चार दशकों से भी ज़्यादा समय तक जेएनयू में इतिहास की शिक्षक मृदुला मुखर्जी ने द वायर… Read More
बीच बहस
साम्प्रदायिक हिंसा भारतीय राजनीति का अभिशाप है। यह सौ वर्ष से अधिक पुरानी है। इसके अधिकांश अध्येताओं… Read More
भारत के वस्तुतः हिंदू राष्ट्र बनने की अवधारणा—एक ऐसा राष्ट्र जहाँ शासन, कानून और समाज में हिंदू पहचान… Read More
रावण को बुराई का प्रतीक जरूर मान लिया गया है लेकिन आज ऐसे अनेक लोग हैं जो… Read More
विडम्बनाएं भी कभी-कभी इतनी विडम्बनामयी दुविधा में फंस जाती हैं कि एक काव्यात्मक त्रासदी का रूप धारण… Read More
हम आज भगत सिंह की 118वीं जयंती मना रहे हैं। भगत सिंह और उनके साथी ऐसे व्यक्तित्व हैं… Read More
भारतीय समाज में अनेक असमानताएं व्याप्त हैं। कुछ ऐसी ताकतें हैं जो भारतीय संविधान का ही अंत कर… Read More
मेरा यही मानना है। सोनम वांगचुक की आवाज को अनसुना करना संभव नहीं है। लद्दाख के लोग… Read More
मिथकों से विज्ञान तक एक ऐसी सोच-उड़ान है जो हमें प्राचीन कथाओं से लेकर आज के वैज्ञानिक… Read More
भारत में लोकतंत्र की नींव प्रत्येक वयस्क नागरिक के मताधिकार पर टिकी है। आजादी के बाद से… Read More