राष्ट्रवाद, ऐसा शब्द जो समय-समय पर सत्ता के खेल में सबसे प्रभावशाली हथियार बनकर उभरता है। इतिहास… Read More
बीच बहस
हिंसक, अनैतिक और आधी अधूरी दुनिया में इसी तरह का शर्मनाक और हास्यास्पद नाटक चलेगा जैसा कि… Read More
गाय पिछले तीन दशकों से भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण भावनात्मक मुद्दा बनी हुई है। गाय को… Read More
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 6A की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा… Read More
फासीवाद, जो कि 20वीं सदी में यूरोप में उभरी राजनीतिक परिघटना थी, आज के भारतीय राजनीतिक परिदृश्य… Read More
शम्बूक को लेकर अनेक रामकथाओं में दर्ज प्रसंग से रूप में थोड़ा अलग किन्तु सार में यथावत… Read More
इस वर्ष के अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार से उस शोध को सम्मानित किया गया है, जो अमीर… Read More
पिछले वर्ष ग्लोबल हंगर इंडेक्स (वैश्विक भूख सूचकांक- जीएचआई) के आंकड़ों पर देश, विपक्ष और मीडिया ने… Read More
डा. बाबासाहेब भीम राव अंबेडकर ने सबसे पहले 1927 में महाड़ तालाब सत्याग्रह के दौरान धर्म परिवर्तन… Read More
पूंजीपतियों ने सामंती और पारंपरिक व्यवस्था को तोड़ते हुए एक नई औद्योगिक व्यवस्था की स्थापना की। इस… Read More