Saturday, July 2, 2022

poet

जन्मदिन पर विशेष: जिंदा रहते किंवदंती बन गए थे नजरुल इस्लाम

काजी नज़रुल इस्लाम (24 मई 1899 - 29 अगस्त 1976) बांग्ला के एक प्रसिद्ध कवि, लेखक, संगीतकार और बांग्लादेश के राष्ट्रीय कवि थे। नजरुल को बांग्ला साहित्य के सबसे महान कवियों में से एक माना जाता है। नजरुल के...

जहां ईमान ही पर टिकना संदिग्ध हो वहां पॉलिटिक्स में भी क्या सदाक़त रह जाएगी: असद जैदी

(कल कवि और पत्रकार अजय सिंह की कविताओं के नये संकलन ‘यह स्मृति को बचाने का वक्त है’ का विमोचन था। इस मौके पर कवि और साहित्यकार असद जैदी नहीं पहुंच पाए थे। लेकिन उन्होंने इस मौके पर अपना...

राजनीतिक विराटता के साथ अद्भुत थी गांधी जी की सामाजिक व्यापकता

बीसवीं सदी के इतिहास पर जब भी चर्चा छिड़ेगी, महात्मा गांधी की स्थिति उस कालखंड की सबसे महत्वपूर्ण शख्सियत के रूप में मानी जायेगी। उनका योगदान भारत के स्वाधीनता संग्राम में तो है ही, पर उनका सबसे बड़ा योगदान...

कवि होने की सादगी-भरी और संजीदा कोशिश

विगत चार दशकों से हिंदी साहित्य की विभिन्न विधाओं में अपनी प्रभावी और गरिमापूर्ण उपस्थिति दर्ज कराने वाले जुझारू एवं प्रखर साहित्यकार शैलेन्द्र चौहान के कृतित्व के मूल्यांकन को समेटती पुस्तक 'वसंत के हरकारे- कवि शैलेन्द्र चौहान' मेरे सामने...

रांगेय राघव की पुण्यतिथि: शोषण की घुटन सदैव नहीं रहेगी

रांगेय राघव हिंदी के सर्वोच्च रचनाकारों में से एक हैं। वे विलक्षण रचनाकार थे, जिनके लिए लिखना ही जीवन था। उन्होंने कम उम्र में विपुल लेखन किया। रांगेय राघव को महज उनचालीस साल उम्र मिली और उन्होंने इतने ही...

मध्यवर्गीय संघर्ष और विषमताओं की ताकत का आख्यान

गजानन माधव मुक्तिबोध उन गिने चुने कवियों में थे जिन्होंने विज्ञान और फैंटेसी के आधुनिक तथा कलात्मक बिंब और भाव कविता में लिए। उनकी एक कविता 'मुझे मालूम नहीं' में मनुष्य की उस असहायता का चित्रण है जिसमें वह...

समीक्षा: सामाजिक निर्माण में लगे लोगों को नई दृष्टि देगी नवप्रकाशित पुस्तक ‘जननायक डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट’

शमशेर सिंह बिष्ट के जीवन पर लिखी इस क़िताब का उद्देश्य लोकतांत्रिक समाज के निर्माण के लिए प्रयासरत लोगों को शमशेर की कहानी बताकर सही मार्ग दिखाना है। लेखक ने इस क़िताब में शमशेर की बचपन से अंतिम दिनों तक...

हिंदी रंग आलोचना के शिखर पुरुष नेमिचन्द्र जैन की रचनावली का प्रकाशन एक ऐतिहासिक घटना

नेमि जी बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। कम्युनिस्ट पार्टी से लेकर इप्टा आंदोलन में सक्रिय रहे नेमि जी कवि, आलोचक  रंग चिंतक  संपादक  नाटक कार और अनुवादक  भी। साहित्य की हर विधा में योगदान दिया। 8 खण्डों में छपी...

त्रिलोचन के जन्मदिन पर विशेष: मैं तुमसे और तुम्हीं से बात किया करता हूं

शब्दों के सामर्थ्य पर अटल विश्वास रखने वाले कवि त्रिलोचन अपनी कविता से स्वयं क्या अपेक्षा करते हैं यह भी ध्यातव्य है। आज जब सामान्य नागरिक और सहज पाठक की रुचि से समकालीन कविता कोई तालमेल नहीं बैठा पा रही है...

कॉमेडियन नज़र मोहम्मद के बाद तालिबान ने अब अफ़गान कवि अब्दुल्ला आतिफी की हत्या की

तालिबान ने अफगानिस्तान के प्रसिद्ध कवि और इतिहासकार अब्दुल्ला आतिफी की हत्या कर दी है। अब्दुल्ला की हत्या 4 अगस्त को उरुजगन प्रदेश के चोरा जिले में उनके घर के बाहर कर दी गई है। तालिबान ने अब तक...
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कितना कारगर हो पाएगा प्लास्टिक पर प्रतिबंध

एकल उपयोग वाले प्लास्टिक पर प्रतिबंध एक जुलाई से लागू हो गया। प्लास्टिक प्रदूषण का बड़ा स्रोत है और...
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