बीच बहस

लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक सत्ता-हवस और कॉर्पोरेटी धन-हवस का इलाज मतपेटी में है

यह मान लेना चाहिए कि किसानी की समस्याओं को ठीक से समझने के प्रति हमारी राज्य-व्यवस्था कभी… Read More

“दिल्‍ली की ‘किलेबंदी’ से सवाल उठता है कि मोदी सरकार किसानों से इतनी डरती क्‍यों है?”

सर्दियों में आठ-दस लोग एक जगह इकट्ठे हों और गर्मागर्म चाय की चुस्कियां ले रहे हों तो… Read More

भीमा कोरेगांव मामले में गौतम नवलखा को दी गई जमानत पर हाई कोर्ट की रोक मार्च तक बढ़ा दी गयी

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दायर याचिका के बाद भीमा कोरेगांव मामले में पत्रकार… Read More

खेल-खेल में, क्या खेल हुआ! लोकतंत्र क्या, फेल हुआ!

नौवीं बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने हैं। बिहार विधान सभा के अंदर सरकार में विश्वासमत के प्रति… Read More

रोजी-रोजगार विमुख लाभार्थी योजना कल्याणकारी नहीं है, न सेंगोल ही संवैधानिक न्याय का प्रतीक है

सत्रहवीं लोक सभा का अवसान हो चुका है। याद करें तो, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई जा… Read More

भारत जोड़ो न्याय यात्रा और बुलडोजर न्याय के साए में होने वाले आम चुनाव का महत्व ?

सामने है-2024 का आम चुनाव। चुनावी माहौल में चल रही है भारत जोड़ो न्याय यात्रा। अचरज की… Read More