Saturday, February 4, 2023

society

भारतीय समाज में अवैज्ञानिक परंपरा का साइकोपैथ अवशेष

उच्चतर डिग्री हासिल करके पढ़ा-लिखा होना इस बात का सुबूत नहीं बन जाता कि हम जागरूक भी हैं। जागरूकता तो उस थॉट प्रोसेस से होकर किसी तार्किक निष्कर्ष पर पहुंच पाने से हासिल होती है। पढ़ाई-लिखाई इसमें सहायक हो...

कौन चाहता है टीचर बनना!

सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्य इस कदर बदलते जा रहे हैं कि कभी देवता और गुरु जी कह कर पूजे जाने वाले शिक्षक खिसकते-खिसकते अब सामाजिक जीवन के हाशिये पर चले गए हैं। आदरणीय गुरु जी तेजी से मास्साब में...

डिप्रेशन में देश: समझ कम, इलाज नाकाफी  

यह एक विडम्बना है कि जिस देश की जड़ें तथाकथित आध्यात्मिकता में रहीं हैं, उसके धर्म और आध्यात्मिक ज्ञान उसे नैराश्य और अवसाद का सामना करने में मदद नहीं कर पाए हैं! गीता को विश्व की महानतम धार्मिक और...

जयंती पर विशेष: वर्तमान में नहीं रही प्रेमचंद युग की पत्रकारिता

वाराणसी। प्रेमचंद जी कहते हैं कि समाज में ज़िन्दा रहने में जितनी कठिनाइयों का सामना लोग करेंगे उतना ही वहां गुनाह होगा। अगर समाज में लोग खुशहाल होंगे तो समाज में अच्छाई ज़्यादा होगी और समाज में गुनाह नहीं के...

ग्राउंड रिपोर्ट: मानसून की बेरुखी से बर्बादी के कगार पर खड़े हैं चंदौली के किसान

चंदौलीवाराणसी। आया सावन झूम के... अब सिर्फ सिनेमा और समाज में किंवदंती में बनकर रह ही गया है। उत्तर प्रदेश में धान उत्पादन के बड़े हिस्से में शुमार पूर्वांचल के दर्जनों जनपद सूखे की कगार पर खड़े हैं। खेतों...

जन्मदिन पर विशेष: मसीहाई भी जिसे रास नहीं आई

जिद्दू कृष्णमूर्ति (1895-1986) दक्षिण भारत के छोटे शहर मदनपल्लै में पैदा हुए। छोटी अवस्था में ही थियोसॉफिकल सोसाइटी की अध्यक्ष और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की बड़ी नेत्री एनी बेसेंट ने कृष्णमूर्ति और उनके भाई नित्यानंद की परवरिश की ज़िम्मेदारी...

सरोकारविहीन हो गयी है मौजूदा दौर की पत्रकारिता

दिनेशपुर, उत्तराखंड में अखिल भारतीय लघु पत्र-पत्रिका सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। कुछ समय पूर्व पलाश विश्वास ने पत्रकारिता और साहित्य के संपादन संबधों की चर्चा की थी जिसमें मूल बात यह थी कि रघुवीर सहाय और सव्यसाची...

कोविड-19 ने चौड़ी कर दी है देश और समाज में असमानता की खाई

नव वर्ष आने के साथ कोविड-19 ने फिर से दस्तक देना शुरू कर दिया है। कोविड-19 तथा असमानता के बढ़ने के बीच एक सीधा सम्बन्ध रहा है -ऐसा कोरोना की पहली और दूसरी लहर में स्पष्ट हुआ। दोनों का...

सिविल सोसाइटी सदस्यों ने कहा- हरिद्वार हेट कॉन्क्लेव का सुप्रीम कोर्ट ले संज्ञान

सिविल सोसायटी और वरिष्ठ एक्टिविस्ट और वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह हरिद्वार के हेट कॉन्क्लेव का संज्ञान लेकर यूएपीए के तहत भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। हरिद्वार हेट कॉन्क्लेव के वीडियो...

भारतीय समाज को एकरंगा बनाने की कोशिश बेहद खतरनाक

वाराणसी। तीन दिनों बाद 'प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण' शिविर के समापन पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये कार्यकर्ता इस नारे के साथ अपने घरों को लौट गये कि 'हम होंगे कामयाब एक दिन, मन में है विश्वास...'। साझी...

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गुरमीत राम रहीम के सत्संग और अमृतपाल की खिलाफत: ‘काले दिनों’ के मुहाने पर पंजाब

भारत का सबसे प्रमुख दक्षिणपंथी दल भारतीय जनता पार्टी है और इस वक्त केंद्र की शासन-व्यवस्था नरेंद्र मोदी की...