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Saturday, September 25, 2021

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शोषितों के आर्थिक सामाजिक विषमता को पाटे बिना राष्ट्र नहीं हो सकता : बाबू जगदेव प्रसाद

“दस का शासन नब्बे पर, नहीं चलेगा, नहीं चलेगा।” “सौ में नब्बे शोषित हैं, नब्बे भाग हमारा है” “धन-धरती और राजपाट में नब्बे भाग हमारा है।” तथा “मानववाद की क्या पहचान, ब्राह्मण भंगी एक समान” पुनर्जन्म और भाग्यवाद, इनसे जन्मा ब्राह्मणवाद”- जैसे समाजिक न्याय...

बिहार में कोरोना से हुई मौतों की संख्या 20 से 25 गुना ज्यादा: कविता कृष्णन

पटना। भाकपा-माले की एक उच्चस्तरीय टीम ने बिहार के कई जिलों का विगत दिनों दौरा किया। टीम में भाकपा-माले की पोलित ब्यूरो की सदस्य कॉ. कविता कृष्णन, समकालीन लोकयुद्ध के संपादक संतोष सहर और केंद्रीय सोशल मीडिया ग्रुप के...

क्यूबा में विरोध प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका का हाथ

रविवार 11 जुलाई को क्यूबा की राजधानी हवाना में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर सरकार का विरोध करने के लिए उतरे, जो दशकों में कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा संचालित द्वीप पर सबसे बड़ा सरकार विरोधी प्रदर्शन था। सुरक्षाबलों की...

स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्थिक विकास के बीच है गहरा रिश्ता

हाल की वैश्विक कोरोना त्रासदी में भारत की स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता से यह स्पष्ट हो चुका है कि,  देश में स्वास्थ्य-सुविधाओं का ढांचा अत्यधिक कमजोर है। अतः देश के नीति निर्धारकों को देश के भावी विकास और उसमें...

वित्तमंत्री जी! पर्यटन से जुड़े लोगों को लोन नहीं, आर्थिक मदद चाहिए

कोविड-19 और लंबी मियाद तक चले लॉकडाउन के चलते देश का टूरिज्म उद्योग बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज 28 जून सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोविड...

कोविड दौर में जीवन-मौत के चार अध्याय

इलाहाबाद। ‘‘ठीक है यार, कोई बात नहीं’’ निहाल मिश्र हिम्मत और विनम्रता से बोले जब दिल्ली के उनके तीन मित्रों ने उनके यहां रहने के लिए मना कर दिया। वह अपनी पत्नी को ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइन्सेस...

बिहार चुनाव के बीच मोदी सरकार को चुनाव आचार संहिता से छूट क्यों मिली?

चुनाव आयोग, क्या सरकारी कर्मचारियों को मतदाता नहीं मानता? क्योंकि यदि सरकारी कर्मचारी भी मतदाता हैं तो चुनाव की घोषणा होने या आदर्श चुनाव संहिता के लागू होने के बाद इन्हें रिझाने या बहलाने के लिए किसी रियायत या...

राज्यों को आर्थिक तौर पर कंगाल बनाने की केंद्र सरकार की रणनीति के निहितार्थ

संघ नियंत्रित भाजपा, नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न तरीकों से देश की विविधता एवं विकेंद्रीकरण को समाप्त करने की कोशिश कर रही है। इसका लक्ष्य पूरे देश में संघ की सामाजिक-सांस्कृतिक नीतियों को थोपने के मार्ग की सारी...

मोदी सरकार जनता नहीं, कंपनी राज की है हिमायती

दिसंबर 2002-03 में पूर्वांचल उद्योग बचाओ सम्मेलन का आयोजन देवरिया जनपद के गोरयाघाट चौराहे पर कॉमरेड सीबी सिंह (सीबी भाई) की अध्यक्षता में किया गया था। उस कार्यक्रम में पूर्वांचल से तमाम सम्मानित जन प्रतिनिधि, किसान एवं मजदूर नेता...

नई शिक्षा नीति पर टिप्पणी: प्राथमिक स्तर से ही होनी चाहिए पढ़ाई की समान व्यवस्था

नयी शिक्षा नीति के अनुसार प्राथमिक शिक्षा जो मातृभाषा में देने की बात की गई है, वह क्या केवल सरकारी स्कूलों के लिये ही है या सभी कॉन्वेंट और पब्लिक स्कूलों के लिये भी है ? सरकार न तो उद्योग...
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मोदी को कभी अटल ने दी थी राजधर्म की शिक्षा, अब कमला हैरिस ने पढ़ाया लोकतंत्र का पाठ

इन दिनों जब प्रधानमंत्री अमेरिका प्रवास पर हैं देश में एक महंत की आत्म हत्या, असम की दुर्दांत गोलीबारी...
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