Saturday, January 22, 2022

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कोरोना के ओमिक्रोन वैरियंट्स को लेकर तमाम राज्यों में अलर्ट, 9 देशों में फैला

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कोरोना के दक्षिण अफ्रीकी वैरियंट्स ओमिक्रॉन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ख़तरनाक बताया है और इसे ‘बेहद संक्रामक चिंताजनक स्वरूप’ करार दिया है। वहीं दुनिया के तमाम देश इसके संक्रमण से बचने को लेकर सतर्क हो गए हैं। ओमिक्रॉन वैरिएंट के संक्रमण के रफ्तार को देखकर वैज्ञानिक और सभी देश काफी चिंतित है। वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल इस वैरिएंट पर वैक्सीन कितनी असर कर रहा है इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। 

ओमिक्रोन वैरिएंट पिछले चार दिनों में 9 देशों तक पहुंच गया है। इनमें दक्षिण अफ्रीका, इजराइल, इटली, हॉन्गकॉन्ग, बोत्सवाना, बेल्जियम, जर्मनी, चेक रिपब्लिक और ब्रिटेन शामिल हैं। 

शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस वैरिएंट के ख़तरे को भांपते हुए हाई प्रोफाइल मीटिंग ली और अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लिए फैसले की फिर से समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। 

क्या है ओमिक्रोन वैरिएंट

इस नए वेरिएंट का पता दक्षिण अफ्रीका ने लगाया है। इसका औपचारिक नाम  B.1.1.529 है। इसे कोरोना का अब तक का सबसे ज़्यादा म्यूटेटेड वर्जन कहा जा रहा है। WHO ने इस वैरिएंट को ओमिक्रॉन का नाम दिया है। विशेषज्ञों की मानें तो इस वायरस के कई म्यूटेशन हैं जिसके कारण इसके काम करने का तरीका अन्य वैरिएंट से अलग है। 

क्यों है अन्य वैरिएंट से ख़तरनाक 

दक्षिण अफ्रीका में सेंटर फॉर एपिडेमिक रिस्पाॉन्स एंड इनोवेशन के विशेषज्ञों के अनुसार, ओमिक्रॉन में कोरोना के अन्य स्ट्रेन के मुताबिक बहुत ज्यादा म्यूटेशन है। इस वेरिएंट का अब तक 50 म्यूटेशन का पता लगाया जा सका है और स्पाइक प्रोटीन पर 30 से ज़्यादा म्यूटेशन मिले। अधिकांश टीके इसी पर काम करते हैं और इसी से वायरस हमारे शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश करता है। म्यूटेशंस यानी वायरस की मूल जीनोमिक संरचना में होने वाले बदलाव। यह बदलाव ही जाकर वायरस को नया स्वरूप देते हैं, जिसे वैरिएंट कहते हैं।

‘ओमिक्रॉन’ कोरोना के डेल्टा वेरिएंट्स से काफी ज्यादा ख़तरनाक है। ‘ओमिक्रॉन’ में 30 से ज्यादा म्यूटेशन मिले हैं जबकि डेल्टा वेरिएंट में करीब 15 म्यूटेशन मिले थे, इसलिए यह डेल्टा से बहुत ज्यादा संक्रामक है। WHO ने इसे ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ की कैटेगरी में डाला है। वैरिएंट ऑफ कंसर्न वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट की तुलना में ज्यादा संक्रामक होता है। साथ ही वैरिएंट ऑफ कंसर्न ब्रेकथ्रू केसेज को बढ़ा सकता है और वैक्सीन के असर को भी कम कर सकता है। अभी तक WHO ने कोरोना वायरस के चार वैरिएंट्स- अल्फा, बीटा, गामा और डेल्टा को वैरिएंट ऑफ कंसर्न घोषित किया है। ये चारों वैरिएंट अलग-अलग देशों में तबाही मचा चुके हैं। भारत में भी कोरोना की दूसरी लहर डेल्टा वैरिएंट की वजह से ही आई थी।

अब तक 9 देशों में फैल चुका है वैरिएंट

वायरस का ये नया स्ट्रेन दक्षिण अफ्रीका से शुरू होकर अब तक 8 देशों तक पहुंच चुका है। इन देशों में दक्षिण अफ्रीका, इजराइल, इटली, हॉन्गकॉन्ग, बोत्सवाना, बेल्जियम, जर्मनी, चेक रिपब्लिक और ब्रिटेन शामिल हैं। हालांकि कई देश इन देशों में यात्रा प्रतिबंध लगाकर वायरस के संक्रमण के चेन को तोड़ने की कोशिश में लगे हुए हैं। राहत की बात ये है कि अब तक इस वेरिएंट का एक भी मामला भारत में नहीं आया है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने ‘प्रोटेक्टिव’ मोड में रहने की सलाह दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल शनिवार को ओमिक्रॉन को लेकर एक बैठक की थी। इसमें उन्होंने कहा कि हमें ‘प्रोएक्टिव’ रहने की आवश्यकता है। साथ ही संभावित ख़तरों को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों से अंतरराष्ट्रीय यात्रा प्रतिबंधों में ढील देने की योजना की समीक्षा करने को भी कहा। प्रधानमंत्री ने लोगों से ज्यादा सतर्क रहने, मास्क पहनने और उचित दूरी सहित बचाव के सभी उपायों का पालन करने की भी अपील की है। 

