संस्कृति-समाज

दिवाली का आधुनिक कलेवर मुग़ल काल में ही निर्मित हुआ

दिवाली का जश्न पौराणिक के साथ-साथ भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। शास्त्रों में इसे मान्यता भी प्राप्त… Read More

‘बाइज़्ज़त बरी’ किताब की समीक्षा : बेगुनाहों की दर्द भरी दास्तां का दस्तावेजीकरण

इक्कीसवीं सदी की शुरुआत से ही देश के अंदर आतंकवाद की घटनाओं में अचानक इजाफ़ा हुआ और… Read More

‘भील विद्रोहः संघर्ष के सवा सौ सवाल’ यानि जुल्म और प्रतिकार का पहला दस्तावेज

(देश में भीलों की अलग-अलग रूपों में चर्चा होती रही है। इस बात में कोई शक नहीं… Read More

जीते जी किसी के सामने न झुकने वाले मज़रूह को मौत के बाद झुकाने की कोशिश

मजरूह सुल्तानपुरी के गृह जनपद सुल्तानपुर जिसके कुशभवनपुर होंने की चर्चा आम है, में एक पार्क इस… Read More

शख्सियत: गांधी के विचार, विनोबा का सानिध्य और जयप्रकाश का साथ पाए अमरनाथ भाई की दास्तान

सार- -अमरनाथ भाई कहते हैं कि गांधी के विचार, विनोबा का सानिध्य और जयप्रकाश नारायण के साथ… Read More