नई दिल्ली। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग में आयुक्तों की नियुक्तियों को लेकर संसद से पारित नये कानून में सीजेआई को हटाकर पारित किए गए कानून पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। हालांकि कोर्ट ने अप्रैल तक केंद्र से इस पर जवाब देने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट आज इस कानून को खारिज करने की याचिका पर सुनवाई कर रहा था।
एडवोकेट गोपाल सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए स्वतंत्र और पारदर्शी चयन की व्यवस्था के तहत एक निष्पक्ष और स्वतंत्र चयन कमेटी गठित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से निर्देश देने की मांग की।
चयन कमेटी से मुख्य न्यायाधीश को बाहर करने वाला नया कानून कहता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दूसरे चुनाव आयुक्तों को एक चयन कमेटी जिसमें प्रधानमंत्री-चेयरपर्सन, लोकसभा में विपक्ष का नेता- सदस्य और प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक कैबिनेट मंत्री- सदस्य शामिल होंगे, की संस्तुति पर राष्ट्रपति नियुक्त करेंगे।
विपक्ष ने मोदी सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है जिसमें उसने पैनल में सीजेआई के शामिल होने की बात कही थी।
अपने 23 मार्च, 2023 के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और सीजेआई मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करेंगे।
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