Subscribe for notification

हरिद्वार कुंभ में फूटा ‘कोरोना बम’

सात अप्रैल से देश में लगातार कोविड-19 संक्रमण के एक लाख से अधिक मामले दर्ज़ किए जा रहे हैं। 12 अप्रैल को देश में संक्रमण के 1, 68,912 नये मामले दर्ज़ किए गए थे और 904 लोगों की मौत कोरोना से हुई। वहीं 11 अप्रैल को संक्रमण के 152,879 नये मामले और 10 अप्रैल को 145,384 नये मामले दर्ज़ किए गए थे।

उत्पादन में कमी और निर्यात के चलते कोरोना के रोकथाम में असरदार रेमडेसिविर की भारी कमी हो गई है। मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु, अहमदाबाद जैसे शहरों से प्रवासी मजदूर लॉकडाउन की आशंका के चलते वापस अपने गांव की ओर लौटने लगे हैं।

वहीं उत्तराखंड के हरिद्वार में लगे कुम्भ में लोगों की अधिकाधिक भागीदारी के लिए तमाम चैनलों पर सरकारी विज्ञापन श्रद्धालुओं को पाप धोने के लिए हरिद्वार कुम्भ मेला में बुला रहे हैं। और लोग पहुंच भी रहे हैं।

लेकिन उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित हो रहे महाकुंभ में परसों 11 अप्रैल रविवार को कोरोना बम फूटा। रविवार को कुम्भ मेले में 401 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिसमें अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि सहित जूना अखाड़े के करमा गिरी और जूना अखाड़े के नितिन गिरी भी शामिल हैं। जबकि अभी भी कई बड़े साधु संतों की कोरोना की रिपोर्ट आनी बाकी है।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के ख़तरे को देखते हुए मेला स्वास्थ्य विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर कोरोना की टेस्टिंग की जा रही है। उसमें सभी अखाड़ों के साधु-संत भी शामिल हैं।

कुंभ मेले से पहले सरकार ने कहा था कि मेले में उन्हीं को आने की अनुमति दी जाएगी जिनकी कोविड-19 रिपोर्ट नेगेटिव होगी और मेले में शिरकत करने वालों को कोरोना के कारण लागू किए गए सभी दिशा निर्देशों का पालन करना पड़ेगा। लेकिन मेले में आए कई जाने माने साधु-संतों समेत कई लोग कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं।

वहीं हरिद्वार कुम्भ में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के बीच कल शाही स्नान पर्व पर लाखों लोगो ने गंगा में डुबकी लगाई है।

बता दें कि सोमवार और बुधवार को कुंभ के दिन बड़ा शाही स्नान है। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद अखाड़े और आश्रमों के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों में भी कोरोना संक्रमण होने का ख़तरा बढ़ गया है। जूना, निरंजनी अखाड़े, बैरागी अखाड़ों के संतों के कोरोना पॉजिटिव होने से शाही स्नान में ये सभी प्रमुख संत शामिल नहीं हो पाएंगे लेकिन पिछले दिनों इन संतों के संपर्क में आए साधु संतों, राजनेताओं, आम लोगों और अधिकारियों में चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना पॉजिटिव संतों के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग कर रहा है।

आरएसएस प्रमुख कोरोना संक्रमित

9 अप्रैल शुक्रवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत कोरोना संक्रमित पाए गए थे। जिसके बाद उन्हें नागपुर के किंग्सवे अस्पताल के कोविड-19 वॉर्ड में भर्ती कराया गया।

जबकि 6 मार्च को मोहन भागवत ने कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक लगवाई थी। भागवत और संघ के सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी ने नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में टीके की पहली खुराक लगवाई। इसी दिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उनकी पत्नी ने भी इंस्टीट्यूट में टीके की पहली खुराक़ ली थी।

गौरतलब है कि मोहन भागवत 4 अप्रैल को हरिद्वार कुम्भ पहुंचकर हरि की पौड़ी में गंगा स्नान किया था। जगद्गुरु रामभद्राचार्य से मिले थे। हरिद्वार में दोनों लोगों की मुलाकात करीब 45 मिनट तक चली थी।

कुम्भ में कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं

कोविड-19 के सेकेंड वेव के मद्देनज़र स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञों ने कार्यक्रम को रद्द करने की अपील की थी लेकिन सरकार ने ये कहते हुए मेले के आयोजन की अनुमति दी कि कोरोना के मद्देनज़र जारी किए गए सभी दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा। लेकिन जैसे विजुअल्स हरिद्वार से आ रहे हैं वो बताते हैं कि कोरोना गाइडलाइंस की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। सोमवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि नदी के घाटों पर सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों को लागू कर पाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो रहा है।

वहीं कुंभ मेला आईजी पुलिस संजय गुंजयाल ने मीडिया से कहा कि “हम लोगों से लगातार कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए नियमों का पालन करने की अपील कर रहे हैं। लेकिन यहां काफी भीड़ है और चालान करना असंभव है”।

उन्होंने आगे कहा कि अगर पुलिस जबरन लोगों को घाटों पर सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का पालन करने के लिए कहती है तो यहां पर “भगदड़ जैसी स्थिति पैदा” हो सकती है।

यही कारण है जिससे कि कुम्भ मेले में कोरोना विस्फोट हुआ है। और यहां से ये कोरोना देश के दूसरे हिस्सों में भी जायेगा।

1 अप्रैल से शुरु हुआ हरिद्वार कुम्भ मेले में कल सोमवती अमावस्या का शाही स्नान का दिन था। हिंदू श्रद्धालुओं के बीच इस दिन गंगास्नान करने को बेहद पवित्र माना जाता है और बड़ी संख्या में लोग नदी में डुबकी लगाने पहुंचते हैं। आज शाही गंगास्नान के बाद चिंता जताई जा रही है कोरोना संक्रमण श्रद्धालुओं के बीच तेज़ी से फैल सकता है और ये भी संभव है कि ये वायरस यहां से लौटने वाले श्रद्धालुओं के साथ उनके गांवों और शहरों तक पहुंचे।

जबकि देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का हमला जारी है। तमाम मीडिया रिपोर्टों के अनुसार देश के कई जगहों में अस्पतालों में बेड की कमी है। कई जगहों से जीवन रक्षक रेमडेसिविर दवाओं की भारी कमी की ख़बरें हैं।

महाराष्ट्र में स्थिति अधिक भयावह है। कोरोना के तेज़ी से बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए महाराष्ट्र में रात का कर्फ्यू समेत कई पाबंदियां लगाई गई हैं। राज्य में लॉकडाउन लगाने को लेकर भी चर्चा जारी है और इस मुद्दे पर प्रदेश के मुख्यमंत्री और आला अफ़सरों की बैठकों का दौर जारी है। वहीं देश की राजधानी दिल्ली में भी रात का कर्फ्यू लगाया गया है। उत्तर प्रदेश में अप्रैल के आख़िर तक स्कूल बंद करने की घोषणा की गई है। ऐसी स्थिति में कुंभ मेले के आयोजन को इजाज़त दिए जाने का क्या तुक बनता है?

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

Donate to Janchowk!
Independent journalism that speaks truth to power and is free of corporate and political control is possible only when people contribute towards the same. Please consider donating in support of this endeavour to fight misinformation and disinformation.

Donate Now

To make an instant donation, click on the "Donate Now" button above. For information regarding donation via Bank Transfer/Cheque/DD, click here.

This post was last modified on April 13, 2021 9:41 am

Share