लॉकडाउन से वायरस नहीं रुकता, सिर्फ तैयारी का देता है मौका: राहुल से बातचीत में स्वास्थ्य विशेषज्ञ

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राहुल गांधी और आशीष झा।

(कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज दो वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों हार्वर्ड से प्रोफेसर आशीष झा और स्वीडन के प्रोफेसर जोहान के साथ कोरोना संकट पर चर्चा की। इसमें उन्होंने कोविड 19 महामारी से जुड़े कई पक्षों पर सवाल-जवाब किए। पेश है पूरी बातचीत-संपादक)

राहुल गांधी: कोरोना संकट में लॉकडाउन को आप कैसे देखते हैं?

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प्रोफेसर झा: यह वायरस लोगों के लिए एकदम नया है। इस संकट में खुद को आपको बचाकर रखना होगा। दूसरा रास्ता लॉकडाउन है। लेकिन लॉकडाउन अर्थव्यवस्था के लिए बेहद हानिकारक हो सकता है। ऐसे में आपको धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था को खोलने की जरूरत है और लोगों के जेहन से डर को खत्म करने की जरूरत है। लॉकडाउन की वजह से आप वायरस को धीमा कर सकते हैं। अगर वायरस को रोकना है तो सिर्फ जो पीड़ित हैं, उनको समाज से अलग कर सकते हैं। उसके लिए टेस्टिंग जरूरी है, लॉकडाउन आपको अपनी क्षमता बढ़ाने का समय देता है। अगर लॉकडाउन का इस्तेमाल अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए नहीं किया गया, तो काफी नुकसान होगा।

राहुल गांधी: टेस्टिंग को लेकर किस तरह की रणनीति अपनाई जानी चाहिए?

प्रोफेसर झा: ताइवान-साउथ कोरिया जैसे देशों ने टेस्टिंग के मामले में बढ़िया काम किया है। टेस्टिंग के मामले में ज्यादा टेस्ट जरूरी है और उसके बाद ऐसे इलाकों को पहचानना होगा जहां पर कोरोना वायरस के केस ज्यादा हैं। कोई भी व्यक्ति जो अस्पताल आता है, उसका टेस्ट होना जरूरी है, फिर चाहे वो किसी भी वजह से आया हो। इसके अलावा स्वास्थ्य कर्मियों की आक्रामकता से टेस्टिंग जरूरी है।

राहुल गांधी: भारत में ऐसे कई युवा हैं, जिन्हें सांस, डायबिटीज जैसी बीमारी है। युवा कोरोना से कैसे निपटें?

प्रोफेसर झा: अगर कोई पूरी तरह से स्वस्थ है, उसे कोरोना वायरस नहीं होगा। ऐसा किसी को नहीं सोचना चाहिए। ऐसे में युवाओं और खुले में काम करने वाले लोगों को लेकर विशेष तैयारी होनी चाहिए।

राहुल गांधी: ऐसे तर्क दिए जा रहे हैं कि गर्मी से कोरोना वायरस खत्म हो जाएगा, ऐसे तर्कों पर आप क्या कहेंगे?

प्रोफेसर झा: इस तरह की बात कही जा रही है कि बीसीजी वैक्सीन से कोरोना वायरस ठीक हो सकता है, लेकिन मेरा मानना है कि यह बेहद खतरनाक होगा। क्योंकि अभी कई तरह का मंथन चल रहा है और रिसर्च के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। कोरोना को लेकर कई तरह के साक्ष्य हैं कि मौसम फर्क डालता है, अगर लोग बाहर ज्यादा रहते हैं तो कोरोना ज्यादा फैलता है। लेकिन गर्मी से यह रुक जाएगा, ऐसा तर्क देना पूरी तरह सही नहीं है।

राहुल गांधी: टेस्टिंग की रफ्तार कैसे बढ़ाई जा सकती है, ज्वाइंट फैमिली में किसी तरह का कोई खतरा है?

प्रोफेसर झा: जो परिवार एक साथ रहते हैं उन पर खतरा ज्यादा है, क्योंकि न्यूयॉर्क में ऐसा देखा गया कि जहां युवा लोग बाहर जाते हैं और घर वापस आते हैं तो घर के बुजुर्ग लोग खतरे में आ जाते हैं। भारत में टेस्टिंग और भी ज्यादा बढ़ाई जा सकती है, सिर्फ टेस्टिंग से ही कोरोना को पहचाना जा सकता है।

राहुल गांधी: कोरोना वायरस को एक जगह नहीं रोक सकते, ऐसे में केंद्र से राज्य को ताकत देनी चाहिए ताकि जमीन पर लड़ाई लड़ी जा सके। वायरस की वजह से आर्थिक, स्वास्थ्य और दुनिया के सिस्टम पर सीधा असर पड़ा है। लोग कहते हैं 9/11 नया अध्याय था, लेकिन कोरोना के बाद की दुनिया नई किताब होगी।

प्रोफेसर झा: कोरोना वायरस की वजह से दुनिया का ऑर्डर बदल गया है। यूरोप के बड़े देश और अमेरिका जैसे देश आज कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को हार रहे हैं।

राहुल गांधी: भैया, यह बताइए वैक्सीन कब आएगी?

प्रोफेसर झा: तीन देशों में उम्मीद है कि जल्द वैक्सीन आएगी, लेकिन पूरी तरह से उम्मीद है कि अगले साल तक वैक्सीन आ पाएगी। भारत को इसके लिए प्लान बनाना पड़ेगा, क्योंकि भारत को 50 करोड़ से अधिक वैक्सीन बनानी है।

राहुल गांधी: कोरोना वायरस का यूरोप में किस तरह का असर है और आगे इसका क्या होगा?

प्रोफेसर जोहान: यह बीमारी तेजी से फैल रही है, लेकिन यह काफी हल्की बीमारी है। क्योंकि 99 फीसदी लोगों को काफी कम लक्षण होते हैं और सिर्फ एक प्रतिशत पर ही इसका गहरा असर पड़ रहा है।

राहुल गांधी: लॉकडाउन के बाद दुनिया कैसे चलेगी, किस रणनीति के तहत देश काम करेंगे?

प्रोफेसर जोहान: लॉकडाउन से बाहर निकलने की रणनीति किसी भी देश के पास नहीं है, लेकिन हर सभी को विचार करना होगा। इसका एक ही तरीका है कि चरणबद्ध तरीके से इससे निपटा जाए, पहले एक ढील दें, फिर उसे परखें अगर मामला बिगड़ता है तो कदम पीछे लें।

राहुल गांधी: आपके हिसाब से टेस्टिंग की क्या रफ्तार होनी चाहिए?

प्रोफेसर जोहान: टेस्टिंग को लेकर रणनीति बनानी पड़ेगी, जिसमें जगह, उम्र के हिसाब से टेस्ट करने होंगे। जगह-जगह कोरोना वायरस की रफ्तार से टेस्टिंग को करना होगा।

राहुल गांधी: आर्थिक मोर्चे पर कोरोना वायरस का कैसा असर होगा?

प्रोफेसर जोहान: पहले पूरे स्वीडन को शटडाउन कर दिया गया, लेकिन अब धीरे-धीरे लॉकडाउन को हटा दिया गया है, लेकिन भारत जैसे देश में लॉकडाउन के करने से अर्थव्यवस्था पर बुरी मार पड़ सकती है।

(नवजीवन से साभार।)

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