Sunday, October 17, 2021

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देश के लोकतांत्रिक वजूद के लिए खतरा हैं आरएसएस और बीजेपी: अखिलेंद्र

देश अपने राजनीतिक व सांस्कृतिक जीवन के सबसे बुरे दौर में है। मोदी सरकार के केन्द्रीय सत्ता पर काबिज होने के साथ देश में गुणात्मक परिवर्तन शुरू हुए। आज वैश्विक पूँजी और बड़ी भारतीय पूंजी ने राज्य पर अपनी...

कोरोना के बाद वैश्विक स्तर पर कृत्रिम अर्थव्यवस्था की पैदाइश

कोरोना-त्रासदी से उत्पन्न नई वैश्विक अर्थव्यवस्था द्वारा एक नई कृत्रिम वैश्विक अर्थव्यवस्था का जन्म हुआ है, जिसमें आवश्यकता, निवेश,  उत्पादन और उपभोग के  स्वरूप को बदल दिया गया है। इसके पूर्व वैश्विक अर्थव्यवस्था में परिवर्तन के द्वारा विकासशील देशों...

आर्थिक बदहाली ने तोड़ दी है जनता की कमर

विश्व और देश की भीषण त्रासदी के दौर से गुजरता हुआ देश का आम नागरिक त्रस्त एवं  प्रताड़ित है। संक्रमण के कारण स्वास्थ्य और जीवन पर संकट की जो स्थिति मार्च 2020 में प्रारंभ हुई थी, वह निरंतर जारी रही और मार्च 2021 में भीषणतम हो...

समाजवादियों के पास है सुचारू व्यवस्था

अर्थव्यवस्था के सभी अनुमान ढलान की ओर हैं। वर्तमान सत्ता-पार्टी अफवाहों की विशेषज्ञ है। व्यवस्था संभालना इनको नहीं आता। पशुपालन, खेती, उद्योग, चिकित्सा तथा भूख की समस्या से अनभिज्ञ है। यही कारण है कि जीडीपी गिर रही है। जिस जीएसटी को ये...

कामकाजी महिलाओं के लिए कहर बन कर आया कोरोना

कोविड 19 के संक्रमण का असर, विशेषकर दूसरी लहर के दौरान, बड़ी संख्या में मौतों के रूप में हुआ है, और इसका असर कोरोनोत्तर काल आर्थिक स्थिति पर भी पड़ रहा है। इसमे भी, इसका सबसे बुरा असर, बेरोजगारों...

हमने नाइजीरिया को भी पछाड़ दिया है !

भारत ने अब नाइजीरिया को पछाड़ दिया है। यह वाक्य आप को हैरान कर देगा कि नाइजीरिया और भारत का क्या मुकाबला कि उसे पछाड़ने का उल्लेख किया जा रहा है। लेकिन हमने जिस संदर्भ में नाइजीरिया को पछाड़ा...

अर्थव्यवस्था का रसातलीकरण जारी! जीडीपी -7.3 फीसद पर पहुंची

पिछले सात साल के मोदी सरकार के गुड गवर्नेंस के सातवें साल में देश ने इतनी तरक्की की कि जीडीपी माइनस सात दशमलव तीन फीसद पर पहुंच गयी है। पिछले 40 साल में अर्थव्यवस्था सबसे खराब दौर से गुजर रही है। फाइनेंशियल...

मोदी के 7 साल: उपलब्धियों के नाम पर बिग जीरो और हर मोर्चे पर नाकामियां

30 मई को मोदी के शासन काल के 7 वर्ष पूरे हो गए, प्रस्तुत है उनकी उपलब्धियों का एक संक्षिप्त आकलन  आर्थिक उपलब्धियां   गरीबी- इस बीच भारत 23 करोड़ और लोग गरीबी रेखा के नीचे धकेल दिए गए। ये लोग इसके...

भयावह बेरोजगारी ला सकती है महामारी की दूसरी लहर

आर्थिकी के प्रभाव का अंदाज़ा तुरन्त नहीं होता है, बल्कि यह समय लेता है। मार्च 2020 के तीसरे हफ्ते में एक दिन का ताली थाली मार्का लॉक डाउन लगा था तो वह एक छुट्टी के उत्सव के समान लगा।...

सब बेच डालने की जगह बनाने पर ध्यान होता तो यूं न बिगड़ते हालात

उदारीकरण के दौर में जब सब कुछ निजी क्षेत्रों में सौंप दिए जाने का दौर शुरू हुआ तो उसकी शुरुआत मुक्त बाजार और लाइसेंस परमिट मुक्त उद्योगों से हुई। जो सिस्टम, धीर-धीरे ही सही, लोककल्याणकारी राज्य की अवधारणा के...
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जनसंहार का ‘आशीष मिश्रा मॉडल’ हुआ चर्चित, कई जगहों पर हुईं घटनाएं

दिनदहाड़े जनसंहार का 'भाजपाई आशीष मिश्रा मॉडल' चल निकला है। 3 अक्टूबर से 16 अक्टूबर के बीच इस तरह...
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