Sun. May 31st, 2020

बिहार के एकांतवास शिविरों में बढ़ते हंगामों पर हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

1 min read
बांका के एक शिविर में हंगामे का दृश्य।

बिहार के एकांतवास शिविरों में बदइंतजामी और हंगामा की घटनाएं लगातार जारी हैं। समय पर भोजन नहीं मिलने और उसके घटिया होने की शिकायत करने वालों को शिविर से निकाल देने की धमकी भी दी गई है। कायदे से हर शिविर में किसी सरकारी कर्मी को तैनात होना है और वरीय पदाधिकारियों को नियमित निरीक्षण करना है, पर यहां तो एकांतवास शिविर में रखवाने की गुहार का भी कोई असर नहीं हो रहा। बाहर से आए लोगों को शिविर में नहीं रखने और गांव में प्रवेश नहीं करने देने की घटनाएं भी होने लगी हैं।

वे लोग गांव के आस पास के जंगल और निर्जन खेतों में रहने के लिए मजबूर हैं। दैनिक जरूरत के कुछ सामान शिविरों में बांटने के निर्देश का कहीं पालन हुआ है, कहीं नहीं। सुरक्षा और चिकित्सा का ऐसा इंतजाम है कि एकांतवास शिविर के निवासियों और ग्रामीणों के बीच झड़पें हुई हैं। चिकित्सा के अभाव में बूढ़े-बीमारों की मृत्यु हुई है। एक शिविर में कमरा खोलने के लिए रुपए मांगे गए, नतीजतन लोगों ने बरामदा में रात गुजारी। 

Donate to Janchowk
प्रिय पाठक, जनचौक चलता रहे और आपको इसी तरह से खबरें मिलती रहें। इसके लिए आप से आर्थिक मदद की दरकार है। नीचे दी गयी प्रक्रिया के जरिये 100, 200 और 500 से लेकर इच्छा मुताबिक कोई भी राशि देकर इस काम को आप कर सकते हैं-संपादक।

Donate Now

Scan PayTm and Google Pay: +919818660266

इसका संज्ञान पटना हाईकोर्ट ने लिया है और उसने मुख्य सचिव से एकांतवास शिविरों की स्थिति का पूरा विवरण मांगा है। अधिवक्ता पारुल प्रसाद और राजीव रंजन की लोकहित याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और एस कुमार की खंडपीठ ने सुनवाई की और पूरी जानकारी देने का आदेश दिया। अगली सुनवाई की तारीख 22 मई तय की गई है। इधर बिहार विधिक सेवा प्राधिकार ने भी सभी जिला जजों को पत्र लिखकर इन शिविरों पर नजर रखने और वहां की स्थिति के बारे में प्रतिदिन रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है।

इस बीच शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूल शिक्षकों को अपने स्कूल में मौजूद रहने और अगर वहां एकांतवास शिविर है तो उसके संचालन और प्रबंधन में सहयोग करने का निर्देश दिया है। अभी राज्य के करीब छह हजार स्कूलों में शिविर चल रहे हैं और रोजाना करीब एक सौ स्कूलों में नए शिविर खोले जा रहे हैं। शिविर के निवासियों का भोजन बनाने के काम में स्कूलों के रसोइए को लगाने का निर्देश भी दिया गया है। 

अभी एकांतवास शिविरों में भोजन बनाने और आपूर्ति करने का काम पूरी तरह अव्यवस्थित है। कई जगहों पर यह काम ठेके पर हो रहा है और आमतौर पर आसपास के किसी होटल से बनकर आता है। इसलिए कभी काफी देर से पहुंचता है तो कभी बासी दाल भेज दी जाती है। कहीं प्लास्टिक में बांधकर आता है तो कभी बिना ढंके, खुले में आ जाता है। इस सब को लेकर हंगामा हुआ है। हालांकि आरंभ में ही सरकार ने निर्देश दिया था कि भोजन वहीं परिसर में बनाया जाए। 

यही नहीं, पटना जिले के ही दाऊदनगर में दिल्ली से तीन बच्चों और पत्नी के साथ आए एक मजदूर को मकई के खेत में झोपड़ी में रहने के लिए मजबूर कर दिया गया है। वह दिल्ली में रहना कठिन हो जाने पर बाल-बच्चों के साथ पैदल ही चल पड़ा था। रास्ते में एक ट्रक मिली जिससे हाजीपुर तक पहुंचा। वहां से किसी तरह अपने गांव पहुंचा, पर गांव वालों ने गांव में प्रवेश नहीं करने दिया। पंचायत प्रतिनिधि बृजभूषण ने बताया कि उसे एकांतवास शिविर में रखवाने के लिए बीडीओ, सीओ और शाहपुर थानेदार से फोन पर अनुरोध किया, पर कुछ हुआ नहीं। आखिरकार इस परिवार को दियरा में मकई के खेत में बनी एक झोपड़ी में रखा गया है। पटना जिले के ही घोसवारी प्रखंड में कुम्हरा हाईस्कूल एवं कस्तूरबा विद्यालय में बने एकांतवास शिविर में करीब 170 लोग हैं जिन्हें कमरा खाली रहने के बावजूद बरामदा में रहना पड़ा क्योंकि शिविर की देखरेख कर रहे प्रभारी शिक्षक शंभू प्रसाद ने कमरा खोलने के एवज में पैसे मांगे।

