संस्कृति-समाज

मोहन राकेश ने दी हिंदी नाटकों को एक नई पहचान

मोहन राकेश हिंदी साहित्य के उन चुनिंदा साहित्यकारों में हैं जिन्हें ‘नयी कहानी आंदोलन’ का नायक माना… Read More

जन्मदिन पर विशेष: करिश्माई और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे कमलेश्वर

कमलेश्वर एक बहुआयामी प्रतिभा से संपन्न साहित्यकार थे। कमलेश्वर ने उपन्यास, कहानी, नाटक, संस्मरण, पटकथा विधाओं में… Read More

सावित्री बाई फुले ने शैक्षिक क्रांति की मशाल से मोड़ दी महिलाओं के इतिहास की धारा

दलित अधिकारों के लिए फुले-अंबेडकरवादी आंदोलन ने बहुजन समुदाय के संघर्ष और उत्थान की कल्पना की, जिसमें… Read More

साबित्रीबाई फुले: महिला सशक्तिकरण की पहली सूत्रधार

महाराष्ट्र के लोकसमाज में सावित्रीबाई फुले का जीवन स्त्रियों के लिए सदैव प्रेरणास्पद रहा है। उनका जीवन… Read More

नये चिंतन, विचार और ज्ञान की सर्जक थीं सावित्री बाई फुले

सावित्रीबाई फुले का व्यक्तित्व बहुआयामी है। वह महान शिक्षिका, बहुजनों और महिलाओं की मुक्ति के लिए संघर्ष… Read More

सफदर स्मृति दिवस: ‘लड़ें तो जीत भी सकते हैं, ना लड़ें तो हार तय है’!

हम सब कॉमरेड सफदर हाशमी के पार्थिव शरीर की अंत्येष्टि के लिए दिल्ली में यमुना तट पर… Read More

सीएए विरोधी आंदोलन का जिंदा दस्तावेज है भाषा सिंह की नई किताब ‘शाहीन बाग: लोकतंत्र की नई करवट’

नई दिल्ली। दिल्ली स्थित प्रेस क्लब में बृहस्पतिवार को वरिष्ठ पत्रकार और लेखिका भाषा सिंह की नई… Read More

स्मृति दिवस: मामा बालेश्वर ने कराया था रियासतों में बेगारी प्रथा और स्वतंत्र भारत में जागीरदारी प्रथा का खात्मा

मामाजी बालेश्वर दयाल जी का 26 दिसंबर को 23 वां स्मृति दिवस है। आज 25 दिसंबर की… Read More