Friday, February 3, 2023

economy

नवउदारवादी अर्थनीति, बहुसंख्यकवाद और राजनीतिक बंदियों की रिहाई पर विपक्ष की चुप्पी आत्मघाती

देश तीखे राजनीतिक संघर्ष के दौर में प्रवेश कर गया है, जिसमें सबकी निगाह अगले महीने शुरू होने जा रहे चुनावों की श्रृंखला पर है जिनकी चरम परिणति भारतीय लोकतन्त्र के लिए निर्णायक 2024 के आम चुनाव में होगी।  राष्ट्रीय...

नव-उदारवाद ने भारत को बनाया या बिगाड़ा?

नव उदारवादी आर्थिक नीतियों के जो परिणाम आज हम देख रहे हैं, उसके लिए सिर्फ मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराना इंसाफ नहीं होगा। बल्कि इसकी जिम्मेदारी उन तमाम सरकारों पर आएगी, जिन्होंने पिछले तीन दशक में इन नीतियों पर...

सुभाष चंद्र बोस के मामले में तथ्यों को तोड़-मरोड़ रहे हैं मोदी

इस साल 8 सितंबर, 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सुभाषचन्द्र बोस के विचारों और उनकी राजनीति को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने का एक और अवसर मिल गया। नेताजी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए मोदी ने कहा कि...

मनरेगा मजदूरों ने समय पर भुगतान न होने पर मुआवजा और काम न होने पर बेरोजगारी भत्ते की मांग की

झारखंड। कहना ना होगा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारन्टी कानून (मनरेगा) देश के असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को रोजगार देने वाली एकमात्र योजना है। जिसने 2008 के वैश्विक आर्थिक सुनामी और 2020 में विश्वव्यापी कोरोना संकट में...

गौर कीजिए भारत के वर्तमान के इस पहलू पर

कुछ पहले आई इस खबर ने भारत में जश्नभरा माहौल बना दिया कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। इसके साथ ही ये खबर भी आई कि इस दशक के अंत तक अमेरिका और...

कागज़ी आजादी और गुलामी की जड़ें

राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक जाती सड़क का नाम था -'राजपथ'। इसको बदलकर अब इसका नाम 'कर्तव्य पथ' रख दिया गया है। बात इतनी सी है कि प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजपथ पर जो परेड...

कर्जा लो, घी पियो और वसूली की बारी आए तो बट्टे खाते में डाल दो!

चार्वाक दर्शन का मूल मंत्र है ‘कर्ज़ लो घी पियो’। नव उदारवाद या आर्थिक उदारीकरण का भी मूलमंत्र कमोवेश यही है। अब कर्ज़े पर आधारित विकासवाद में कर्ज़े पर कर्ज़ा, नए काम पर नए काम, देखने सुनने में बड़ा...

भूख, कुपोषण और भुखमरी का सामना कर रहे श्रीलंका की अर्थव्यवस्था “रॉक बॉटम”  पर पहुंची 

(पत्रकार तुषार धारा द्वारा कोविड-19 के बाद श्रीलंका में आर्थिक और सामाजिक संकट पर लेखों की श्रृंखला में यह पहला लेख है।वह देश में आंखों देखी वहां की घटनाओं पर रिपोर्ट करने के लिए गए थे-संपादक) जैसे 31 दिसंबर को...

   शिक्षा, विकास और नास्तिकता का परस्पर संबंध

धर्म के प्रति मुख्य आकर्षण का एक कारण यह है कि यह अनिश्चित दुनिया में सुरक्षा का काल्पनिक अहसास दिलाता है। लेकिन बावजूद इसके दुनियाभर में नास्तिकता बढ़ रही है। कैलिफ़ोर्निया में क्लेरमोंट के पिटज़र कॉलेज में सामाजिक विज्ञान...

मोदी के नादान दोस्तों को नहीं पता कि वह क्या कह रहे हैं!

आज के ‘टेलिग्राफ’ में भाजपा के सांसद स्वपन दासगुप्ता ने अपने लेख के अंत में उपसंहार के तौर पर लिखा है- “दरअसल, मोदी ‘ग़रीबों के लिए’ कार्यक्रमों की ख़ातिर ‘ग़रीबों के द्वारा’ नेतृत्व को तैयार करने की कोशिश कर...

Latest News

फिर हुई राजीव यादव के अपहरण की कोशिश

ख़िरिया बाग। आज़मगढ़ के खिरियाबाग आंदोलन के नेता राजीव यादव का एक बार फिर अपहरण करने की असफल कोशिश...