Friday, July 1, 2022

अरुण कुमार त्रिपाठी

जब सरदार पटेल को हुआ था प्लेग

सरदार वल्लभभाई पटेल को यूं ही नहीं लौह पुरुष कहा जाता। आज जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में है तो उनके जीवन के दो प्रसंग आंखों के सामने कौंध जाते हैं जब उन्होंने प्लेग जैसी महामारी का...

प्लेग और गांधी का सत्याग्रह

सन 1904 में दक्षिण अफ्रीका के शहर जोहानसबर्ग से सात मील पूरब कुली बस्ती यानी हिंदुस्तानियों की आबादी में प्लेग फैला था। जोहानसबर्ग की म्युनिस्पलिटी ने इस बस्ती को इसलिए उपेक्षित कर रखा था ताकि यह तबाह हो जाए...

महामारी में विज्ञान और धर्म

कोरोना महामारी के दौर में तबलीगी जमात की नामसझ गतिविधियों ने अपना और देश-दुनिया का जो नुकसान किया है उससे यह बात उजागर हो रही है कि धर्म का कट्टर और संगठित रूप मानवता के लिए कितना घातक है।...

बाजार लाचार, समाज बेहाल, वापस सरकार

इस सदी में तीसरी बार बाजार ने घुटने टेके हैं और सरकारों की वापसी हुई है। पहली बार सरकारों की वापसी तब हुई थी जब 11 सितंबर 2001 को न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड टावर पर आतंकी हमला हुआ था।...

गांधी जी को नहीं हुआ था ‘स्पानी फ्लू’

सन 1918 में महात्मा गांधी बहुत बीमार थे। मरते-मरते बचे थे। ऐसा उनके जीवन में कई बार हुआ था। लेकिन आम धारणा के विपरीत उन्हें पूरी दुनिया में विश्व युद्ध से ज्यादा तबाही मचाने वाली फ्लू की महामारी ने...

महामारी का मायका कहां है?

दुनिया भर के राजनेता और वैज्ञानिक नोबल कोरोना वायरस का मायका ढूंढने में लगे हैं। यह जानते हुए कि वायरस कोई स्त्री नहीं है जिसे जब चाहो तलाक देकर बिना गुजारा और मेहर दिए खदेड़ दो। वह ऐसी व्याहता...

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