Monday, August 8, 2022

नफ़रत की दुर्गंध फैलाने वालों को सौहार्द की सुगंध बर्दाश्त नहीं: अखिलेश

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“हमने तो राजनीतिक दलों से गठबंधन किया है। भाजपा ने सीबीआई, आयकर विभाग और प्रवर्तन विभाग के साथ गठबंधन किया है। ये सारे भाजपा के सहयोगी हैं। भाजपा जहां चुनाव लड़ने जाती है अपने साथ दिल्ली से इन्हें भी ले जाती है।” उपरोक्त बातें समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कन्नौज में प्रेस कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही। इस प्रेस कॉफ्रेंस की घोषणा कल ही कर दी गई थी। इस बीच आज सुबह आयकर विभाग ने समाजवादी इत्र बनाने वाले सपा एमएलसी तथा इत्र कारोबारी पुष्पराज पम्पी जैन के यहाँ छापेमारी कर दी।

प्रोपेगैंडा सरकार

पहले पीयूष जैन और फिर पुष्पराज जैन के यहां छापेमारी के मुद्दे पर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि – “हिटलर के यहां प्रोपेगैंडा का केवल एक मंत्रालय भर था। भाजपा की तो पूरी सरकार ही प्रोपेगैंडा सरकार है। दिल्ली वाले, लखनऊ वाले झूठ बोलते हैं। हिटलर के यहां एक विभाग होता था प्रोपेगैंडा मिनिस्टर का। यहां तो पूरी सरकार प्रोपेगैंडा की सरकार है। झूठा प्रचार करने में झूठ बोलने में नंबर एक है भाजपा”।

पीयूष जैन के यहां छापेमारी के बाद हमने पहले ही दिन साफ कर दिया था कि डिजिटल भूल से उन्होंने समाजवादी पुष्पराज जैन के बजाय भाजपा ने अपने पीयूष जैन को पकड़ लिया है। भाजपा के आईटी सेल ने उन्हें ग़लत सूचना दी। बावजूद इसके भाजपा के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर छुटभैये तक सब समाजवादी पार्टी का बता रहे थे। ये लोग बिना किसी शर्म और जिम्मेदारी के मंचों से झूठ बोलते रहे। झूठा प्रचार करते रहे।   

नोटबंदी, जीएसटी, डिजिटल इंडिया सब फेल

सपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि “समाजवादी इत्र बनाने वाले को खोजते-खोजते डिजिटल इंडिया ने इन्हें पीयूष जैन के यहां पहुंचा दिया। जीएसटी फेल हुई। नोटबंदी फेल हुई। डिजिटल इंडिया फेल हुई है”।

पीयूष जैन का सीडीआर सार्वजनिक किया जाये। उसके पास कहां से आय़ा पैसा? किस बैंक का ठप्पा उन नोटों में लगा हुआ था? किस राज्य से आया सोना उसके पास ये सब तो केंद्रीय एजेंसियां बता ही सकती हैं। तो बताये सरकार।

सपा अध्यक्ष ने पीयूष जैन के यहाँ छापामारी में मिले 187 करोड़ कैश और 23 किलो सोने की बरामदगी पर सवाल उठाते हुये कहा कि नोटबंदी के बाद सरकार ने कहा था कि कालेधन पर लगाम लगेगी। फिर इतना कालाधन पीयूष जैन के यहां से कैसे निकल आया। पीयूष जैन से भाजपा का संबंध है। भाजपा बताये कि कैसे इतना रूपया निकला। नोटबंदी के बाद कालाधन नहीं आयेगा। कोई इकट्ठा नहीं कर पायेगा यह दावा भाजपा की सरकार करती रही है। जीएसटी से व्यापार अच्छा होगा यह दावा भी किया था। जीएसटी फेल हुआ। डिजिटल इंडिया का सपना फेल हुआ।

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भाजपा की एजेंसियां सपा के पुष्पराज को लेने गयी थी अपने पीयूष जैन के यहां छापा मार दिया। अब अपनी खीझ निकालने के लिये पुष्पराज जैन के यहां छापेमारी की है। जहां-जहां इन्हें लगता है हार जायेंगे वहां-वहां छापा मारते हैं।

भाजपा और सीबीआई, आयकर, प्रवर्तन में चुनावी गठबंधन

उन्होंने आगे कहा कि “ भाजपा का छापे वाला आचरण पहली बार नहीं है। बंगाल चुनाव में सारी दिल्ली की संस्थायें बंगाल पहुंची थीं। तमिलनाडु में स्टालिन के यहां छापा मारा गया। बेंग्लुरु में कांग्रेस अध्यक्ष के यहां छापा मारा । ये सरकार सरकारी लोगों को मजबूर करके ले जाती है। उन्हें मजबूरी में छापा मारना पड़ रहा है। कागज़ के फूल और झूठ के फूलों में सुगंध नहीं होती है”।

