Wednesday, January 26, 2022

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सावरकर प्रकरण: बंटवारे की भूमिका लिखने वाले, बंटवारे को रोक कैसे सकते थे ?

वीडी सावरकर पर एक और विवाद कि, उन्होंने गांधी जी के कहने पर अंग्रेजों से माफी मांगी थी, उदय माहुरकर और चिरायु पंडित की किताब, द मैन हू कुड हैव प्रिवेंटेड पार्टीशन, वीर सावरकर, के विमोचन के अवसर पर...

रेप ऑफ हिस्ट्री! राजनाथ के सावरकर संबंधी बयान पर आयीं तीखी प्रतिक्रियाएं

आज़ादी के लिये संघर्ष करते देश को 'हिंदू राष्ट्र' की अवधारणा देकर देश को बंटवारे और समाज को नफ़रती सांप्रदायिक विभाजनवादी मानसिकता में धकेलने वाले माफ़ी वीर विनायक दामोदर सावरकर को लेकर भाजपा और आरएसएस जब तब उल्टियां करते...

विभाजन की विभीषिका को क्यों याद करें हम?

भारत का बंटवारा 20 वीं सदी की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक था। बंटवारे के दौरान जितनी बड़ी संख्या में लोगों की जानें गईं और जिस बड़े पैमाने पर उन्हें अपने घर-गांव छोड़कर सैकड़ों मील दूर अनजान स्थानों...

अंतिम किस्त: भारत को नए विभाजन की ओर धकेल रहे हैं मोदी

आरएसएस ने अपने को आज़ादी की लड़ाई से सिर्फ अलग ही नहीं रखा, बल्कि आजादी के लिए बलिदान करने वाले लोगों की तिरस्कारपूर्वक खिल्ली भी उड़ाई। संघ की निगाह में ऐसे लोग बहुत ऊंचा स्थान नहीं रखते। संघ का...

विभाजन विभीषिका स्मृति के बहाने हॉरर के रौरव की तैयारी

जो आपदा में कमाई और लूट के अवसर ढूंढ सकते हैं, अकाल मौतों को छुपाने में राहत महसूस कर सकते हैं, बर्बादी और विनाश में आह्लाद देख सकते हैं वे भला उत्सव और समारोहों के मौकों को भी त्रासद और विभाजन का...

विभाजन के लिए अगर कोई दोषी है तो वह आरएसएस और हिन्दू महासभा

मोदी ने अब से चौदह अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मरण दिवस घोषित करवा दिया है। ये सोच रहे हैं कि इस बहाने हमें हर साल भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार बता कर मुसलमानों और कांग्रेसियों को गाली देने...

पहली किस्त: ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ यानी भारत की पराजय का उत्सव!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 74 वर्ष पुरानी भारत-विभाजन की विभीषिका तो याद है और और वे देशवासियों को भी हर साल उस विभीषिका की 'समारोहपूर्वक’ याद दिलाना चाहते हैं, लेकिन चार महीने पहले ऑक्सीजन की कमी से मरते लोग...

विभाजन मोदी का स्थायी भाव है!

वैसे निर्लज्जता की कोई सीमा नहीं होती है। यह बात कल प्रधानमंत्री मोदी की उस पहल से समझ में आयी जिसमें उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उपक्रम किया। अब इसे क्या कहा जाए जिसकी पूरी नींव ही...

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस बनाम नफरत की निर्मिति

14 अगस्त की सुबह 10 बजे के लगभग हमारे अति संवेदनशील प्रधानमंत्री जी को अचानक इलहाम हुआ कि वे अनायास 1947 में हुए विस्थापन की विभीषिका में डूबने उतराने लगे और इसी वक्त उन्होंने ट्वीट कर इसे विभाजन विभीषिका...

पुस्तक समीक्षा: भारत की मौजूदा राजनीति और जिन्ना पर एक नज़र ए सानी

अगले साल, दो हज़ार बाइस (2022) में भारतीय उपमहाद्वीप अपनी आज़ादी के पचहत्तर (75) साल पूरे करने जा रहा है। हम जानते हैं कि आज़ादी विभाजन (तक़सीम/ बंटवारे) के साथ आई और इकहत्तर (1971) में बांग्लादेश बनने के बाद...
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भारतीय गणतंत्र : कुछ खुले-अनखुले पन्ने

भारत को ब्रिटिश हुक्मरानी के आधिपत्य से 15 अगस्त 1947 को राजनीतिक स्वतन्त्रता प्राप्ति के 894 दिन बाद 26...
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