Saturday, July 2, 2022

environment

एक दिन झाड़ियों में गुम हो जायेगी विश्व विख्यात फूलों की घाटी

पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी के नितांत अभाव, वन एवं वन्यजीव संरक्षण के अव्यवहारिक सरकारी उपाय और विवेकहीन पर्यटन तथा विकास की नीतियों के चलते धरती पर स्वर्ग का जैसा नजारा देने वाली ”विश्व विख्यात फूलों की घाटी’’ का अस्तित्व...

खतरे में ‘छत्तीसगढ़ का फेफड़ा’: हसदेव को बचाने के लिए दिल्ली से हुआ आह्वान

नई दिल्ली। फ्रेंड्स ऑफ हसदेव अरण्य की ओर से 25 मई यानि कल दिल्ली स्थित प्रेस क्लब में दोपहर 12:30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। जिसमें हसदेव को बचाने के मसले पर बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और तमाम...

आसमान से बरसती आग और बेहाल जिंदगी

समूचे देश में गरमी की लहर चल रही है। इस स्थिति से छुटकारा मिलने की अभी उम्मीद नहीं है। भारतीय मौसम विभाग ने देश के पूर्वी, मध्य व पूर्वोत्तर क्षेत्र में अगले पांच दिनों में लू चलने की चेतावनी...

खेती और बागवानी की उपेक्षा और अनियोजित और अमर्यादित पर्यटन का दंश झेल रहे हैं पहाड़ के किसान

सरकारों द्वारा किसानी, बागवानी और परम्परागत धंधों को मदद करने के बजाए पर्यटन के विस्तार पहाड़ में आर्थिक असंतुलन बढ़ रहा और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।  जिससे पहाड़ के लोगों में भारी आक्रोश देखने को...

पांच सौ से ज्यादा लोग जुटे आशारोड़ी को बचाने के लिए

देहरादून। देहरादून के जंगलों को काटने का जो आंदोलन शुरू में बहुत कमजोर प्रतीत हो रहा था, वह अब मजबूत रूप ले रहा है। हालांकि अब तक शासन-प्रशासन की ओर से इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया है।...

जोर पकड़ने लगा देहरादून का वन बचाओ आंदोलन

देहरादून। देहरादून का आशारोड़ी के जंगल बचाने का काम अब जोर पकड़ने लगा है। सिटीजन फाॅर ग्रीन दून के आह्वान पर कुछ लोगों द्वारा शुरू किये गये इस आंदोलन में दर्जनों संस्थाएं और कई नामी पर्यावरणविद भी जुड़ गये...

‘ये जो कुल्हाड़ी पेड़ में मारी, तुमने अपने पैर पे मारी’

देहरादून। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे के लिए आशारोड़ी रेंज में साल के सैकड़ों साल पुराने जंगल को काटने का काम लगातार जारी है। दूसरी तरफ दून के सामाजिक संगठन और पर्यावरण प्रेमियों की ओर से किया जा रहा प्रदर्शन का सिलसिला...

वैश्विक खतरों पर आयी वर्ल्ड इकोनामिक फोरम की रिपोर्ट देती है खतरनाक संकेत

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने कुछ समय पहले ही ‘ग्लोबल रिस्क्स रिपोर्ट-2022’ जारी की है। इस रिपोर्ट ने इस वर्ष और भविष्य में होने वाले वैश्विक स्तर के  विभिन्न खतरों से विश्व बिरादरी को सावधान करने का प्रयास किया है।...

पर्यावरण: बजट में टिकाऊ विकास के लिए जुबानी भुगतान

“भारत को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा खतरा है जलवायु परिवर्तन”-यह बात भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए संसद में कही। उनके भाषण और बजट के दस्तावेज में टिकाऊ विकास का जिक्र हुआ, जिससे...

ऑक्सीजन की कमी से मरे नागरिकों को पेड़ लगाने की नसीहत

अप्रैल-मई 2021 कोरोना की दूसरी लहर में देश के नागरिकों को ऑक्सीजन की कमी से लोगों को तड़पा तड़पाकर मारने वाली सरकार के पर्यावरण मंत्री रहे प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हम जितने पेड़ लगाएं उतना ही बेहतर है।...
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कितना कारगर हो पाएगा प्लास्टिक पर प्रतिबंध

एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध एक जुलाई से लागू हो गया। प्लास्टिक प्रदूषण का बड़ा स्रोत है और...
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