Subscribe for notification

कोरोना की चढ़ाई में पाकिस्तान से भी आगे निकल कर यूपी ने गाड़ा झंडा!

जून के पहले हफ्ते की बात है जब पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन के संपादक फहद हुसैन ने कोरोना से लड़ाई में आगे रहने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ की थी और पाकिस्तान सरकार की खिंचाई। यूपी सरकार की ओर से भी ट्वीट कर पाकिस्तानी पत्रकार का आभार जताया गया था। मगर, जुलाई आते-आते तस्वीर बदलती दिख रही है।

6 जून को पाकिस्तान में कोरोना मरीजों की संख्या 93,983 थी। 7 हफ्ते बाद 15 जुलाई को यह संख्या 2,55,769 हो गयी। मतलब ये कि पाकिस्तान में बीते 7 हफ्ते में कोरोना पीड़ित मरीजों की तादाद 2.72 गुना हो गयी। 6 जून को उत्तर प्रदेश में 10,103 कोविड संक्रमित मरीज थे जो 15 जुलाई को 41,383 हो गये। इस तरह इन 7 हफ्तों में कोरोना का संक्रमण 4 गुना से ज्यादा हो गया। यह स्थिति तब है जबकि टेस्टिंग के मामले में भी पाकिस्तान के मुकाबले उत्तर प्रदेश पीछे है। उत्तर प्रदेश में प्रति 10 लाख लोगों पर 5,891 लोगों  की टेस्टिंग हुई है जबकि पाकिस्तान में यह संख्या 7,475 है। यूपी में अब तक 12,77,141 लोगों की टेस्टिंग हुई है जबकि पाकिस्तान में 16,52,183 लोगों के टेस्ट हो चुके हैं। जनसंख्या दोनों इलाकों की तकरीबन समान है।

यूपी में कोविड-19 का पहला मामला 5 मार्च को आया था। 6 जून को 10 हजार का आंकड़ा पहुंचा। यानी 94 दिन में पहले 10 हजार का आंकड़ा पहुंचा। दूसरे 10 हजार तक पहुंचने में यूपी को 20 दिन और लगे। तीसरे 10 हजार का आंकड़ा पहुंचने में 15 दिन और चौथे 10 हजार का आंकड़ा छूने में महज 8 दिन लगे। कहने का मतलब यह है कि कोरोना के 10 हजार मामले अगर 94 दिन में पहुंचे, तो महज (20+15+8)= 43 दिन में यानी आधे से भी कम समय में तीन गुना यानी 30 हजार से ज्यादा बढ़ गये हैं कोरोना के मरीज। एक तरह से बीते 7 हफ्ते में 30 हजार से ज्यादा कोरोना का संक्रमण यूपी में पाया गया है।

यूपी में कोरोना की वजह से मौत का आंकड़ा 1,046 है जबकि पाकिस्तान में 5,426 लोगों की मौत हो चुकी है। पाकिस्तान में 16 जुलाई को कोरोना का संक्रमण 2,57,914 है जबकि यूपी में यह आंकड़ा है 43,441. अगर कुल कोरोना संक्रमण को मौत की संख्या से भाग दें तो पाकिस्तान में नतीजा आता है 2.1, जबकि यूपी में 2.4. मतलब ये कि मौत की दर के मामले में भी यूपी अब पाकिस्तान से आगे हो चुका है। जब पाकिस्तानी पत्रकार ने यूपी की तारीफ की थी तब स्थिति उल्टी थी।

6 जून 2020 तक उत्तर प्रदेश में 3 लाख 55 हजार 85 टेस्ट हो चुके थे। तब संक्रमण का आंकड़ा 10 हजार पहुंचा था। 25 जून को कोरोना मरीजों का आंकड़ा 20 हजार होने तक टेस्टिंग पहुंच चुकी थी 6 लाख 20 हजार 954. जब 8 जुलाई को यूपी में कोरोना का आंकड़ा 30 हजार से ज्यादा हुआ तब तक 10 लाख 3 हजार 280 लोगों के टेस्ट हो चुके थे। 15 जुलाई को जब आंकड़ा 40 हजार पार कर गया तब तक टेस्टिंग भी 12 लाख 77 हजार 241 तक पहुंच चुकी है। ये आंकड़े बता रहे हैं कि जिस अनुपात में टेस्टिंग बढ़ रही है उसी अनुपात में कोरोना मरीजों की संख्या भी बढ़ती चली जा रही है।