इस शिविर में जनरेटर तो हैं, पर उसे चलाया नहीं जाता। सफाई नहीं कराई जाती। इस शिविर में महिलाएं और दुधमुंहें बच्चे भी हैं। फतुहा के शिविर में भी निवासियों ने खानपान में गड़बड़ी की शिकायत करते हुए हंगामा किया। दुल्हिन बाजार प्रखंड के आर्यभट्ट टीचर ट्रेनिंग स्कूल में बने शिविर में करीब 200 लोग हैं। इन्होंने खाने में कीड़ा मिलने और शौचालय की व्यवस्था नहीं होने की वजह से जोरदार हंगामा किया। बीडीओ चंदा कुमारी और अंचलाधिकारी राजीव कुमार पहुंचे और जैसे तैसे हंगामे को शांत कराया।  

इस सबसे अलग समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड के एक शिविर में लौंडा नाच का आयोजन कर डाला। सूचना मिलने पर बीडीओ ने इस शिविर के निवासियों को सरकारी सुविधाओं से वंचित करने का आदेश दिया है। पटना जिले के बख्तियारपुर में एकांतवास शिविर में तैनात कृषि समन्वयक अनुपस्थित पाए गए। उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। 

बांका जिले के बेलहर में शिवलोक शेल्टर होम में बने शिविर में सोमवार को ग्रामीणों और शिविर के निवासियों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई जिसमें कई लोगों को चोटें आईं। बक्सर जिले के मर्सहिया शिविर में भोजन देर से आने पर जमकर हंगामा हुआ। बीडीओ और थानेदार के पहुंचकर समझाने-बुझाकर लोगों को शांत करने में घंटों लगे। रोहतास के पीपीसीएल उच्च विद्यालय के शिविर में कुव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। लोदीपुर गांव के सरकारी स्कूल के शिविर में वहां के निवासियों ने जमकर बवाल काटा। स्कूल का बेंच-डेस्क रखकर सड़क जाम कर दिया। बीडीओ के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। मोतिहारी के ढाका प्रखंड में ग्रामीणों और शिविर के निवासियों के बीच जमकर मारपीट हुई जिसमें एक ग्रामीण और तीन प्रवासी घायल हुए हैं। मधुबनी के लदनिया में भी निवासियों ने जमकर हंगामा किया।

बीडीओ नवल किशोर छाकुर ने कमरे में बंद होकर जान बचाई। प्रवासियों का आरोप था कि उन्हें बासी भोजन परोसा जा रहा है। बहुत कम जगह में बहुत अधिक लोगों को रखा जा रहा है। साफ पानी और शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। अररिया के रानीगंज में भी तेल, साबुन और मास्क नहीं मिलने पर हंगामा किया। पास की सड़क को जाम कर दिया। इस शिविर के निवासियों ने पहले भी सब्जी घटिया मिलने का आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दिया था। वैशाली जिले के जंदहा प्रखंड के शिविर में भी जमकर हंगामा हुआ। इधर मुजफ्फरपुर जिले के मुसहरी प्रखंड में आथर विशुनपुर गांव के शिविर में एक आवासी ने आत्महत्या कर ली। उसकी लाश पास के एक पेड़ पर लटकी मिली। वह कोलकाता से आया था पर घर नहीं जा पाने से निराश था।  

मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड के सिकटियाही हाईस्कूल के शिविर में एक निवासी की मौत हो गई। इस मौत से ग्रामीणों का गुस्सा उबल पड़ा। वे इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। औरंगाबाद में भी एकांतवास शिविर में एक बृध्द निवासी की मौत हो गई। चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि मृतक कोरोना से पीड़ित नहीं था, उसे डायरिया की शिकायत थी। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंन्द्र में भर्ती कराया गया था। वहां स्थिति नहीं सुधरने पर जिला अस्पताल में भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई।

कुल मिलाकर एकांतवास शिविरों की स्थिति हर तरह से बिगड़ती जा रही है। इसे लेकर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सरकार पर हमलावर हुई हैं और यथाशीघ्र शिविरों की स्थिति बेहतर करने की मांग की हैं।

(पटना से वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ की रिपोर्ट।)    

देश दुनिया की अहम खबरें अब सीधे आप के स्मार्टफोन पर Janchowk Android App

Leave a Reply