं मोदी समाज से हूं और हमारे मोदी समाज ट्रस्ट में घांची, तेली, इसमें से किसी को नहीं मेंबर बनाया गया, इससे ज्यादा प्रूफ और क्या चाहिए आपको? इसका मतलब साफ हुआ कि आप उन जातियों में हो ही नहीं, जिसका नोटिफिकेशन में जिक्र है।

चौथा मेरा सवाल है, कि अगर आप पिछड़ी जाति से हो, तो आप गोलवलकर जी की उस सोच का विरोध क्यों नहीं करते हो, आरएसएस के गुरु गोलवलकर जी ने कहा था – Even recognising SCs or STs thinking, it is a brazen to jealous and conflict. He said reservation for SCs and STs would make them slaves with the lure of money. उसके बाद मोहन भागवत जी ने भी एक स्टेटमेंट दिया था, फिर वो यू-टर्न कर गए थे। मैं मोदी जी से कहता हूं कि आप गोलवलकर जी की ये बात जो थी कि एससी, एसटी को रिजर्वेशन नहीं देना चाहिए, इससे जैलेसी पैदा होगी, उससे सहमत हो या नहीं?

कांग्रेस राज्य सभा सांसद ने आगे कहा कि 1978 में कर्पूरी ठाकुर जी जब 26 प्रतिशत का रिजर्वेशन लाए, तब जनसंघ ने कर्पूरी ठाकुर जी और इस रिजर्वेशन का विरोध किया था। उस विचारधारा पर आपका आज मत क्या है? 1981 में श्री माधव सिंह सोलंकी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और 21 प्रतिशत रिजर्वेशन आया ओबीसी का, उस वक्त पर एबीवीपी और बीजेपी ने एजिटेशन किया था, विरोध किया था, जेल में भी गए थे, तो आप इसमें सहमत हो या नहीं?

आखिरी सवाल, आप भी उसमें शामिल थे मोदी जी जब मंडल और कमंडल की लड़ाई हुई। देश में ओबीसी के आरक्षण की बात का अगर विरोध किसी ने किया, तो मंडल का विरोध करने वाला कमंडल यानी भारतीय जनता पार्टी थी, इसको आप क्यों भूल रहे हैं? तो राहुल गांधी जी ने जो कहा वो बिल्कुल सही है कि ना ये घांची हैं, ना तेली, ना पिछड़ी जाति से हैं, इनके सरनेम में कहीं पर मोदी के बाद कुछ नहीं है और पूर्णेश मोदी ने राहुल जी के खिलाफ किए केस में ये क्रिस्टल क्लीयर हो गया है कि मोदी सिर्फ लिखा, इसका मतलब वो व्यापारी है, सुपर अपर कास्ट है और इससे पिछड़ों से कोई लेना-देना नहीं है। Even अपने ट्रस्ट में वो घांची, तेली ऐसे को मेंबर भी नहीं बनाते हैं। ये ऑन रिकॉर्ड, कोर्ट के रिकॉर्ड में आया और एक्सेप्टेड फैक्ट है।

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