डॉ. राममनोहर लोहिया का मानना था कि लोकतंत्र की असली ताक़त केवल संसद में नहीं, बल्कि समाज… Read More
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लोकतंत्र को समझने की सबसे बड़ी भूल तब होती है, जब हम समाज और राजनीति के बीच… Read More
एक अंग्रेजी अखबार के ऑप-एड पेज पर छपी एक टिप्पणी के इस शीर्षक ने बरबस ध्यान खींचा-… Read More
कॉकरोच जनता पार्टी के बारे में राजनीतिक चर्चाओं में अब यह स्वाभाविक सवाल उठ रहा है कि… Read More
साहित्य और सत्ता का संबंध हमेशा जटिल, बहुस्तरीय और कभी-कभी विरोधाभासी रहा है। साहित्यकार, जो मूलतः समाज… Read More
पिछले दिनों बेंगलुरु में एक रिटायर्ड शख्स ने खुद अपने हाथों पत्नी को मौत के घाट उतार… Read More
शायद आप ने भी बेबी मंकी ‘पंच’ का वायरल वीडियो देखा हो! यह कहानी जापान के एक… Read More
दुनिया के प्राचीन सभ्यताओं एवं धर्मों में शुमार आज का भारत अपनी समृद्ध परंपराओं, विरासत, संस्कृति की… Read More
विज्ञान, वैज्ञानिक विवेक, कलाएँ और समाज—ये चारों शब्द अपने-अपने क्षेत्र में स्वतंत्र प्रतीत होते हैं, पर गहरे… Read More
‘कोई जाति का सवाल तो नहीं उठाता, लेकिन भेदभाव करते हैं,’ करीब बाइस साल की उस लड़की… Read More