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि मोदी ने नए वैरिएंट को देखते हुए ‘प्रोएक्टिव’ रहने की आवश्यकता के बारे में बताया। पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर समीक्षा करने को कहा है। उन्होंने बैठक में कहा कि जिन देशों से नए वैरिएंट फैलने का ख़तरा है उन्हें अलग से चिह्नित किया जाए। साथ ही उन्होंने विशेष ध्यान देते हुए सभी अंतरराष्ट्रीय आगमन की निगरानी और दिशानिर्देशों के अनुरूप यात्रियों की जांच की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री को देश में कोरोना के ताज़ा हालात के बारे जानकारी दी गई। इस सिलसिले में पीएम ने निर्देश दिया कि जीनोम सीक्वेंसिंग के नमूने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और समुदाय से नियमों के अनुसार एकत्र किए जाएं, उनकी आईएनएसएसीओजी (इंडियन सार्स-कोविड-2 कंसोर्टियम ऑन जिनोमिक्स) के तहत पहले से स्थापित प्रयोगशालाओं के नेटवर्क और कोविड-19 प्रबंधन के लिए चिह्नित शुरुआती चेतावनी संकेत के जरिए जांच की जाए। 

भारत के तमाम राज्यों में अलर्ट जारी 

कोरोना के ओमिक्रोन वैरियंट्स को लेकर तमाम राज्यों में अलर्ट जारी हो गया है। कम से कम चार राज्यों ने प्रभावित देशों से आने पर आरटीपीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया है।

कर्नाटक में धारवाड़ मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की संख्या 281 हो गई है। इस बीच बेंगलुरु में 2 दक्षिणी अफ्रीकी नागरिकों के ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित होने की ख़बर मिलने से लोगों में घबराहट बढ़ गई है। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। दोनों संक्रमित नागरिकों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इससे पहले कर्नाटक सरकार ने विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। 

ओमिक्रोन स्ट्रेन को लेकर उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को टालने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए गाइडलाइंस जारी कर सकती है। इसी बीच स्वास्थ्य विभाग ने धार्मिक स्थलों से जुड़े जिलों में सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। 

केरल की सरकार ने बताया है कि, राज्य में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। हालांकि अब तक राज्य में इस तरह का कोई मामला नहीं आया है इसलिए चिंता की बात नहीं है। 

मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विश्वास सारंग ने अपनी तैयारियों पर कहा है कि, राज्य सरकार इस हालात पर नज़र बनाए हुए है। 

महाराष्ट्र में, साउथ अफ्रीका से मुंबई आने वाले सभी यात्रियों को क्वारंटाइन रहना होगा। इन पैसेंजर्स के सैंपल कलेक्ट करके उन्हें जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए भी भेजा जाएगा।

उत्तराखंड में चीफ मिनिस्टर पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य सचिव, डीजीपी और हेल्थ सेक्रेटरी से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि राज्य के सभी सार्वजनिक स्थानों पर कोविड नियमों का पालन हो। 

महाराष्ट्र में बैठक

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज शाम साढ़े पांच बजे बैठक बुलाई है। महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना पर जो टास्क फोर्स बनाई है उसने दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों को 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन करने की सलाह दी है। महाराष्ट्र सरकार ये भी चाहती है कि दक्षिण अफ्रीका से आने वाली फ्लाइट पर रोक लगे। इस बैठक में डिविजनल कमिश्नर और कलेक्टर शामिल होंगे। 

जो जानकारी सामने आ रही उसके मुताबिक, राज्य सरकार केन्द्र से यह दरख्वास्त करने वाली है कि अफ्रीकी देशों से जो फ्लाइट आने वाली है उस पर फौरन रोक लगाई जाए। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की तबियत खराब है लेकिन वह अस्पताल से ही ऑनलाइन के जरिए इस बैठक में हिस्सा लेंगे।

 दिल्ली में एलर्ट जारी

दिल्ली में उपराज्यपाल अनिल वैजल ने शनिवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने कहा कि, सार्वजनिक स्थानों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पतालों में इंतजाम बेहतर हो। 

वहीं दिल्ली सरकार ने विशेषज्ञों से सुझाव मांगा है। इस संबंध में हार्ट और कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. नरेश त्रेहन से नए ‘Omicron’ वैरिएंट पर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी और कहा कि वैक्सीन की इम्यूनिटी पर निर्भर न रहें। आशंका है कि कहीं यह नया वैरिएंट वैक्सीन से मिली रोग प्रतिरोधक क्षमता पर हावी न हो जाए। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कोविड के इस नए वैरिएंट का आरटीपीसीआर के जरिए पता लगाया जा सकता है।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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