Wednesday, June 29, 2022

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दूसरे दलों से आए अवसरवादी नेताओं की शरणस्थली बन गई है भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थापना को 42 साल पूरे हो चुके हैं। 6 अप्रैल 1980 को तत्कालीन जनता पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी के नाम से अस्तित्व में आई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की यह राजनीतिक...

यूपी की बदहाली के गुनहगार कौन?

उत्तर प्रदेश में वे सभी खूबियां हैं जो इसकी जबर्दस्त राजनीतिक और आर्थिक सफलता की कहानी गढ़ सकती हैं। 2,43,286 वर्ग किमी की इसकी विशाल उपजाऊ जमीन, 20.4 करोड़ की विशाल आबादी, गंगा और यमुना जैसी इसकी अविरल प्रवाहमान...

ममता के निशाने पर मोदी के बजाय राहुल

रुख से नकाब उतरता जाए आहिस्ता आहिस्ता। कुछ ऐसा ही सियासत में भी होता है। कभी गोविंदाचार्य ने कहा था कि अटल बिहारी बाजपेई भाजपा के मुखौटा हैं। ममता बनर्जी कभी पूरे देश में भाजपा के खिलाफ एक मोर्चा...

मोदी को कभी अटल ने दी थी राजधर्म की शिक्षा, अब कमला हैरिस ने पढ़ाया लोकतंत्र का पाठ

इन दिनों जब प्रधानमंत्री अमेरिका प्रवास पर हैं देश में एक महंत की आत्म हत्या, असम की दुर्दांत गोलीबारी में मदमस्त फोटो ग्राफर का लाश पर कूदना, नाबालिग बच्चे का मारा जाना, किसान मोर्चे की 27 को भारत बंद...

झारखंड: ग्राहम स्टेंस, उनके बेटे फिलिप और टिमोथी को दी गयी श्रद्धांजलि

रांची। आज 23 जनवरी, 2021 को झारखंड जनतांत्रिक महासभा और झारखंड ओर्गनाइजेशन फ़ॉर सोशल हार्मोनी के संयुक्त तत्वावधान में लोको कॉलोनी, टाटा नगर, जमशेदपुर में ग्राहम स्टेंस और उनके दो बेटे फिलिप और टिमोथी की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन...

राहुल ही नहीं, वाजपेयी भी मनाते थे छुट्टी

अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। यही दिन थे गोवा छुट्टी मनाने गए थे। शाम को समुद्र किनारे बैठे समंदर निहार रहे थे। शाम उन्हें बहुत अच्छी लगती थी। सामने की छोटी टेबल पर ग्लास भी थी। फ़ोटो एजेंसी ने...

विनिवेश: शौरी तो महज मुखौटा थे, मलाई ‘दामाद’ और दूसरों ने खायी

एनडीए प्रथम सरकार के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने आरएसएस की निजीकरण की नीति के तहत सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में सरकारी हिस्सेदारी के विनिवेश को अपने शासन का नीतिगत आचरण बना लिया था। उस दौर में मारुति, बाल्को, आईपीसीएल समेत...

वाजपेयी काल के विनिवेश का घड़ा फूटा, शौरी समेत 5 लोगों पर केस दर्ज़

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में अलग बने विनिवेश (डिसइन्वेस्टमेंट) मंत्रालय ने कई बड़ी सरकारी कंपनियों को बेचने की मंजूरी दी थी। मंत्रालय के मुखिया के तौर पर अरुण शौरी को तब आलोचनाओं का शिकार भी होना पड़ा था।...

रामशरण जोशी: स्वामी अग्निवेश को जैसा मैंने देखा!

(स्वामी जी का कर्म रण भूमि से हठात जाना किसे नहीं अखरेगा? मौजूदा  दौर में  तो  उनकी हस्तक्षेपकारी भूमिका की पहले से अधिक ज़रूरत थी। यकीनन उनके जाने से  फासीवादी शक्तियों  को राहत की सांस लेने का अवसर ज़रूर मिल गया है। इन्हीं फासीवादी तत्वों ने 2018  में  झारखण्ड में उनके लीवर को इतना आघात पहुँचाया कि वह तब से सामान्य नहीं हो सका। इसी  कुकृत्य को  2019  में  भी  दोहराया गया था जब ...

कारगिल युद्ध की खुफिया विफलता से सबक लिया गया होता तो मौजूदा चीन प्रकरण से बचा जा सकता था!

अगर युद्ध की बात करें तो कारगिल 1962, 65 और 71 की तरह का युद्ध नहीं था। यह युद्ध घोषित भी नहीं था। इसीलिए भारत ने एलओसी को पार नहीं किया और अपेक्षाकृत जन हानि झेलते हुए भी अपनी...
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छत्तीसगढ़: भूमि अधिकार आंदोलन के तहत आयोजित हुआ राज्य स्तरीय सम्मेलन 

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास्टोरल सेंटर में भूमि अधिकार आंदोलन का राज्य सम्मेलन आयोजित हुआ। 28 जून...
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