Tuesday, January 18, 2022

Add News

economy

नई ऊंचाइयों पर है भारत में असमानता

विश्व असमानता रिपोर्ट 2022 के आंकड़ों के बाद भारत में बढ़ती आर्थिक असमानता फिर चर्चा में है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में 1 प्रतिशत सर्वाधिक अमीर लोगों के पास 2021 में कुल राष्ट्रीय आय का 22% हिस्सा था, जबकि...

चिली नवउदारवादी अर्थव्यवस्था का जनक था और अब यही कब्र बनेगा: नवनिर्वाचित राष्ट्रपति गैब्रिएल

चिली में 35 वर्षीय ग्रैबिएल बोरिक देश के अगले सबसे युवा राष्ट्रपति होंगे। शिक्षा के सवाल पर देश में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों की अगुआई करने के बाद वह राजनीति के केंद्र में आ गए थे। वह मुक्त बाजार...

नवउदारवाद और टपक बूंद सिद्धांत के दिवालियेपन को उजागर करती है वर्ल्ड इनइक्वलिटी रिपोर्ट

7 दिसम्बर, 21 को ज़ारी वर्ल्ड इनइक्वलिटी रिपोर्ट (World Inequality Report*) 2022 रिपोर्ट ने पिछली सदी के आखरी दशक से ज़ारी नवउदारवादी दौर के सबसे बड़े झूठ का पर्दाफाश करते हुए तथ्यों के आधार पर यह स्थापित किया है...

कृषि कानूनों में काला क्या है-10: कब्र मनमोहन ने खोदी, दफनाया मोदी ने

क्या आप जानते हैं किसानों कि बदहाली का बीज बोया था या दूसरे शब्दों में कहें तो किसानों का कब्रिस्तान नव उदारवाद या आर्थिक उदारीकरण के प्रणेता तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने बनाया था और उन्हें उस...

कोविड-19 से लैंगिक गैर बराबरी का ख़तरा बढ़ा: यूनेस्को रिपोर्ट

कोविड-19 महामारी ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं, उत्पादन व्यवस्था , सामाजिक, राजनीतिक व्यवस्थाओं को बुरी तरह प्रभावित किया है। करोड़ों लोगों को बेरोज़गार बनाने के साथ ही एक अरब से अधिक बच्चों को उनकी शिक्षा तक पहुंच...

दलितों के लिए तबाही का नया दौर साबित हुआ है आरएसएस-बीजेपी का शासन

दलितों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए भारत की जाति व्यवस्था सबसे बड़ी बाधा है। जाति पदानुक्रम के पायदान में सबसे नीचे, जाति उत्पीड़न के शिकार लोगों को दलित या अनुसूचित जाति (एससी) के रूप में संबोधित किया जाता...

नोटबन्दी ने बना दिया भारतीय अर्थव्यवस्था को ‘दिव्यांग’

जब नोटबंदी की घोषणा, 8 नवम्बर 2016 को रात 8 बजे प्रधानमंत्री जी कर रहे थे, तो अधिसंख्य देशवासियों की तरह मैं भी टीवी के सामने बैठा हुआ था। सेना प्रमुखों से मिलते हुए पीएम की फ़ोटो स्क्रीन पर...

क्या सचमुच कांग्रेस के पुनर्जीवन की शुरुआत हो गई है?

उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी की दो रैलियों (वाराणसी और गोरखपुर में) की सफलता से इस राज्य में कांग्रेस की संभावनाओं को लेकर एक नई चर्चा शुरू हुई है। यह शायद मोदी-योगी राज से समाज के एक बड़े हिस्से...

महंगाई ने खड़ा कर दिया है किसानों को शहरी मजदूरों की कतार में

मुरैना जिले के बस्तौली गाँव के गयाराम सिंह धाकड़ को समझ ही नहीं आ रहा है कि सरसों के उम्मीद से कहीं ज्यादा अच्छे भाव मिलने के बाद भी उनका सारा बजट कैसे गड़बड़ा गया। खर्चे अभी भी पूरे...

सत्ता मिली तो ‘हम दो, हमारे दो’ से कैसे निपटेगी कांग्रेस ,क्या है रोडमैप?

देश कि ध्वस्त अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी,भीषण मंहगाई और सरकार कि चतुर्दिक असफलता से एमपी, बिहार विधानसभा चुनाव से शुरू होकर बंगाल चुनाव तक प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और जनाधार में लगातार गिरावट से कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय राजनीतिक दलों...
- Advertisement -spot_img

Latest News

भारत के 98 अरबपतियों के पास 55.5 करोड़ लोगों के बराबर संपत्ति, 84 प्रतिशत परिवारों की आय घटी: ऑक्सफैम रिपोर्ट

जहां एक ओर आरएसएस-भाजपा ने पूरे देश में एक धार्मिक उन्मादी माहौल खड़ा करके लोगों को हिंदू-मुसलमान में बुरी...
- Advertisement -spot_img