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Saturday, September 25, 2021

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economy

हर लिहाज से गलत है सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने का सरकार का फैसला

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कई परिसंपत्तियों का निजीकरण करने का, सिवा व्यय के लिए स्रोत जुटाने के, और कोई कारण नहीं बताया है। हमें ऐसी वित्तीय रणनीति को समझना होगा। कोई भी अपनी खपत में कमी करके सार्वजनिक क्षेत्र...

बजट: राष्ट्रीय संपदा का कॉरपोरेट को हस्तानांतरण का रोडमैप

2021-22 का बजट सामान्य रूटीन का बजट नहीं हैं, यह खुलेआम इस बात की घोषणा करता है कि देश की अर्थव्यवस्था का विकास एवं संचालन निजी क्षेत्र द्वारा ही किया जा सकता है और किया जाना चाहिए। यह एक...

मोदी राज में डीजल पर 820 प्रतिशत और पेट्रोल पर 258 फीसद बढ़ी एक्साइज ड्यूटी

जब से केंद्र में मोदी सरकार ने सत्ता संभाली है, तब से अब तक लगभग पिछले साढ़े छह साल में डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 820 फीसद और पेट्रोल पर 258 प्रतिशत बढ़ाई गई है। सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स...

लोकतंत्र की गणित और आंदोलन का अर्थशास्त्र

आंदोलन समाज में सुधार के लिए प्रेरित होते हैं या नीतिगत निर्णयों के प्रति एक सशक्त असहमति व्यक्त करते हैं। मूल रूप से लोकतंत्र में आंदोलन का उद्गम इन्हीं कारणों पर आधारित होता है। समाज में हमेशा से आंदोलन...

किसान आंदोलनः हिंदुत्व के महाख्वाब से बाहर आकर अपनी जड़ों की तरफ लौटने को तत्पर गांव

हां, दिल के करीब है खेती-किसानी। और, दिमाग के? ढेरों सवाल उमड़ पड़ते हैं। खेती करना घाटे का सौदा है; यहां तो बस जिंदगी थमी सी रहती है; काम करते जाओ बैल की तरह और बस उस जैसा ही...

‘भरोसे की प्रतीक’ एलआईसी अब किसके भरोसे?

सरकार की अयोग्यता और ख़राब आर्थिक नीतियों के कारण बेदम और बदहाल अर्थव्यवस्था अब बर्बादी की कब्रगाह बन चुकी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को आम बजट पेश किया और बजट पेश करने के साथ ही उन्होंने...

बजट ने किया निराश, किसानों की आत्महत्याएं बढ़ने की आशंका- डॉ. सुनीलम

किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष, जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय के संयोजक मंडल के सदस्य, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के वर्किंग ग्रुप के सदस्य एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने केंद्र सरकार के बजट को निराशाजनक एवं पूंजीपतियों...

कारपोरेट और शोषण परस्त नीतियों के खिलाफ दरकार है एक मुकम्मल लड़ाई की

गणतंत्र दिवस पर पिछले दो महीनों से भी अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले किसानों के ट्रैक्टर मार्च के साथ जो कुछ देखने को मिला है, वह अपने आप में कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को खड़ा करता...

सरकारी खर्चे पूरा करने के लिए लगातार बढ़ाए जा रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम

कोई माने या न माने पर एक जागरूक नागरिक और पत्रकार होने के नाते मेरा मानना यही है कि मोदी सरकार गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रही है और सरकारी खर्चे का बड़ा हिस्सा पेट्रोलियम उत्पादों पर लगाए गए...

अंतर्घाती मोदी सरकार के खिलाफ किसानों और भारत के जन-जन की हुंकार

आरएसएस और मोदी ने भारत को अंदर से खोखला करने के अपने अंतर्घातमूलक अभियान का प्रारंभ सत्ता पर आने के साल भर के अंदर ही 2015 के उस रफाल विमानों के सौदे से शुरू किया था, जिसमें 126 विमानों...
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छत्तीसगढ़: मजाक बनकर रह गयी हैं उद्योगों के लिए पर्यावरणीय सहमति से जुड़ीं लोक सुनवाईयां

रायपुर। राजधनी रायपुर स्थित तिल्दा तहसील के किरना ग्राम में मेसर्स शौर्य इस्पात उद्योग प्राइवेट लिमिटेड के क्षमता विस्तार...
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