संस्कृति-समाज

साहित्य के नोबेल विजेता लेखक अब्दुलरज़ाक गुरनाह: अस्तित्व के संघर्ष और अकेलेपन में झांकता उपन्यासकार

अरबी मूल के ‘सफ़ारी’ और अफ्रीका की स्वाहिली मूल के ‘मसाफ़ीरी’ शब्द से बना है प्रचलित स्वाहिली… Read More

बांग्ला दलित साहित्य का शब्दकोश: डॉ. सुरजीत कुमार सिंह

“तुम जितनी ही सीख लो धनुर्विद्या, अर्जुन सदा तुम्हारा अगूंठा काटता ही रहेगा। क्योंकि उसके सिर पर… Read More

मातृसत्ता बनाम पितृसत्ता : ऐतिहासिक विवेचन

किसी भी समाज में व्यक्ति की पदस्थिति और भूमिका सम-सामायिक सामजिक मूल्यों तथा आदर्शों पर आधारित होती… Read More

जाने-माने शायर डॉ मनोहर सहाय ‘अनवर’की रचनाएं अब ‘कलाम-ए-अनवर’ में

उर्दू शायरी की जानी-मानी शख़्सियत डॉ मनोहर सहाय ‘अनवर’ (1900-1974) की रचनाओं को अब ‘कलाम-ए-अनवर’ में पढ़ा… Read More

खोई हुई परंपरा को सामने लाना स्त्रीवादी आलोचना की जिम्मेदारी

हिंदी साहित्य का इतिहास लिखे जाने के क्रम में महिला साहित्यकारों और उनके साहित्य की कई तरह… Read More

पुण्यतिथि पर विशेष: एक सच्चे अम्बेडकरवादी थे भगवान दास

                   भगवान दास का जन्म 23 अप्रैल, 1927 को जुतोग छावनी, शिमला (हिमाचल प्रदेश) में रहने वाले… Read More