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सत्ता मिली तो ‘हम दो, हमारे दो’ से कैसे निपटेगी कांग्रेस ,क्या है रोडमैप?

देश कि ध्वस्त अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी,भीषण मंहगाई और सरकार कि चतुर्दिक असफलता से एमपी, बिहार विधानसभा चुनाव से… Read More

महात्मा गांधी के विचारों की प्रासंगिकता एवं उनसे असहमति: कारण और परिणाम

विचार कभी समाप्त नहीं होते हैं। विशेषकर जन नायकों द्वारा समाज को प्रभावित और उद्ववेलित कर परिवर्तन… Read More

क्या कहते हैं कम्पनियों पर ‘पांचजन्य’के हमले?

निहित स्वार्थों की साधना में सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों की भूमिकाएं हथियाना, सांस्कृतिक संगठन के चोले में… Read More

असंगठित क्षेत्र में श्रमिकों के अधिकारों में गंभीर क़ानूनी कमी:जस्टिस भट

उच्चतम न्यायालय के जस्टिस रवींद्र भट ने कहा है कि असंगठित क्षेत्र में श्रमिकों के अधिकारों की… Read More

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने बढ़ा दिया बैंकों के एनपीए का संकट

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) की शुरुआत छोटे कारोबारियों के कारोबार हेतु कर्ज उपलब्ध कराने से हुई है।… Read More

‘जुर्माना’ कहानी की समीक्षा के बहाने: पसमांदा समाज के महान कथाकार थे मुंशी प्रेमचंद

कथाकार प्रेमचंद की कहानी ‘ज़ुर्माना’ अशराफ बनाम पसमांदा के बीच अंर्तद्वन्द्व को समझने के लिए बेहतरीन कहानी… Read More

प्रधानमंत्री का स्वतन्त्रता दिवस उद्बोधन: वे बोले तो बहुत किंतु कहा कुछ नहीं

यह पहली बार हुआ है कि देश के प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस उद्बोधन को किसी गंभीर चर्चा… Read More