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Monday, September 27, 2021

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सत्य के बरक्स झूठ का भीमकाय बनना

महात्मा गांधी ने एक बार कहा था, "सत्य ही ईश्वर है"। सत्य शब्द का प्रयोग कई अर्थों में किया जाता है। एक अर्थ में वह एक दार्शनिक कथन या सिद्धांत हो सकता है, जो ज्ञान की हमारी खोज की...

“गोडसे के वंशज, हिटलर के अनुयायी जहां भी सत्ता में रहेंगे; गुंडागर्दी, मारपीट, जासूसी और देश बेचने का ही काम करेंगे”

राज्यसभा में विपक्षी महिला सांसदों पर पुरुष मॉर्शल से करवाए गये हमले पर प्रतिक्रिया देते हुये राष्ट्रीय जनता दल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया है कि "बिहार विधानसभा में जो कुकर्म 23 मार्च 2021 को विपक्षी विधायकों के...

गोएबेल्स बन गया है भारतीय मीडिया का ब्रांड एंबेसडर

2014 के बाद देश में अनेक बदलाव देखने को मिले जिसमें से सबसे बड़ा और घातक बदलाव है संचार माध्यमों में झूठी खबरों और ऐतिहासिक तथ्यों के विकृतिकरण की कोशिश। दरअसल मिथ्या या दुष्प्रचार की रणनीति नयी नहीं है,...

भारत में नहीं हो पाएगा किसी हिटलर का उदय

जो अपने विषाद के क्षण में कहते पाए जाते हैं कि ‘भारत बदल गया है’, वे हमारे जीवन के यथार्थ के विश्लेषण में बड़ी चूक करते हैं ।सच यह है कि भारत नहीं, भारत का शासन बदल गया है...

कोरोना को परास्त करने के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सर्वदलीय समितियों का हो गठन

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिटलर ब्रिटेन समेत समस्त यूरोप पर हमले की तैयारी कर रहा था। उस समय ब्रिटेन सबसे शक्तिशाली देश था और नेविल चैम्बरलेन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थे। ब्रिटेन की जनता की राय थी कि चेम्बरलेन...

30 अप्रैलः हिटलर की खुदकुशी का दिन और उसकी नाटकीयता

30 अप्रैल यानी आज ही के दिन एडोल्फ हिटलर ने आत्महत्या की थी। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जब हिटलर को लगने लगा कि अब वह यह बड़ी जंग किसी भी तरह से, जीत नहीं पायेगा तो उसने अपनी पत्नी...

जनता के सवालों पर गंभीर बहसों से भाग रहे हैं नीतीश: दीपंकर भट्टाचार्य

पटना। भाकपा-माले महासचिव कॉ. दीपंकर भट्टाचार्य ने आज पटना में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता के सवालों-मुद्दों पर चर्चा से भाग रहे हैं। यदि वे भाजपा से अलग होने...

कृषि कानूनों के चाहे-अनचाहे नतीजे

पलासी की निर्णायक लड़ाई में, जिसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपने पैर जमा लिए और अपना शासन कायम कर लिया, हार लड़ाई के मैदान में नहीं, बल्कि एक सेनापति की दगाबाजी के कारण हुई। इसी तर्ज...

फेसबुक का हिटलर प्रेम!

जुकरबर्ग के फ़ासिज़्म से प्रेम का राज़ क्या है? हिटलर के प्रतिरोध की ऐतिहासिक तस्वीर से फेसबुक को दिक्कत क्या है? फेसबुक ने हिन्दी के मशहूर कहानीकार चंदन पांडेय की वॉल पर लगी उस मशहूर तस्वीर को अपने `कम्युनिटी...

तानाशाह के आगे झुके समूह में इंकार की ज़िद के लिए क्या चाहिए?

(अमेरिकन लेखिका इजाबेल विल्करसन ने अपनी नयी किताब `कास्ट: द लाइज दैट डिवाइड अस` (Caste: The Lies That Divide Us) में अमेरिकी समाज की तुलना भारत के जातिवाद और जर्मनी के नाज़ीवाद से की है। यह किताब अमेरिका में काफी...
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जन्मदिन पर विशेष: भगत सिंह चाहते थे सर्वहारा की सत्ता

भगत सिंह को भारत के सभी विचारों वाले लोग बहुत श्रद्धा और सम्मान से याद करते हैं। वे उन्हें...
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