सीजेआई पर हमला करने वाले राकेश किशोर पर उनकी सोसाइटी के लोग ही थाने में दर्ज कराके चुके हैं एफआईआर

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई के ऊपर जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर पर अपने सोसाइटी के लोगों को ही धमकाने और उनके साथ गाली गलौज करने का आरोप है। और इसकी शिकायत खुद उनके सोसाइटी के लोग मयूर विहार पुलिस थाने में कर चुके हैं। 

5 दिसंबर, 2021 को मयूर विहार पुलिस स्टेशन में दर्ज एक एफआईआर सामने आयी है। जिसमें रिवरव्यू अपार्टमेंट के निवासियों द्वारा अपने हस्ताक्षर के साथ राकेश किशोर के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी है। एफआईआर में कहा गया है कि राकेश किशोर ने एक बुजुर्ग शख्स के साथ गाली गलौच की और उन पर हमला किया। इसके साथ ही उसमें आगे कहा गया है कि सोसाइटी के ह्वाट्सएप ग्रुप में भी राकेश किशोर अक्सर लोगों को धमकियां देते रहते हैं। और कई बार तो उनके धर्म को इंगित करके वह इस  काम को करते हैं। सोसाइटी के लोगों ने उन पर नफरत और घृणा फैलाने का भी आरोप लगाया है। 

एफआईआर में कहा गया है कि हम रिवर व्यू अपार्टमेंट, मयूर विहार फेज वन के अधोहस्ताक्षरित लोग बी-602 में रहने वाले राकेश किशोर, जो सोसाइटी के निवासियों को साल भर से ज्यादा समय से धमकाने का काम कर रहे हैं, के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग करते हैं। इस सिलसिले में इसके पहले भी कई बार पुलिस को सूचना दी जा चुकी है।

इससे लगता है कि सोसाइटी के लोगों ने लिखित एफआईआर दर्ज कराने का फैसला तब किया जब पानी सिर से ऊपर चला गया। एफआईआर में लिखा गया है कि ताजा मामला दिलीप कुमार शर्मा से जुड़ा है। जो बेहद बुजुर्ग हैं। उन पर 29 नवंबर, 2021 को राकेश किशोर ने हमला कर दिया। जिसके बाद उन्होंने 100 नंबर पर पुलिस कंट्रोल को फोन किया। लेकिन पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसमें आगे कहा गया है कि किशोर सोसाइटी के ह्वाट्सग्रुप के सदस्य और एडमिन भी हैं। इसका इस्तेमाल करते हुए वह आए दिन धर्म और परिवारों का नाम लेकर सीधे धमकी देने का काम करते हैं। 

सोसाइटी के लोगों ने थानाध्यक्ष से निवेदन करते हुए कहा था कि आपके थाने में यह आवेदन लंबित है और हम आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हैं। जिससे आगे इस तरह के उत्पीड़न और धमकी को रोका जा सके।

हस्ताक्षर करने वालों में 20 से ज्यादा लोग शामिल थे। उन्होंने न केवल अपने हस्ताक्षर किए हैं बल्कि अपने नामों के सामने अपने फ्लैट के नंबर तक दिए हुए हैं। इससे समझा जा सकता है कि राकेश किशोर सामाजिक तौर पर न केवल अवांछित तत्व हैं बल्कि धर्म और समुदाय के नाम पर भी घृणा और नफरत फैलाने का काम करते हैं।

अपने ट्विटर बायो में भी इस शख्स ने अपने प्रोफेशन से ज्यादा खुद को सनातनी और ईश्वर प्रेमी साबित करने की कोशिश की है। खुद को प्राउड हिंदू बताया है। ट्विटर के हेडमास्ट में भी इस शख्स ने विष्णु की फोटो लगा रखी है। 

अपने ट्विटर पर जिस एक ट्वीट को इन सज्जन ने पिन कर रखी है वह उनके बार कौंसिल द्वारा निलंबन की सूचना है और उसके जवाब में उसी खबर को उन्होंने टैग करते हुए लिखा है- कोई पछतावा नहीं, कोई दुख नहीं। इससे समझा जा सकता है कि इस शख्स ने अपने पूरे होशो-हवास में इस घटना को अंजाम दिया है। हालांकि इसके साथ ही इसने इस घटना को दैवीय आदेश और न जाने किन-किन पाखंडों से जोड़ने की कोशिश की है।

(जनचौक की रिपोर्ट।)

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