समाजवादी विजयरथ में जो जनसमर्थन मिल रहा है तब से ये बौखलाये हुये हैं। दिल्ली से इनके तमाम नेता आ गये। जैसे-जैसे यह हार के क़रीब पहुचेंगे उतने भाजपा नेता और इनके सहयोगी संगठन सीबीआई, प्रवर्तन, आयकर सब आयेंगे। हमने दलों से गठबंधन किया है भाजपा ने सीबीआई और आयकर विभाग से गठबंधन किया है।

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भाजपा का गठबंधन है केंद्रीय एजेंसियों के साथ। ऐसे में मैं चुनाव आयोग से कहना चाहूंगा कि यदि यह चुनाव आयोग के कोड ऑफ कंडक्ट में आता हो तो वो तय करे कि छापेमारी चुनाव के बाद मारी जाये। भाजपा के प्रोपेगैंडा मशीनरी का सामना कोई पार्टी नहीं कर सकती। 

कन्नौज देश की सुगंध की राजधानी 

इससे पहले प्रेस कान्फ्रेंस की शुरुआत करते हुये उन्होंने कहा कि – इत्र कारोबार से सिर्फ़ कारोबारी नहीं जुड़े हुये हैं। किसान और दूसरे लोग भी जुड़े हुये हैं। जैसे ग्रासे सुगंध राजधानी है फ्रांस की। वैसे ही कन्नौज भारत की सुगंध राजधानी है।

हमने कन्नौज में परफ्यूमरी पार्क और पर्फ्यूमरी म्यूजियम बनाने का काम शुरू किया था। ज़मीन वगैरह भी चिन्हित कर दी गई थी। लेकिन भाजपा के आते ही पऱफ्यूम पार्क और म्यूजियम वैसे ही पड़ा है। पर्फ्यूम पार्क बन जाता तो किसान अपना फूल सीधे यहां लेकर आते। ताजा फूलों का रस निकालकर उसका इस्तेमांल परफ्यूम बनाने में किया जाता। इससे किसानों की आमदनी बढ़ती। इत्र बनाने वाले लोगों को फूल मिलता। और इत्र कारोबारियों को अपना इत्र विदेशों तक पहुंचाने में मदद मिलती।

परफ्यूम का कोर्स करने के लिये एक इंजीनियरिंग कॉलेज बन रहा था। युवा कोर्स करके परफ्यूम निकालने और विकसित करने में मदद करते। कन्नौज का दुनिया में डंका बजता। लेकिन जितना बना था इंजीनियरिंग कॉलेज वैसे ही पड़ा है।

सपा नेता ने कहा कि कन्नौज से पूरे देश में सुगंध का कारोबार होता है। कारोबार हमें जोड़ता है। गंगा-जमुनी तहजीब को साथ लाता है। कन्नौज के लोगों ने हमेशा जयचंद को पहचाना है। जनता जयचंदों को भगायेगी। डबल इंजन की सरकार झूठ फैला रही है। ये दिल्ली से लखनऊ जाते हैं और वापस लखनऊ आ जाते हैं। झूठ फैलाने को।

काऊ मिल्क प्लांट, मंडियां, मेडिक कॉलेज, फॉरेंसिक लैब का काम भाजपा ने रोका

समाजवादी नेता ने आरोप लगाया कि कन्नौज का केवल एक काम नहीं तमाम समाजवादी काम भाजपा ने रोक दिया है। पराग का काऊ मिल्क प्लांट लगना था। जिसमें केवल गाय के दुग्ध उत्पाद बनते। लोग गाय को लेकर जागरुक हैं। गाय के दूध से बने उत्पाद खाते तो लोग ज़्यादा फिट रहते। लेकिन भाजपा वालों ने सत्यानाश कर दिया है।

इसी तरह पैरामेडिकल कॉलेज, कार्डियालॉजी विभाग, कैंसर विभाग आदि का काम ठप्प पड़ा है। ऑक्सीजन प्लांट लगना था,लेकिन नहीं लगने दिया इन्होंने मेडिकल कॉलेज का सत्यानाश कर दिया। काली नदी पर पुल बनना प्रायोजित था, ईशान नदी पर पुल नहीं बनना था लेकिन भाजपा के रहते नहीं बन पाया। कन्नौज में फारेंसिक लैब बन रही थी जिससे कानून व्यवस्था को मदद मिलती। लेकिन सपा राज में जितनी बनी थी वैसी ही पड़ी हुई है। इसके किनारे मंडियां बननी थीं लेकिन नहीं बनी।

कन्नौज में सपेरे समुदाय के लिये स्नेक चारमर विलेज बनना था जिससे सपेरों को भी छत मिलती इसके लिये एक्सप्रेस वे के किनारे ज़मीन भी चिन्हित कर ली गई थी लेकिन भाजपा राज में काम ठप्प पड़ा है।

नफ़रत की दुर्गंध फैलाने वाले सौहार्द के सुगंध को कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं?  

