अख़तर पयामी इस बर्रे सग़ीर के (हिंद उपमहाद्वीप) बड़े सहाफ़ी, अज़ीम दानिश्वर और अवामी शायर थे। जिनकी… Read More
संस्कृति-समाज
बकौल खुद – ‘मेरा विश्वास है कि कथ्य और शिल्प अलग नहीं है। दोनों की सांघातिक इकाई… Read More
‘मेरी आवाज़ सुनो’ तरक़्क़ीपसंद तहरीक से वाबस्ता रहे शायर-नग़मा निगार कैफ़ी आज़मी की जीवनी है। जिसमें इस… Read More
पारसी रंगमंच, 19वीं शताब्दी के ब्रिटिश रंगमंच के मॉडल पर आधारित था। इसे ‘पारसी रंगमंच’ इसलिए कहा… Read More
अपनी बात शुरू करने से पहले एक बात मैं यह स्पष्ट कर दूँ कि कविता की समीक्षा/आलोचना… Read More
पिछली सदी का आखिरी दशक भारतीय समाज, राजनीति और मीडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। इस… Read More
अल्योशा यानी अलिक्सेय मक्सिमाविच पेशकोफ यानी मैक्सिम गोर्की पीड़ा और संघर्ष की विरासत लेकर पैदा हुए। उनके… Read More
वह एक कविता थे, लंबी सी इक तस्वीर थे, खूबसूरत सी वह एक कहानी थे, सुंदर सी… Read More
हिंदी के अप्रतिम लेखक विनोद कुमार शुक्ल के ऑडियो और वीडियो से उनके प्रकाशकों द्वारा उनका शोषण… Read More
यह किताब हिमालय में निवास करने वाली राजी जनजाति की परंपरागत जीवन शैली की अंतिम सांसें गिनने… Read More