यूपी ने गुजरात को भी पीछे छोड़ा

गुजरात में कोविड-19 संक्रमण का पहला मामला 20 मार्च को सामने आया था। 58 दिन में गुजरात 10 हजार के संक्रमण तक पहुंच गया। गुजरात में 16 मई को 10,989 कोविड संक्रमण के मामले सामने आ चुके थे। 7 जून को आंकड़ा बढ़कर 20,097, 26 जून को 30,158 और 10 जुलाई को 40,155 तक आंकड़ा पहुंच गया। इस तरह दूसरे 10 हजार तक पहुंचने में गुजरात को 23 दिन, तीसरे दस हजार के लिए 20 दिन और चौथे 10 हजार के लिए 15 दिन लगे। मतलब ये कि पहले 10 हजार के बाद आंकड़ा तीन गुना होने में 58 दिन लगे। मतलब ये कि यूपी के मुकाबले 15 दिन धीमी गति से गुजरात में कोरोना के मामले बढ़े हैं। गुजरात में प्रति 10 लाख लोगों पर टेस्टिंग 7348 है जो यूपी से ज्यादा है।

यूपी में 6 जून को 10 हजार कोरोना संक्रमण हुआ जबकि 7 जून को गुजरात में 20 हजार का आंकड़ा पार हुआ था। यूपी में 15 जुलाई को 40 हजार का आंकड़ा पार हुआ, जबकि गुजरात में 10 जुलाई को। इस तरह अगर रफ्तार देखें तो लगभग समान अवधि में यूपी में चार गुना कोरोना के मामले बढ़े हैं जबकि गुजरात में दो गुना।

तेलंगाना ने पकड़ी यूपी से भी तेज रफ्तार

तेलंगाना में कोविड-19 का पहला मामला 2 मार्च को सामने आया था। 115 दिन बाद तेलंगाना में 24 जून को 10,444 का आंकड़ा पहुंचा। मगर, उसके बाद दूसरा 10 हजार पहुंचने में महज 10 दिन लगे। 3 जुलाई को आंकड़ा हो गया 20,462. तीसरे 10 हजार का आंकड़ा तो सातवें दिन ही पहुंच गया। 9 जुलाई को कोरोना मरीजों की संख्या 30,946 हो गयी। अगले 8वें दिन यानी 16 जुलाई को कोरोना मरीजों की संख्या 41,018 हो गयी। तेलंगाना में प्रति 10 लाख आबादी पर 5,983 लोगों की टेस्टिंग हुई। यहां कोरोना मरीजों में मौत की दर 0.96 प्रतिशत है। अब तक 396 कोरोना मरीजों की मौत हुई है।

देश में 10 लाख कोरोना मरीजों का आंकड़ा पार कर चुका है। मृतकों की तादाद 25 हजार 609 हो चुकी है। कोरोना के बढ़ते आंकड़े केंद्र सरकार के उस दावे की कलई खोल रहे हैं जिसमें कई देशों के मुकाबले कोरोना से बेहतर तरीके से लड़ाई लड़ने का दावा किया जा रहा था। कोविड मरीजों की संख्या और एक्टिव मरीज के मामले में भारत तीसरे नंबर पर बना हुआ है मगर प्रति दिन कोविड मरीज के मामले में भारत अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर आ पहुंचा है। मौत के मामले में भी भारत दुनिया में 8वें नंबर पर पहुंच चुका है।

(प्रेम कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं और आजकल विभिन्न चैनलों के पैनल बहस में हिस्सा लते हैं।)

Donate to Janchowk!
Independent journalism that speaks truth to power and is free of corporate and political control is possible only when people contribute towards the same. Please consider donating in support of this endeavour to fight misinformation and disinformation.

Donate Now

To make an instant donation, click on the "Donate Now" button above. For information regarding donation via Bank Transfer/Cheque/DD, click here.

This post was last modified on July 17, 2020 10:48 am

Share