Saturday, February 4, 2023

europe

मेलोनी की बैकडोर पावर डील  के ज़रिए और राइट होता ‘यूरोप’ !

बात साल 1992 की है, जुलाई महीने में रोम में फार- राइट सोशल मूवमेंट पार्टी के यूथ फ्रंट की एक बैठक हो रही थी। उस मीटिंग में 15 साल की एक लड़की ने दरवाज़ा खटखटाया, उसे इस घोर दक्षिणपंथी...

स्मृति दिवस पर विशेष: उदयशंकर ने भारतीय नृत्य और संगीत को दिया वैश्विक फ़लक

देश में उदयशंकर की पहचान भारतीय नृत्य और संगीत को वैश्विक फ़लक पर स्थापित करने वाले एक अद्भुत कलाकार की है। जिन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी नृत्य के लिए समर्पित कर दी। जब देश परतंत्र था, तब उन्होंने भारतीय शास्त्रीय,...

लू ने बिगाड़ा विलायत का चेहरा

यूरोप के कई देश इन दिनों जलवायु परिवर्तन का फल सीधे-सीधे झेल रहे हैं। आम तौर पर ठंडा माने जाने वाले इन देशों में भयानक गर्मी पड़ रही है। इंग्लैंड व फ्रांस जैसे देशों में लू की लहरें चल...

लपट हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रही है: अरुंधति

गुड आफ़्टरनून, और मुझे सिसी फेरेन्टहोल्ड लेक्चर देने के लिए बुलाने के लिए आपका शुक्रिया। मैं लेक्चर शुरू करूँ, इससे पहले मैं यूक्रेन में जंग के बारे में कुछ बातें कहना चाहूँगी। मैं रूसी हमले की साफ़ शब्दों में...

रूस-यूक्रेन युद्ध: क्यों कारगर नहीं होते नागरिक प्रतिरोध?

24 फरवरी 2022 को रूस के यूक्रेन पर हमले के साथ विभिन्न देशों की सरकारों, संयुक्त राष्ट्र समेत सभी वैश्विक संस्थाओं, दूतावासों, मीडिया, विषय-विशेषज्ञों आदि की सक्रियता रूस-यूक्रेन युद्ध पर केंद्रित हो गई है। दूसरे महायुद्ध के बाद यूरोपीय...

तीर कभी बन जाते हैं खुद निशाने!

यूक्रेन के मुद्दे पर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बार-बार धमकी दी थी कि अगर रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, तो उसे अंतरराष्ट्रीय भुगतान के सिस्टम- स्विफ्ट से बाहर कर दिया जाएगा। 24 फरवरी को जब रूस...

दुनिया को किस दिशा में ले जा रहा है यूक्रेन संकट

कई महीनों से लाखों की संख्या में रूसी फौज ने तीन तरफ से यूक्रेन की घेराबंदी कर रखी थी। कई सप्ताह से वास्तविक युद्ध जैसे हालात के बीच रूसी फौजों का युद्धाभ्यास जारी था। इसके साथ ही एक से...

एक नई विश्व व्यवस्था की आहट

बीजिंग में विंटर (शीतकालीन) ओलंपिक खेलों का आयोजन अंतरराष्ट्रीय शक्ति-संतुलन के लिहाज से एक नए युग की शुरुआत का मौका बन गया। ये बात हर उस पर्यवेक्षक को नजर आई है, जो अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को पश्चिमी चश्मे से नहीं...

विशेष लेख: हिटलर के रास्ते पर बढ़ चले हैं मोदी!

दुनिया का क्रूरतम् तानाशाह एडोल्फ हिटलर 20 अप्रैल, 1889 को यूरोप के एक छोटे से देश ऑस्ट्रिया के एक छोटे से शहर वॉन में पैदा हुआ था। उसने द्वितीय विश्वयुद्ध में इस दुनिया में जुल्म, बर्बरता, क्रूरता और वहशीपना...

स्पार्टकस जिसे छुपाने की यूरोप ने हरसंभव कोशिश की

हावर्ड फास्ट के कालजयी उपन्यास स्पार्टकस का हिंदी अनुवाद अमृत राय ने आदिविद्रोही शीर्षक से किया है। मैं इसे अनुवाद का मानक मानता हूं। अच्छा अनुवाद वह है जो मौलिक सा ही मौलिक लगे। यह दास प्रथा पर आधारित...

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गुरमीत राम रहीम के सत्संग और अमृतपाल की खिलाफत: ‘काले दिनों’ के मुहाने पर पंजाब

भारत का सबसे प्रमुख दक्षिणपंथी दल भारतीय जनता पार्टी है और इस वक्त केंद्र की शासन-व्यवस्था नरेंद्र मोदी की...