ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जो चाहे बर्दाश्त कर लें, पर उनकी हंसी उड़े… Read More
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हाल ही में कांग्रेस की आलोचना पर एक सज्जन इस कदर तिलमिला गए कि शालीन संवाद छोड़… Read More
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और दुष्यंत दवे की कड़ी में मानवाधिकारों के लिए लड़ने वाले देश के… Read More
”एक समाज जनसंहार को रोकना चाहता है। इससे जुड़े कार्यक्रमों को रोका जाता है और गिरफ़्तारियां होती… Read More
हिंदी साहित्य के आकाश में नामवर सिंह उन नक्षत्रों में से एक हैं, जो अपनी चमक हमेशा… Read More
मार्क्सवाद समाज को समझने का विज्ञान और उसे बदलने का आह्वान है। समाज के हर पहलू पर… Read More
26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोजित संविधान दिवस समारोह में केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री और… Read More
बिहार में राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और वामपंथी दलों का महागठबंधन अपने चुनाव अभियान में प्रधानमंत्री नरेंद्र… Read More
पांच दिन पहले ‘आलोचना’ पत्रिका का 62वां (अक्तूबर-दिसंबर 2019) अंक मिला। कोई विशेषांक नहीं, एक सामान्य अंक।… Read More
सवाल: आपने कहा कि आलोचना और कड़ी आलोचना कोर्ट की रक्षा करती है कोर्ट ने कहा कि आलोचना साफ सुथरी होनी चाहिए। उसे लक्ष्मण रेखा पार नहीं करनी चाहिए। तो क्या कोर्ट आलोचकों से आत्म अनुशासित होने की बात कह रही है?… Read More