ज़रूरी ख़बर ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है! by उपेंद्र चौधरी December 24, 2019December 24, 2019 कला मनुष्य को एक ऐसी दुनिया से साक्षात्कार कराती है,जिसमें वह सबकुछ दिखता है,जो अमूमन दिखायी पड़ने… Read More
बीच बहस हमने कभी नहीं कहा था कि हम सबको सरकारी नौकरी देंगे। हम ये अभी भी नहीं कह रहे हैं: रविशंकर प्रसाद by रवीश कुमार October 13, 2019 धीरज रखें। इस पंक्ति को पढ़ते ही अधीर न हों। यह मेरे लेख के सबसे कम महत्वपूर्ण… Read More
बीच बहस पत्रकार प्रभात शुंगलू का प्रसून जोशी को खुला ख़त by Janchowk July 27, 2019 (मॉब लिंचिंग के मसले पर 49 बुद्धिजीवियों, फिल्मकारों और समाज शास्त्रियों के लिखे खत के जवाब में… Read More
संस्कृति-समाज यथार्थ और कल्पना के बीच झूलती रही “सुपर 30” by Janchowk July 16, 2019 ‘सुपर 30’ देखकर एक बात यह समझ में आती है कि लॉजिक सिर्फ मैथमेटिक्स में ही नहीं… Read More