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मनोज कुमार झा का लेख: कविता राजनीति की आत्मा है, यह हमेशा से संसद का हिस्सा रही है

भारत की संसद के पवित्र हॉल में, जहां कानून बनाये जाते हैं और नियति को आकार दिया… Read More

हेनरी डेविड थोरो जन्मदिन विशेष: सादगी हो, पर सियासत के नाम पर नहीं

सादगी दिवस की शुरुआत लेखक और दार्शनिक हेनरी डेविड थोरो के सम्मान में की गई थी। डेविड… Read More

‘उफ़! टू मच डेमोक्रेसी’: सादा ज़बान में विरोधाभासों से निकलता व्यंग्य

डॉ. द्रोण कुमार शर्मा का व्यंग्य-संग्रह ‘उफ़! टू मच डेमोक्रेसी’ गुलमोहर किताब से प्रकाशित हुआ है। वैसे तो ये… Read More