Thursday, December 9, 2021

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त्रासदी के दौर में दुनिया: डेल्टा के बाद अब ओमिक्रॉन का खतरा

दुनिया अभी तक कोरोना वायरस के SARS-CoV-2 वैरिएंट के प्रकोप से ठीक से संभल भी नहीं पाई है कि इस वायरस के नये वैरिएंट ओमिक्रॉन (B.1.1.529) ने संसार भर में सनसनी फैला दी है। दक्षिण अफ्रीका में मिले इस...

नेहरू में थी अद्भुत लेखकीय क्षमता

जवाहरलाल नेहरू अगर प्रधानमंत्री न होते, तो भी यह विश्व उन्हें एक महान लेखक याद रखता। एक ऐसा लेखक, जिसकी इतिहास दृष्टि ने इस देश की संस्कृति की अलग तरह से व्याख्या की देश की सांस्कृतिक विरासत को व्याख्यायित...

गरीबी उन्मूलन और शांति का आपसी सम्बंध! विशेष संदर्भ गांधी, विनोबा और मुहम्मद यूनुस

और दिनों की तरह विश्व शांति दिवस भी गुजर गया। शांति के लिए तरह-तरह के विचार और सिद्धांत कहे गए लिखे गए, लेकिन इन सब के बीच सबसे बड़ा सवाल बिना सुलझे रहा कि किसी समाज, देश और पूरी...

कोरोना के बाद वैश्विक स्तर पर कृत्रिम अर्थव्यवस्था की पैदाइश

कोरोना-त्रासदी से उत्पन्न नई वैश्विक अर्थव्यवस्था द्वारा एक नई कृत्रिम वैश्विक अर्थव्यवस्था का जन्म हुआ है, जिसमें आवश्यकता, निवेश,  उत्पादन और उपभोग के  स्वरूप को बदल दिया गया है। इसके पूर्व वैश्विक अर्थव्यवस्था में परिवर्तन के द्वारा विकासशील देशों...

दीपिका का रोटी के संघर्ष से दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी का सफर!

कल 30 जून है। दीपिका की शादी की पहली सालगिरह। दीपिका और उनके पति अतनु दास की जोड़ी ने मिश्रित युगल में स्वर्णपदक लेकर खेल इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया है। इस नामवर जोड़ी को दोहरी बधाईयां। दीपिका कुमारी...

राही सरनोबत ने साधा गोल्ड पर निशाना, दीपिका बनीं विश्व की नंबर 1 तीरंदाज

पहले ही टोकियो ओलंपिक का टिकट हासिल कर चुकी भारतीय निशानेबाज राही सरनोबत ने आईएसएसएफ विश्व कप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में अब से कुछ देर पहले सोने के तमगे पर निशाना लगाया है। मौजूदा विश्व कप में...

भारत एक बार फिर बन गया है विपन्नों का देश

(कल एक संघी-साथी ने ‘135 करोड़ लोगों के फ्री टीकाकरण और 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन’ देने की PM की महान घोषणा पर पूरे विश्व के पगलाये होने' का जिक्र किया था। किसी असली/फर्जी वर्ल्ड फोरम पर तारीफों...

जवाहर लाल नेहरू और उनका इतिहास बोध

जवाहर लाल नेहरू न केवल आज़ादी के लिए किये गए संघर्ष के शीर्षस्थ नेताओं में से एक रहे हैं, बल्कि वे देश के प्रथम प्रधान मंत्री भी रहे हैं। राजनीति में उनका एक अलग व्यक्तित्व रहा है। आधुनिक भारत...

लोकतंत्र की आत्मा होते हैं शांतिपूर्ण और अहिंसात्मक आंदोलन

बदलते दौर के हिसाब से उभरते बुनियादी अधिकारों और स्वतंत्रता, समानता, न्याय जैसी संकल्पनाओं को अपने सीने में सहेजे समेटे लोकतंत्र और लोकतंत्रिक शासन व्यवस्था की बयार आज पूरे विश्व, सभी महाद्वीपों और सभी देशों में निरंतर निर्विकल्प रूप...

किसान आंदोलन और कृषि कानूनों पर राजहठ

दिल्ली की सिंघु सीमा पर जन आंदोलनों के इतिहास का एक सुनहरा अध्याय लिखा जा रहा है। 26 नवम्बर, 2020 को जब किसानों के कई जत्थे सरकार द्वारा बनाये गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ सरकार को अपनी व्यथा...
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राजधानी के प्रदूषण को कम करने में दो बच्चों ने निभायी अहम भूमिका

दिल्ली के दो किशोर भाइयों के प्रयास से देश की राजधानी में प्रदूषण का मुद्दा गरमा गया है। सरकार...
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