इधर शिवसेना विधायक मुखर, उधर उनके ठिकानों पर ईडी के छापे शुरू

जेपी सिंह November 25, 2020

विपक्ष, छात्र, बुद्धिजीवियों से लेकर, राजनेताओं यानि हर उस व्यक्ति के उत्पीड़न के लिए निशाने पर लेना भाजपा और मोदी सरकार का यूएसपी बनता जा रहा है। सबसे ताजा मामला शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाईक के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी का है। इससे महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है और शिवसेना के साथ भाजपा की तल्खियां बढ़ गईं हैं।

एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के केस के बाद महाराष्ट्र सरकार के साथ अभिनेत्री कंगना रनौत और रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी  के विवाद को भी इसी कार्रवाई की वजह माना जा रहा है। प्रताप ने ही अर्णब के खिलाफ विशेषाधिकार उल्लंघन का प्रस्ताव पेश किया था, जिसके बाद हुए घटनाक्रमों में गोस्वामी को जेल जाना पड़ा था।

आर्किटेक्ट अन्वय नाइक और उनकी मां की आत्महत्या के मामले में गिरफ़्तार पत्रकार अर्णब गोस्वामी के समर्थन में जिस तरह भाजपा उतरी थी, उससे इन दोनों के बीच गोदी मीडिया का संबंध पूरी तरह स्पष्ट हो गया था, लेकिन इसका अंदाजा बड़े-बड़े राजनीतिक पंडितों को भी नहीं था कि अर्णब और कंगना रानौत के ख़िलाफ़ मुख उठाने वालों के वहां केंद्रीय एजेंसियां छापेमारी करने पहुंच जाएंगी।

महाराष्ट्र के ठाणे जिले की ओवला-मैजवाडा सीट से विधायक प्रताप सरनाईक की मुखरता भारी पड़ती नजर आ रही है। यह राजनीति-पत्रकारिता के नापाक गठबंधन का बेहद घटिया नमूना है, जिसमें एक मालिक पत्रकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने पर देश की प्रतिष्ठित एजेंसी विरोधी दल के विधायक के वहां छापा मारने पहुंच जाए।

विधायक प्रताप सरनाईक ने अर्णब गोस्वामी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया था। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप में 16 सितंबर को अर्णब गोस्वामी के खिलाफ विशेषाधिकार उल्लंघन का प्रस्ताव दिया था।

प्रताप सरनाईक ने इसके साथ ही इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाईक के सुसाइड केस मामले को फिर से खुलवाने में अग्रणी भूमिका निभाई थी। अन्वय ने अर्णब और दो अन्य लोगों को बकाया नहीं चुकाने का आरोपी करार देते हुए मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। इसी मामले में मुंबई पुलिस ने अर्णब को घर से गिरफ्तार कर लिया था और उन्हें जेल जाना पड़ा था।

महाराष्ट्र सरकार के साथ जारी विवाद के चरम पर रहने के वक्त कंगना रनौत ने मुंबई आने की चुनौती दी थी। उस समय प्रताप सरनाईक ने कहा था कि कंगना रनौत की भाषा सभ्य नहीं है और शिवसेना की महिला विंग उन्हें जरूर सबक सिखाएगी। इसके अलावा कंगना रनौत के घर पर बीएमसी की कार्रवाई को भी प्रताप सरनाईक ने वाजिब ठहराया था।

प्रताप के खिलाफ मुंबई और ठाणे समेत 10 जगहों पर रेड की गई है। यह रेड टॉप सिक्योरिटी ग्रुप और विधायक प्रताप सरनाईक के बीच हुए आर्थिक लेन-देन को लेकर हुई है। प्रताप सरनाईक के बेटे विहंग सरनाईक को ईडी पूछताछ के लिए दक्षिण मुंबई स्थित अपने कार्यालय ले गई है। शिवसेना ने ईडी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

अपने विधायक के घर पर ईडी की छापेमारी की शिवसेना ने आलोचना की है। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि केंद्र सरकार अपने विरोधियों को चुप कराने के लिए ईडी, आईटी, सीबीआई का इस्तेमाल कर रही है। आज की छापेमारी सिर्फ प्रतिशोध है। केंद्र सरकार द्वारा अपने विरोधियों को शांत करने के लिए कई बार ईडी, आईटी, सीबीआई का दुरुपयोग किए जाने को लेकर अब लोग भी समझते हैं कि ऐसा बदले की भावना से किया जाता रहा है। ईडी केवल केंद्र की सनक और मनमर्जियों को लागू करने के लिए काम कर रही है। छगन भुजबल ने कहा कि शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक हमेशा बीजेपी के खिलाफ बोलते हैं, यही वजह है कि उनके यहां छापेमारी की जा रही है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और इलाहाबाद में रहते हैं।)

This post was last modified on December 3, 2020 3:42 pm

जेपी सिंह November 25, 2020
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