विगत चार दशकों से हिंदी साहित्य की विभिन्न विधाओं में अपनी प्रभावी और गरिमापूर्ण उपस्थिति दर्ज कराने… Read More
संस्कृति-समाज
रांगेय राघव हिंदी के सर्वोच्च रचनाकारों में से एक हैं। वे विलक्षण रचनाकार थे, जिनके लिए लिखना… Read More
गजानन माधव मुक्तिबोध उन गिने चुने कवियों में थे जिन्होंने विज्ञान और फैंटेसी के आधुनिक तथा कलात्मक… Read More
बाबू जगदेव प्रसाद जी का समय और समाज, दोनों जिन विडंबनाओं से गुजरे हैं और उन्होंने जिस… Read More
“दस का शासन नब्बे पर, नहीं चलेगा, नहीं चलेगा।” “सौ में नब्बे शोषित हैं, नब्बे भाग हमारा… Read More
सबसे पहले उर्मिलेश सर आपको इस बात के लिए शुक्रिया कि आपके चलते मैंने कोई किताब पढ़ी।… Read More
पटना। कोरोना महामारी के दौर में जहां सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियां लगभग ठप हैं, वैसे में ‘कोरस’ ने सामाजिक… Read More
दलितों के शोषण और उसके प्रतिकार पर बनी ‘200: हल्ला हो’ झकझोरने वाली फ़िल्म है। 2004 में… Read More
शब्दों के सामर्थ्य पर अटल विश्वास रखने वाले कवि त्रिलोचन अपनी कविता से स्वयं क्या अपेक्षा करते… Read More
(ऐतिहासिक तौर पर भारतीय सिनेमा ने जहाँ फ़िल्मों के निर्माण में दलितों के श्रम का शोषण किया… Read More