मुस्लिम विक्रेता से सब्जी न खरीदने के लिए कहने वाले यूपी बीजेपी विधायक के खिलाफ बदायूँ के थाने में शिकायत दर्ज

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बदायूं। उत्तर प्रदेश में देवरिया जिले के बरहज विधान सभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सुरेश तिवारी पर दंगा भड़काने, समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा एवं वैमनस्य व अफवाह फैलाने के मामले को लेकर बदायूँ के सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज की गई है।

शिकायत में राजनीतिक कार्यकर्ता अजीत सिंह यादव ने सुरेश तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की गयी है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता रहे अजीत सिंह यादव ने शिकायत में कहा है कि वे  कानून एवं संविधान में यकीन करने वाले जिम्मेदार नागरिक हैं। विगत कई दिनों से मीडिया रिपोर्टों को पढ़ने व सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखने-सुनने पर जानकारी मिली कि जहां एक तरफ देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है वहीं  उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की बरहज विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सुरेश तिवारी साम्प्रदायिक दंगा भड़काने, समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा एवं वैमनस्य की भावनाएं पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह से वह अफवाह व झूठ फैला कर देश को कमजोर करने का आपराधिक कृत्य कर रहे हैं।

एक वीडियो में वह लोगों से यह कहते सुने जा सकते हैं कि मियां (मुसलमान ) लोगों से सब्जी न खरीदें।

और इस तरह विधायक सुरेश तिवारी विभिन्न समुदायों के बीच नफरत फैलाते दिखते हैं जिससे समाज में धार्मिक उन्माद पैदा हुआ है। उन्होंने जान बूझकर एक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और देश में धर्म के आधार पर  समुदायों को दंगे के लिए उकसाया है।

एक अन्य वीडियो में विधायक सुरेश तिवारी अपने उक्त वक्तव्यों को स्वीकार करते हुए जायज ठहराते दिखते हैं।

इसमें विधायक सुरेश तिवारी स्वीकार करते हैं कि बरहज विधान सभा क्षेत्र के दौरे के दौरान 17-18 अप्रैल 2020 को नगर पालिका में लोगों के पूछने पर उन्होंने कहा कि मियां लोगों से सब्जी न खरीदें इससे लोग कोरोना से बचेंगे। इसके साथ ही वह इस अफवाह को बढ़ावा देते दिखते हैं कि मियां लोग सब्जी पर थूक लगा दे रहे हैं। उक्त खबरें टीवी चैनलों समेत अखबारों आदि में भी छपी हैं। इस सिलसिले में उन्होंने द इंडियन एक्सप्रेस में छपी ख़बर का हवाला दिया।

उन्होंने शिकायत में थानाध्यक्ष से मांग की है कि उक्त वीडियो व प्रिंट साक्ष्यों के आधार पर भाजपा के बरहज विधायक सुरेश तिवारी पर धर्म के आधार पर लोगों में नफरत फैलाने, दंगा भड़काने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने, समुदायों के बीच शत्रुता, घृणा एवं वैमनस्य पैदा करने और झूठी अफवाहें फैलाने, देश में धार्मिक उन्माद पैदा करने, देश को तोड़ने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को खराब करने के अपराध में भारतीय दंड सहिंता की धारा 117,153, 153 A, 153B, 295A,298,504,505, 505(2),506, 120 B समेत अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर /मुकदमा पंजीकृत कर कानूनी कार्यवाही करें और उन्हें तत्काल गिरफ्तार करें।

अजीत यादव ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा आरोपी विधायक सुरेश तिवारी को नोटिस दिए जाने को महज दिखावा बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा और आरएसएस के लोग कोरोना महामारी के लिए मुसलमानों को जिम्मेदार ठहराने को लेकर झूठी अफवाहें फैला रहे हैं और देश में मुसलमानों के विरुद्ध नफरत और घृणा का माहौल पैदा कर साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण के फासिस्ट प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। कोरोना संकट के इस समय में भी नागरिकता संशोधन कानून , एनआरसी व एनपीआर के विरुद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन चलाने वाले जामिया मिलिया, जेएनयू के छात्र नेताओं समेत आंदोलनकारियों को आतंकवाद निरोधक यूएपीए जैसे काले कानूनों के तहत फर्जी मुकदमे लगाकर जेल भेजा जा रहा है।यहां तक कि महिला कार्यकर्ता को भी दिल्ली दंगों के लिए झूठे आरोप में और कश्मीर के पत्रकारों को फर्जी मुकदमा लगाकर जेल में डाल दिया गया है। देश में तानाशाही लादकर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। 

कोरोना संकट का पूरा भार मजदूरों, गरीबों, किसानों पर डाला जा रहा है। कर्मचारियों के भत्ते बंद किये जा रहे हैं और पूँजी घरानों के कर्जे माफ किये जा रहे हैं। दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। देश के हर जिम्मेदार नागरिक को संघ भाजपा के इस नफरत भरे फासिस्ट अभियान और उसकी कारपोरेट परस्ती के विरुद्ध आवाज उठानी होगी।

इस मामले में सुरेश तिवारी अकेले नहीं हैं। महोबा के चरखारी से बीजेपी विधायक  बृजभूषण राजपूत ने भी इसी तरह से अपने घर की गली में सब्ज़ी बेच रहे एक मुस्लिम शख़्स को वहाँ विक्री करने से मना कर दिया। इसका भी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

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