वैसे तो प्रधानमंत्री जी के संसद में दिए गए भाषण भी चुनावी भाषणों की भांति होते हैं और इनमें कटुता तथा व्यक्तिगत आक्षेपों की प्रचुरता होती है किंतु चुनावी भाषणों की जो शैली उन्होंने विकसित की है वह तो...
गुजरात की तर्ज पर अब बारी मध्य प्रदेश को हिंदुत्व की प्रयोगशाला बनाने की है। इस सिलसिले में मध्य प्रदेश के तमाम जिलों में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने निकले...
इस लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई, ऑनलाइन काम, डिजिटल भुगतान, ट्विटर आंदोलन, वेबिनार जैसे शब्द तेजी से हमारी भाषा का हिस्सा हो गए। ट्रोल जैसे शब्द तो पहले से ही चल रहे हैं, लेकिन जब इन शब्दों का प्रयोग...
रघुबर दास के नेतृत्व वाली पूर्व की भाजपा सरकार द्वारा झारखंड में जन अधिकारों और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर लगातार हमले हुए। इसमें सीएनटी-एसपीटी में संशोधन की कोशिश, भूमि अधिग्रहण क़ानून में बदलाव, लैंड बैंक नीति, भूख से...
झारखंड में आने वाले आगामी बजट पर रांची के एचआरडीसी में सामाजिक संगठनों द्वारा दो दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा का आयोजन दलित आर्थिक अधिकार आंदोलन-एनसीडीएचआर और भोजन के अधिकार अभियान के द्वारा किया गया।
परिचर्चा में...
सीएए (नागरिकता संशोधन कानून), एनसीआर (नेशनल सिटिजन रजिस्टर) और एनपीआर (नेश्नल पोपुलेशन रजिस्टर) के ज़रिये जिस तरह बीजेपी सरकार संविधान के खिलाफ़ जाकर नागरिकों को हिंदू-मुसलमान के दायरे में बांधना चाहती है, उसके खि़लाफ देश भर में आंदोलन-विरोध प्रदर्शन...
पूरा देश नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में सुलग रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ऐसे बयान दे रहे हैं जिनकी काट सरकारी दस्तावेजों में ही माजूद है। सीएए के साथ एनआरसी पर धरना,...