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राज्य

क्यों कुपोषित रह जाती हैं स्लम बस्तियों की महिलाएं?

जयपुर, राजस्थान। इस वर्ष के शुरुआत में भारत की सबसे बड़ी बैंक एसबीआई ने नवीनतम घरेलू उपभोग सर्वेक्षण के आधार पर एक रिपोर्ट जारी की। जिसमें यह बताया [more…]

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ज़रूरी ख़बर

बदले-बदले मेरे सरकार नज़र आते हैं, एक अकेला सब पर भारी की बेचारगी

फिल्म चौदहवीं का चांद में शकील बदायुनी का लिखा और लता मंगेशकर का गया ये गीत- “बदले-बदले मेरे सरकार नज़र आते हैं, घर की बरबादी [more…]

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राजनीति

18वीं लोकसभा का चुनाव-नेताओं के विकास के वादे और घोर अभाव में जी रही जनता

पूरे देश में लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सभी पार्टियां अपने अपने तरीके से विकास के नए-नए मॉडल पेश कर मतदाताओं को अपने पक्ष में [more…]

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ज़रूरी ख़बर

दलित अधिकार सम्मेलन: बिहार को गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकालने के लिए रोड मैप बने

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पटना। खेत एवं ग्रामीण मजदूर और दलित-अंबेडकरवादी संगठनों की ओर से पटना के आईएमए हॉल में ‘दलित अधिकार सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। सम्मेलन का [more…]

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राज्य

बिहार को गरीबी के दुष्चक्र से निकालने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाए महागठबंधन सरकार: खेग्रामस

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पटना। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह विधायक सत्यदेव राम, राष्ट्रीय महासचिव धीरेंद्र झा, सम्मानित राज्य अध्यक्ष सह विधायक [more…]

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राजनीति

बेरोजगारी और गरीबी रही कर्नाटक चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा

भारत में चुनाव परिणामों के विश्लेषण में धर्म-जाति का समीकरण इस कदर हावी हो जाता है कि लगने लगता है कि बेरोजगारी और गरीबी जैसे [more…]

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बीच बहस

“तुम इतना जो बहका रहे हो ; क्या जुर्म है जिसको छुपा रहे हो।”

एक ही समय में कई कई जुबानों से बोलने में सिद्धहस्त आरएसएस की तरफ से अब एक और शिगूफा उछाला गया है। इसे अचानक देश की गरीबी [more…]

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बीच बहस

हिंदी पट्टी कैसे हुई गोबर पट्टी में तब्दील?

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5 दिन पहले फाइनेंशियल टाइम्स में प्रकाशित बाथ विश्वविद्यालय के संतोष मेहरोत्रा का यह लेख, अंग्रेजी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सभी [more…]

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राजनीति

नवउदारवाद और टपक बूंद सिद्धांत के दिवालियेपन को उजागर करती है वर्ल्ड इनइक्वलिटी रिपोर्ट

7 दिसम्बर, 21 को ज़ारी वर्ल्ड इनइक्वलिटी रिपोर्ट (World Inequality Report*) 2022 रिपोर्ट ने पिछली सदी के आखरी दशक से ज़ारी नवउदारवादी दौर के सबसे [more…]

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बीच बहस

दलितों के लिए तबाही का नया दौर साबित हुआ है आरएसएस-बीजेपी का शासन

दलितों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए भारत की जाति व्यवस्था सबसे बड़ी बाधा है। जाति पदानुक्रम के पायदान में सबसे नीचे, जाति उत्पीड़न के [more…]