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economy

अभिजीत बनर्जी अगर भारत में ही रहने का निर्णय लिए होते, तो आज क्या होता ?

कल से ही देश के सभी अंग्रेजी और हिंदी समाचारपत्रों, टीवी न्यूज़ और सबसे अधिक सोशल मीडिया में अर्थशास्त्र के…

1 year ago

हमने कभी नहीं कहा था कि हम सबको सरकारी नौकरी देंगे। हम ये अभी भी नहीं कह रहे हैं: रविशंकर प्रसाद

धीरज रखें। इस पंक्ति को पढ़ते ही अधीर न हों। यह मेरे लेख के सबसे कम महत्वपूर्ण बातों में से…

1 year ago

चरमराती अर्थव्यवस्था में अब एफसीआई की बारी, खाद्य निगम पर भारी पड़ रहा है 3 लाख करोड़ रुपये के कर्जे का बोझ

भारतीय खाद्य निगम के चरमराने की ख़बरें आने लगी हैं। इसी के ज़रिए भारत सरकार किसानों से अनाज ख़रीदती है।…

1 year ago

लूट की अर्थव्यवस्था को खत्म करने के लिए सत्ता के सरदार का गिरेबान पकड़ना जरूरी

मोदी जी समझते हैं कि वे जितना कहते हैं, लोग उतना ही समझते हैं। कहने वाले और सुनने वाले के…

1 year ago

नौकरी और सैलरी संबंधी संकट के बावजूद हिंदूध्वज वाहक बने रहना चाहते हैं सरकारी कर्मचारी

2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही विदेशी निवेशकों ने भरोसा दिखाना शुरू कर दिया था। जिसके कारण भारत…

1 year ago

निर्मला जी! पकौड़े और दुकान से नहीं संभलेगी भारत की बिगड़ी हुयी भीमकाय अर्थव्यवस्था

भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ मजाक हो रहा है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने तो सचमुच में देश को बहीखाते के युग…

1 year ago

राजनीति को ठीक किए बगैर नहीं होगी अर्थव्यवस्था दुरुस्त

मोदी जी समझते हैं कि वे जितना कहते हैं, लोग उतना ही समझते हैं। कहने वाले और सुनने वाले के…

1 year ago

सत्ता प्रायोजित मॉब लिंचिंग के बीच दो साल पहले ही मंदी ने दे दी थी दस्तक

दुनिया के कई आर्थिक पंडित दो साल पहले ही वैश्विक आर्थिक मंदी के बारे में घोषणा कर चुके हैं कि…

1 year ago

मोदी सरकार के चौतरफा कुप्रबंधन के चलते अर्थव्यवस्था में आयी मंदी: मनमोहन सिंह

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि अर्थव्यवस्था में…

1 year ago

खास राजनीति से जुड़ा हुआ है यह आर्थिक संकट

काला धन और सफ़ेद धन का फ़र्क़ यही है कि जिस धन में से सरकार के राजस्व का शोधन कर…

1 year ago