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Saturday, September 18, 2021

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‘कोरस’ की नाट्य प्रस्तुति: ‘नीच’ में दिखा समानता के लिए स्त्री का संघर्ष

पटना। कोरोना महामारी के दौर में जहां सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियां लगभग ठप हैं, वैसे में 'कोरस' ने सामाजिक उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं के ख़िलाफ़ पटना के छज्जू बाग स्थित 13 नं. विधायक आवास के प्रांगण में कोरोना गाइडलाइन का पालन...

अमेरिका और तालिबान के बीच कब्जे की फिक्सिंग!

तालिबान दुनिया के सबसे निकृष्ट लोगों में से एक हैं। जो न दूसरों की सुनना जानते हैं और न समझना। स्वतंत्रता-समता, लोकतंत्र इनके बंदूक के आगे है ये दुनिया को वापस ज़हालत, धार्मिक कट्टरता की अंधी सुरंग में ले...

आडंबर, अंधविश्वास और शोषण के बिल्कुल खिलाफ थे शहीद-ए-आजम भगत सिंह

शहीद-ए-आजम भगत सिंह ने स्वतंत्रता से पूर्व कांग्रेस की पूंजीवादी व सामंतवादी नीतियों के खिलाफ जमकर लिखा था। एक लेख में उन्होंने लिखा था कि समाज के प्रमुख अंग होते हुए भी आज मजदूरों और किसानों को उनके प्राथमिक...

क्या धर्मनिरपेक्षता भारत की परंपराओं के लिए खतरा है?

भारत को एक लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश राज से मुक्ति मिली। यह संघर्ष समावेशी और बहुवादी था। जिस संविधान को आजादी के बाद हमने अपनाया, उसका आधार थे स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के...

संविधान दिवस पर विशेष: डॉ. आंबेडकर को ही भारतीय संविधान का निर्माता क्यों कहा जाता है?

26 नवंबर 1949 को डॉ. भीमाराव आंबेडकर ने भारतीय संविधान को राष्ट्र को समर्पित किया था। संविधान सभा के निर्मात्री समिति के अध्यक्ष डॉ. आंबेडकर की 125वें जयंती वर्ष 2015 में भारत सरकार ने 26 नवंबर को संविधान दिवस...

आधुनिक भारत के प्रस्तोता ज्योतिबा फुले, डॉ. आंबेडकर और राहुल सांकृत्यायन

(स्वतंत्रता, समता और भाईचारे पर आधारित आधुनिक भारत का सपना देखने वाले तीन महापुरुषों के जन्मदिन का समय है। 9 अप्रैल 1893 राहुल सांकृत्यायन, 11 अप्रैल 1827 जोतिबा फुले और 14 अप्रैल 1891 बाबा साहब भीमराव आंबेडकर। इन तीनों...

ग्राउंड रिपोर्टः संविधान और मुल्क बचाने की कसम खाकर धरने पर बैठी हैं सीलमपुर की महिलाएं

पिछली गलती से सबक लेते हुए सीलमपुर जाफरबाद की महिलाओं ने अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत की है। शनिवार को धरने का चौथा दिन था। धरने में हजारों महिलाएं दिन-रात बैठी हैं। पुरुष और बच्चे भी उनके समर्थन में डटे हुए हैं।...

धार्मिक मामलों में संविधान का कितना दखल? सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों की बेंच करेगी तय

उच्चतम न्यायालय की नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने सोमवार को कहा कि वह आवश्यक धार्मिक प्रथाओं पर मुद्दों को फिर से तैयार करने, आस्था और मौलिक अधिकारों के बीच परस्पर संबंध और धार्मिक प्रथाओं पर न्यायिक समीक्षा की सीमा...

726 बुद्धिजीवियों का खुला पत्र, कैब को बताया संविधान की मूल भावना के खिलाफ

एक बार फिर देश के 726 प्रगतिशील बुद्धिजीवियों (कलाकारों, शिक्षाविदों, नाटककारों) ने भारतीय सत्ता को एक पत्र लिख कर चेताया है कि उसके द्वारा नागरिकता संशोधन बिल (कैब) जो अब कानून बन चुका है, भारतीय संविधान की मूल भावना...
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आलोचकों को चुप कराने के लिए भारत में एजेंसियां डाल रही हैं छापे: ह्यूमन राइट्स वॉच

न्यूयॉर्क। ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि भारत सरकार मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और सरकार के दूसरे आलोचकों को चुप कराने के...
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