आंदोलन: संविधान बचाओ दिवस के रूप में गूंजी चुनाव प्रक्रिया विश्वसनीयता की बहाली की मांग

मिर्ज़ापुर, उत्तर प्रदेश। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इन दिनों लगातार चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता की बहाली की मांग को लेकर मौजूदा भाजपा गठबंधन सरकार, ख़ासकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को घेरते हुए आए हैं। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा माले) ने भी अपना समर्थन उन्हें देते हुए चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता की बहाली की पुरज़ोर मांग की है। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में भी इस मुद्दे को लेकर आवाज़ तेज़ हो रही है। शनिवार को भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा माले) ने मिर्ज़ापुर में विरोध जुलूस निकाला और नुक्कड़ नाटक सभा कर केंद्र सरकार को घेरते हुए डाटा चोरी का आरोप लगाया।

दरअसल, इन दिनों राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी निर्वाचन प्रणाली, विशेषकर वोटर लिस्ट और वोट चुराने (vote chori) को लेकर अपनी चिंता और विरोध व्यक्त कर रहे हैं। यह किसी विशेष चुनाव लड़ने का आह्वान नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता की बहाली की मांग है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि 2024 का लोकसभा चुनाव और हाल की महाराष्ट्र की विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की गई है, भौतिक वोटिंग में हेरफेर और “एक करोड़ रहस्यमयी वोटर” जैसी अनियमितताएं देखने को मिली हैं।

उन्होंने (राहुल गांधी) इन आरोपों को “धांधली नहीं, बल्कि औद्योगिक-स्तर की धोखाधड़ी” बताया है। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग (EC) से इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है और कहा कि उनके पास 100% सबूत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को छोड़ेंगे नहीं, यानी आरोप लगाने में वे पीछे नहीं हटेंगे। उनकी कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया है—”vote chori” के खिलाफ जागरूकता और नागरिकों को मतदाता पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मुंबई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदान सूची की त्रुटियों के विरोध में प्रदर्शन भी किए।

वहीं दूसरी ओर भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया है, साथ ही चुनाव आयोग के प्रति उनका अविश्वास दिखाने पर उन्हें इस्तीफे की सलाह दी है।

हालांकि EC ने राहुल गांधी को एफ़िडेविट (शपथ पत्र) के ज़रिये सबूत पेश करने की चुनौती दी है, जिस पर कांग्रेस नेतृत्व अब प्रणाली की पारदर्शिता पर सार्वजनिक बहस कर रहा है। पूर्व विधायक व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भगवती प्रसाद चौधरी कहते हैं कि “राहुल गांधी ‘चुनाव कर’ इसलिए कह रहे हैं क्योंकि वे मानते हैं कि चुनावी प्रक्रिया अदृश्य शक्ति द्वारा प्रभावित हो रही है और निर्वाचन प्रणाली मर चुकी है। इसलिए उन्हें नया, पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव करवाने की ज़रूरत महसूस हो रही है, ख़ासकर वोटर लिस्ट और प्रक्रिया की विश्वसनीयता को लेकर।”

चुनाव कर, गद्दी छोड़ो के नारों की गूंज

चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता की बहाली की मांग को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा माले) ने शनिवार को मिर्ज़ापुर नगर के रामबाग से विरोध जुलूस निकाला, जो रामबाग, वासलीगंज होते हुए घंटाघर पहुंचकर नुक्कड़ सभा के रूप में तब्दील हो गया। सभा में मिर्ज़ापुर के अलावा सोनभद्र, चंदौली जनपदों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। नुक्कड़ सभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा किए गए खुलासे का समर्थन करते हुए मुख्य वक्ता एवं संगठन के राज्य सचिव सुधारक ने कहा, “यह सरकार आवाम के मौलिक अधिकारों पर डाका डालते हुए उनकी मौलिकता को छीनने पर आमादा है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनावी डाटा चोरी का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार की नींद उड़ा दी है। आखिरकार, सरकार क्यों राहुल गांधी से घबराई हुई है?”

कामरेड जीरा भारती ने कहा, “देश की मौजूदा सरकार संविधान को खत्म करने पर तुली हुई है। यह सरकार एक-एक कर संवैधानिक व्यवस्थाओं को ध्वस्त करती आ रही है।”

नुक्कड़ नाटक सभा से पूर्व जुलूस में जिले के कोने-कोने से आए हुए लोगों ने हाथों में “चुनाव कर, गद्दी छोड़ो”, “आज़ादी बचाओ—संविधान बचाओ”, “लोकतंत्र बचाओ” इत्यादि के नारे लगाते हुए चल रहे थे। हाथों में “संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ” लिखी हुई तख्तियां लिए चल रहे भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि आखिरकार क्यों यह सरकार हर एक मुद्दे पर घिरती हुई आई है? अनिल पासवान, सुरेश कोल, नंदलाल यादव, दुर्जन गोड़ ने कहा, “भ्रष्टाचार समाप्त करने का वायदा कर सरकार बनाने में कामयाब होने के बाद बीजेपी सरकार भ्रष्टाचार तो समाप्त नहीं कर सकी है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों को नष्ट करते हुए अपना एक छद्म राज्य कायम करती आ रही है। सत्ता में बने रहने के लिए यह सरकार उन पारदर्शी व्यवस्थाओं को भी समाप्त करती आई है, जिससे लोगों का इस सरकार और इसकी निष्पक्षता से भरोसा उठने लगा है।”

जन अभियान के ज़रिये किया जाएगा जागरूक

केंद्र की भाजपा गठबंधन सरकार की जन-विरोधी नीतियों, चुनावी डाटा चोरी सहित उन तमाम मुद्दों को लेकर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा माले) ने जन अभियान चलाया है, जो 15 अगस्त तक अनवरत जारी रहेगा। इसके तहत संगठन के लोग गांव-गांव, घर-घर जाकर लोगों को ‘चुनाव कर, गद्दी छोड़ो—आज़ादी बचाओ, संविधान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस’ का नारा बुलंद करते हुए इसकी सार्थकता भी बताएंगे।

(मिर्ज़ापुर से संतोष देव गिरी की रिपोर्ट)

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