बीच बहस ‘पवित्र स्नान’ का दूसरा पहलू : क्या महाकुंभ में सरकारी लापरवाही से लोग बेहद गंदे पानी में नहाते रहे? by सुभाष गाताडे February 24, 2025February 24, 2025 आस्था और गंदगी सहयात्री रहते आए हैं। आस्था के तमाम जाने-माने केन्द्रों पर या अपनी आस्था को… Read More
राजनीति महाकुंभ में त्रासदी! कुंभ के पथ में हिन्दू राष्ट्र की पताका ? by सुभाष गाताडे February 3, 2025February 3, 2025 एक अदद त्रासदी किसी सियासतदां की समूची करियर को हमेशा के लिए गर्त में ले जा सकती… Read More
बीच बहस न्यायपालिका और हिन्दुत्व वर्चस्ववादी परियोजना by सुभाष गाताडे October 31, 2024October 31, 2024 दुनिया में जनतंत्र पर मंडराते खतरों की तरफ हाल के समय में बार-बार लिखा गया है। जानकारों… Read More
राजनीति आहत धार्मिक भावनाओं की बात करने का असली हकदार कौन है? by सुभाष गाताडे October 19, 2024October 19, 2024 क्या किसी दूसरे धर्म के प्रार्थना स्थल में बेवक्त जाकर हंगामा करना या अपने पूजनीय/वरणीय के नारे… Read More
राजनीति नागरिक बना लाभार्थी, अमृत काल की उपलब्धि! by सुभाष गाताडे October 16, 2024October 16, 2024 सूबाई चुनावों का ऐलान हो चुका है, महाराष्ट्र और झारखंड में अगले माह के अंत तक नई सरकार का… Read More
संस्कृति-समाज अलविदा किशोर ! उस दोस्त की याद में ! by सुभाष गाताडे October 8, 2024October 8, 2024 किशोर- जिसे शेष दुनिया किशोर झा के नाम से जानती थी, जो छात्र जीवन में वाम आंदोलन… Read More
राजनीति लचीले हिन्दुत्व के नए रणबांकुरे by सुभाष गाताडे October 4, 2024October 4, 2024 सियासत भी अजीब खेल होता है। अक्सर इस बात का अंदाज़ा भी नहीं लग सकता कि कैसे… Read More
राजनीति भारत में मैकार्थीवाद: अर्बन नक्सल के हौवे की वापसी ! by सुभाष गाताडे July 18, 2024October 16, 2024 ‘मुझे पंडित नेहरू का भाषण याद आ रहा है-“आधी रात को भारत स्वाधीन होगा” 1 जुलाई की… Read More
बीच बहस जब मानवाधिकार आयोग भी पढ़ने लगा मनुस्मृति के कसीदे! by सुभाष गाताडे June 28, 2024June 28, 2024 पिछले एक दशक से जातिगत पदानुक्रम को वैध बनाने और जातिगत उत्पीड़न को पवित्र मानने की प्रवृत्ति… Read More
बीच बहस हिन्दी पट्टी की हृदयस्थली में हिन्दुत्व को मिली शिकस्त के क्या मायने हैं! by सुभाष गाताडे June 10, 2024September 12, 2024 ‘जोर का झटका धीरे से लगे’- किसी विज्ञापन की या किसी गाने में इस्तेमाल यह बात फिलवक्त़… Read More