30.1 C
Delhi
Friday, September 17, 2021

Add News

गरीब देशों में वैक्सीन को लेकर कोई झिझक नहीं

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

नेचर मेडिसिन नाम के जर्नल में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक टीकाकरण को लेकर विकसित व विकासशील देशों की तुलना में गरीब देशों में झिझक कम है। नए अध्ययन के बाद शोधकर्ताओं ने यह दावा किया है कि एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कई निम्न व मध्यम आय वाले देशों के लोग टीकाकरण को लेकर अधिक सजग हैं और उनमें भ्रम की स्थिति कम है। वहीं यूरोपीय देश अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण में शामिल करने के लिए प्रोत्साहन व सजा का फंडा अपना रहे हैं। 

शोध के मुताबिक निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में 91 फीसदी लोग मानते हैं कि टीकाकरण ज़रूरी है और इसको लेकर उनके मन में बहुत अधिक भ्रम नहीं है। वे पूरी तरह स्पष्ट हैं कि कौन सा टीका लगवाना है और समझते हैं कि टीके का कोई दुष्प्रभाव नहीं है। यहां पर सिर्फ़ 44 फीसदी लोग ही टीके से पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के बारे में सोचते हैं लेकिन ये लोग टीका लगवाने से झिझकते नहीं। शोध के मुताबिक, इन देशों के लोग टीके से जुड़े तमाम सवालों को लेकर सिर्फ़ स्वास्थ्य विभाग के लोगों की राय ही लेते हैं और उस पर भरोसा करते हैं। यही कारण है कि इन देशों में झिझक काफी कम है। यह शोध तब आया है जब इन देशों तक टीकों की पहुंच सीमित है। 

शोध में जून 2020 से जनवरी 2021 तक के आंकड़ों को आधार बनाया गया है। इंटरनेशनल ग्रोथ सेंटर, इनोवेशंस फॉर पोवर्टी एक्शन, डब्ल्यूजेडबी बर्लिन सोशल साइंस सेंटर, द येल इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ, द येल रिसर्च इनिशिएटिव ऑन इनोवेशन एंड स्केल और मास्को की एचएसई यूनिवर्सिटी इस सर्वे में शामिल हुए।  

शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर इन देशों में टीके पहले पहुंचते हैं तो वैश्विक टीकाकरण के लक्ष्य को जल्द हासिल किया जा सकता है। यहां पर टीकों का महत्व लोग अच्छे से समझ रहे हैं ऐसे में यहां जल्द से जल्द लोगों को टीका लगाया जा सकता है। 

सजा और प्रोत्साहन के बावजूद यूरोपीय देशों में टीकाकरण कम 

डेल्टा पर लगाम कसने और अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण में शामिल करने के लिए यूरोपीय देश प्रलोभन और सजा का फंडा अपना रहे हैं। यहां लोगों को टीका लगवाने पर तोहफे देने से लेकर वैक्सीन की डोज समय पर नहीं लेने वालों को जुर्माने की सजा भी दी जा रही है। सबसे पहले यह नीति दक्षिणपंथी सत्ता शासित ग्रीस ने अपनाया। जहां शुक्रवार को एलान किया गया कि सिर्फ़ टीकाकरण प्रमाणपत्र वालों को ही रेस्टोरेंट, बार, कैफे और सिनेमाघरों में प्रवेश मिलेगा। वहीं इन जगहों में घुसने के लिए बच्चों की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य होगा। इसी तरह रूस की राजधानी मॉस्को में भी इस तरह की पाबंदियों को लागू किया गया है। यहां भी रेस्टोरेंट मालिकों को निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें साफ है कि सिर्फ़ टीकाकरण कराने वालों को ही प्रवेश दिया जाए। इसी तरह इटली, फ्रांस और ग्रीस ने खास पेशों के लिए टीकाकरण को अनिवार्य किया है।

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

यूपी में बीजेपी ने शुरू कर दिया सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का खेल

जैसे जैसे चुनावी दिन नज़दीक आ रहे हैं भाजपा अपने असली रंग में आती जा रही है। विकास के...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.