संस्कृति-समाज

जन्मदिन विशेष: साहिर के नग़मों में सियासी और समाजी नज़रिया

साहिर लुधियानवी को अपनी नज़्मों से देश-दुनिया में ख़ूब मक़बूलियत मिली। अवाम का ढेर सारा प्यार मिला।… Read More

रेणु का कथा साहित्य : कस्बाई एवं ग्राम्य जीवन के संघर्षों का सांस्कृतिक महा-आख्यान

स्वातंत्र्योत्तर भारत के निर्विवाद आंचलिक उपन्यासकार फणीश्वर नाथ रेणु का साहित्य आज़ादी के बाद दम तोड़ते निम्न… Read More

‘जीते जी इलाहाबाद’: जहां जमुना के छलिया जल जैसे सत्य से आँखें दो-चार होती हैं!

दो दिन पहले ही ममता कालिया जी की किताब ‘जीते जी इलाहाबाद’ प्राप्त हुई, और पूरी किताब… Read More

भंवर मेघवंशी की यात्राएं: सच की तलाश और प्रकृति से साक्षात्कार

‘मैं कारसेवक था’ जैसी कृति से खासतौर पर चर्चित हुए पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी का… Read More