Friday, July 1, 2022

Minorities

नेहरू के भाषणों के आइने में नरेंद्र मोदी की स्पीच

वैसे तो प्रधानमंत्री जी के संसद में दिए गए भाषण भी चुनावी भाषणों की भांति होते हैं और इनमें कटुता तथा व्यक्तिगत आक्षेपों की प्रचुरता होती है किंतु चुनावी भाषणों की जो शैली उन्होंने विकसित की है वह तो...

दूसरा गुजरात बन गया है मध्य प्रदेश

गुजरात की तर्ज पर अब बारी मध्य प्रदेश को हिंदुत्व की प्रयोगशाला बनाने की है। इस सिलसिले में मध्य प्रदेश के तमाम जिलों में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने निकले...

हकीकत और फसाने के बीच ऑनलाइन की फसंत

इस लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई, ऑनलाइन काम, डिजिटल भुगतान, ट्विटर आंदोलन, वेबिनार जैसे शब्द तेजी से हमारी भाषा का हिस्सा हो गए। ट्रोल जैसे शब्द तो पहले से ही चल रहे हैं, लेकिन जब इन शब्दों का प्रयोग...

झारखंड सरकार सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर अपना मत साफ करे

रघुबर दास के नेतृत्व वाली पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा झारखंड में जन अधिकारों और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर लगातार हमले हुए। इसमें सीएनटी-एसपीटी में संशोधन की कोशिश, भूमि अधिग्रहण क़ानून में बदलाव, लैंड बैंक नीति, भूख से...

झारखंडः हाशिये के लोगों को ध्यान में रखकर बनाया जाए बजट

झारखंड में आने वाले आगामी बजट पर रांची के एचआरडीसी में सामाजिक संगठनों द्वारा दो दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा का आयोजन दलित आर्थिक अधिकार आंदोलन-एनसीडीएचआर और भोजन के अधिकार अभियान के द्वारा किया गया। परिचर्चा में...

यूपी सरकार पुलिस से करा रही है संप्रदायिक हिंसा

सीएए (नागरिकता संशोधन कानून), एनसीआर (नेशनल सिटिजन रजिस्टर) और एनपीआर (नेश्नल पोपुलेशन रजिस्टर) के ज़रिये जिस तरह बीजेपी सरकार संविधान के खिलाफ़ जाकर नागरिकों को हिंदू-मुसलमान के दायरे में बांधना चाहती है, उसके खि़लाफ देश भर में आंदोलन-विरोध प्रदर्शन...

शाह का पकड़ा गया झूठ, गृह मंत्रालय की रिपोर्ट कहती है, ‘एनआरसी को लागू करने का पहला कदम है एनपीआर’

पूरा देश नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में सुलग रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ऐसे बयान दे रहे हैं जिनकी काट सरकारी दस्तावेजों में ही माजूद है। सीएए के साथ एनआरसी पर धरना,...
- Advertisement -spot_img

Latest News

ग्राउंड रिपोर्ट : नाम, नमक और निशान पाने के लिए तप रहे बनारसी नौजवानों के उम्मीदों पर अग्निवीर स्कीम ने फेरा पानी 

वाराणसी। यूपी और बिहार में आज भी किसान और मध्यम वर्गीय परिवार के बच्चे किशोरावस्था में कदम रखते ही...
- Advertisement -spot_img