सपा प्रमुख ने आगे कहा कि भाजपा राज में कन्नौज के साथ राजनीतिक रूप से बुरा व्यवहार हुआ है। नफ़रत की दुर्गंध फैलाने वाले सौहार्द के सुगंध को कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं। इसलिये जानबूझ कर समाजवादी पार्टी और लखनऊ से लेकर दिल्ली तक कन्नौज को बदनाम करने में लगे हुये हैं। कन्नौज का इत्र व्यापार के सच के फूलों से चलता है इस बार झूठ की सरकार को जनता जवाब देगी।

उन्होंने कहा कि परफ्यूमरी पार्क, म्यूजियम बन रहा था उन्होंने बनने नहीं दिया। इनको तकलीफ़ है कि समाजवादी पार्टी पर इत्र क्यों बना दिया। लेकिन नफ़रत और बदबू का इत्र नहीं बनेगा।

किसान आंदोलन का जिक्र करते हुये सपा अध्यक्ष ने कहा कि –“किसान आंदोलन के लिये किसान को बधाई। इन्हें तीन काले क़ानून वापस लेने पड़े”।

ओम प्रकाश राजभर पहले भाजपा के साथ थे आज सपा के साथ हैं। भाजपा के लोगों ने निषाद, केवट समाज को धोखा देकर बुलाया और बताया कि आपको आरक्षण दिया जायेगा। भाजपा के लोगों ने घर घर जाकर समझाया कि आओ आरक्षण देंगे और भाजपा नेता मुकर गये। फिर मंच पर निषाद समाज के लोग कहकर गये कि आरक्षण नहीं तो वोट नहीं। हम उन्हें बधाई देते हैं।    

चाउमिन ठेले से भी कम भीड़ होती है भाजपा की रैलियों में

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि “भाजपा की रैलियों में लोग नहीं जा रहे। पंडाल खाली हैं। लोगों को जबरदस्ती बस में बैठाकर ला रहे हैं। फिर भी लोग नहीं जा रहे। लेखपाल, जिलाधिकारी से लेकर तमाम अफसर तक भाजपा के लिये चुनाव लड़ रहे हैं। पूरी मशीनरी का इस्तेमाल कर रहे हैं ये भीड़ जुटाने में। भाजपा की रैली से पहले अफ़सरों को आदेश जारी हो जाता है। वो रोडवेज बसें, स्कूल बसें, शहर के प्रतिष्ठित लोगों को धमकाकर निजी बसें लोगों को लाने में लगा देते हैं। मनरेगा के लोगों को लालच देकर बुलाया जाता है रैलियों में। इनकी बसें खाली हैं। इनकी रैलियों से ज़्यादा भीड़ तो चाऊमिन के ठेलों पर दिख रही है।

कोरोना काल का जिक्र करते हुये समाजवादी नेता ने कहा कि-“कोरोना काल में ऑक्सीजन, दवाई, बेड के बिना लोगों की जान गई। यदि लोगों को समय से ऑक्सीजन, बेड, दवाई मिलता तो जान बच जाती। मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त साधनों को नहीं दिया गया। चिता के लिये ये लोग लकड़ी भी नहीं दे पाये। लोगों ने विवश होकर लाशों को गंगा में बहा दिया जिसे चील कौओं ने खाया। कब्रिस्तान और श्मशान में जगह नहीं थी। लेकिन भाजपा लाशों की बात नहीं कर रही।

डबल इंजन की सरकार के दोनों इंजन आपस में टक्कर मार रहे  

प्रेस कान्फ्रेंस में योगी मोदी-शाह के झगड़े का जिक्र करते हुये सपा प्रमुख ने कहा कि – “जो अधिकारी दो दिन में रिटायर होने वाला था उसे यूपी का चीफ सेक्रेटरी बना दिया गया। बाबा योगी सोते रहे। झगड़ा दिल्ली और लखनऊ वालों का हो रहा है। कहीं खबर नहीं है। हर जगह छापे की ख़बर है”।

दिल्ली वालों (मोदी-शाह) ने उन्हें (योगी) पैदल चलाया फिर साथ में फोटो खिंचाया। यह जो डबल इंजन की सरकार है इसने यूपी को कोई लाभ नहीं पहुंचाया। दोनों इंजन एक दूसरे को ही टक्कर मार रहे हैं। अब चुनाव तक सारा कंट्रोल दिल्ली के हाथ में रहेगा। 

(जनचौक ब्यूरो की रिपोर्ट।)

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