Wednesday, October 20, 2021

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गांधीनगर नगरपालिका का चुनाव कल; आप, कांग्रेस और बीजेपी में त्रिकोणीय मुकाबला

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अहमदाबाद। गुजरात की राजधानी गांधी नगर के नगर पालिका चुनाव से भाजपा को भय हो गया है। कहा जा रहा है कि कहीं यह चुनाव भाजपा को कैंसर को बीमारी न दे दे। नगर पालिका में आम आदमी पार्टी का डंका बजा तो यह बीजेपी को पूरे देश में नुकसान पहुंचा सकती है।

बीजेपी के आंतरिक सर्वे में आप को बहुमत

गांधी नगर के एक लोकल गुजराती अख़बार में छपी खबर के अनुसार भाजपा के आंतरिक सर्वे में चुनावी परिणाम आम आदमी पार्टी के पक्ष में है। सर्वे में परिणाम कुछ इस प्रकार से आया है।
भाजपा को 12 – 14 सीट
कांग्रेस को 6 – 8 सीट
आप को 26 – 30 सीट
यदि सर्वे सही साबित हुआ तो गांधी नगर में दिल्ली 2 हो जाएगा। पारंपरिक तौर पर गांधी नगर के वोटर पढ़े लिखे सरकारी नौकरी वाले हैं। अधिकतर वोटर मध्यम वर्गीय हैं। यह वोटर कांग्रेस के साथ रहा है। यदि आम आदमी पार्टी के साथ गया तो भाजपा को कैंसर का जख्म देगा क्योंकि गुजरात से ही भाजपा दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में पहुंची है।

भाजपा के मुख्यमंत्री अपनी ताक़त झोंके

भाजपा ने भी अपनी स्थिति को भांपते हुए गांधीनगर नगर पालिका चुनाव में अपनी ताकत झोंक दी है। हनीमून पीरियड से गुजर रहे गुजरात के मुख्यमंत्री ने एक वार्ड में अपना एक मंत्री लगा दिया है। एक मंत्री के अलावा हर वार्ड में एक विधायक और कई नेता काम कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी का सैलाब देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भाजपा के कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं ताकि उनकी नाराज़गी को दूर किया जा सके।

भाजपा के नामी चेहरे आप के पाले में पहुंचे

पोलिंग कल होनी है लेकिन पोलिंग से पहले भाजपा के कई नामी चेहरे आम आदमी पार्टी के पाले में खिसकते दिख रहे हैं। जागीर क्षत्रिय समाज के अध्यक्ष भरत सिंह बिहोला , बेरोजगार आंदोलन के युवराज सिंह जाडेजा और रीयल एस्टेट के कारोबार से जुड़ी सामाजिक कार्यकर्ता आराध्य रावल ने चुनाव से ठीक पहले आप का दामन थाम लिया है। बिहोला बीजेपी में थे। बिहोला की अहमियत इस बात से समझी जा सकती है कि बीजेपी में इन्हें अमित शाह की उपस्थिति में शामिल किया गया था। अब बिहोला कमल छोड़ झाड़ू पकड़ लिए हैं।

जनता तो कांग्रेस के साथ लेकिन सरकार बीजेपी की रही है

2016 नगर पालिका चुनाव में 32 सीटों में से कांग्रेस और बीजेपी को 16 – 16 सीटें मिली थीं। टाई हो जाने के कारण मेयर लॉटरी से चुना जाना था। लेकिन बीजेपी ने तोड़-फोड़ कर बोर्ड हासिल कर लिया था। प्रवीण भाई मेयर बने थे। इसी प्रकार से 2011 में 33 सीटों वाली नगर पालिका में कांग्रेस के 18 और बीजेपी के 15 पार्षद जीते थे। 2011 में महेंद्र पटेल कांग्रेस से मेयर बने थे। लेकिन एक वर्ष बाद बीजेपी ने तोड़ फोड़ कर नगर पालिका के बोर्ड को हासिल कर लिया था। महेंद्र पटेल 2012 में बीजेपी के हो गए थे और मेयर बने रहे।

भाजपा का पक्ष

पूर्व मेयर और बीजेपी नेता कहते हैं, “केवल बीजेपी के मंत्री या विधायक प्रचार में नहीं लगे हुए हैं। कांग्रेस के विधायक और बड़े नेता प्रचार कर रहे हैं। मैं पूरी तरह से अस्वस्थ हूं नगर पालिका बीजेपी ही जीत रही है। आम आदमी का एक उम्मीदवार भी जीतता नहीं दिख रहा है। कांग्रेस जो मुस्लिम बहुल वार्ड जीत सकती थी वह अब भी नहीं जीत रही है। क्योंकि मुस्लिम भी बीजेपी के साथ आ गए हैं।”

त्रिकोणीय मुकाबला

गांधी नगर पालिका चुनाव पूरी तरह से त्रिकोणीय हो चुका है। आम आदमी पार्टी के अच्छे ढंग से प्रचार और उमड़ती भीड़ के बावजूद सीटें निकालना इतना आसान नहीं है। आम आदमी पार्टी के पास जो भी उम्मीदवार हैं। वह जाने पहचाने चेहरे नहीं हैं। कांग्रेस और बीजेपी के पास लोकल चेहरे हैं। जो लोकल राजनीति में जाने पहचाने हैं। आम आदमी पार्टी के पास गारंटी कार्ड काफी लुभावना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, टैक्स छूट इत्यादि पर किए गए वादे पर गांधीनगर की जनता ने वोट किया तो हंग बोर्ड भी हो सकता है। ऐसी परिस्थिति में कौन किसके साथ जाएगा।

आम आदमी पार्टी का पक्ष

AAP गुजरात मीडिया इंचार्ज ने बताया, ” आम आदमी पार्टी के तीन उम्मीदवारों के फार्म रिजेक्ट हुए थे जबकि एक उम्मीदवार की कोविड से मृत्यु होने के कारण AAPके चालीस उम्मीदवार ही मैदान में हैं। फिर भी हम बहुमत हासिल कर लेंगे क्योंकि हम डोर टू डोर और नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से आम वोटरों तक पहुंच रहे हैं। जनता हम पर भरोसा भी कर रही है।”

कांग्रेस का पक्ष

कांग्रेस प्रवक्ता हिमांशु पटेल कहते हैं, “आम आदमी पार्टी का गांधी नगर में 1 प्रतिशत वोट भी नहीं है। 2011 में कांग्रेस को भाजपा की तुलना में डेढ़ प्रतिशत अधिक वोट मिले थे जबकि 2016 में कांग्रेस को 1 प्रतिशत अधिक वोट मिला था। गांधीनगर में भाजपा और कांग्रेस के बीच हमेशा कांटे की टक्कर रही है। आम आदमी पार्टी तीन चार प्रतिशत वोट मिले तो वह किसका वोट लेगी यह दोनों पार्टी के लिए चिंता का विषय है। आप से अधिक चिंतित बीजेपी दिख रही है।” पटेल के बयान से लगता है पिछले दो चुनाव में बहुमत पाने वाली कांग्रेस इस बार अस्वस्थ नहीं दिख रही है। कांग्रेस पार्टी के प्रदेश संगठन पर केंद्रीय नेतृत्व द्वारा कोई निर्णय न लिए जाने के कारण प्रदेश की टॉप लीडरशिप की गांधीनगर चुनाव में सक्रियता भी कम दिखी। जिसका असर इस चुनाव में भी दिख सकता है।

कांग्रेस की अपील


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निशित व्यास ने गांधीनगर की जनता से अपील की है कि बेहतर भविष्य और गांधी नगर के विकास के लिए कांग्रेस के सभी उम्मीदवारों के लिए वोट करें।

3 अक्तूबर को यानी कल पोलिंग है। परिणाम 5 अक्तूबर को आएंगे।

(अहमदाबाद से जनचौक संवाददाता कलीम सिद्दीकी की रिपोर्ट।)

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