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डाल्टनगंज में भी हुआ स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी का विरोध

पलामू। पलामू जिला मुख्यालय डाल्टनगंज में जन संगठनों, चर्च से जुड़े संगठनों, राजनीतिक दलों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मानव श्रृंखला बना कर 83 वर्षीय मानवाधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी की गिरफ्तारी का विरोध किया। इस मौके पर लोगों ने न केवल गिरफ्तारी को फर्जी बताया बल्कि उनका कहना था कि यह केंद्र सरकार की एक साजिश है जिसे एनआईए अंजाम दे रही है।

मानव श्रृंखला में शामिल लोगों ने स्थानीय कचहरी चौक से शहीद चौक तक मार्च निकाला। इस दौरान लोगों के हाथों में तख्तियां, बैनर और पोस्टर थे जिन पर फादर स्टेन को रिहा करो, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बंद करो, UAPA, रासुका जैसे काले कानूनों का दुरुपयोग बंद करो, किस-किस को कैद करोगे, हम फादर स्टेन के साथ हैं, भीमा कोरेगांव केस में फंसाए गए सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं, वकीलों, लोक कलाकारों को रिहा करो आदि लिखे गए थे।

बताते चलें कि इसी 8 अक्तूबर को नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) ने रांची से 83 वर्षीय फादर स्टेन स्वामी को भीमा-कोरेगांव मामले में गिरफ्तार किया। इस मामले में उनके आवास पर अगस्त, 2018 और जून, 2019 को पुणे पुलिस द्वारा छापा मारा गया था, तब उनका कंप्यूटर, मोबाइल फ़ोन, गानों की सीडी आदि जब्त किए गए थे। जुलाई-अगस्त 2020 में NIA ने 15 घंटों तक उनके आवास पर पूछताछ की थी।

वहीं दूसरी ओर, इस मामले में हिंदुत्ववादी संगठनों के करीबी तुषार दामगुड़े द्वारा की गई प्राथमिकी को महाराष्ट्र पुलिस ने एक षड्यंत्र का रूप दे दिया और यह कहानी बनायी कि एलगार परिषद की बैठक के बाद भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा को माओवादियों ने कई सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर आयोजित की थी। अभी तक इस मामले में स्टेन स्वामी समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया  जा चुका है, जिसमें आनंद तेलतुंबडे, अरुण फ़रेरा, गौतम नवलखा, हनी बाबू, महेश राउत, सुरेन्द्र गाडलिंग, सुधा भारद्वाज, शोमा सेन, सुधीर धावले, रोना विल्सन, वर्नन गोंज़ल्वेस, वरवर राव और कबीर कला मंच से जुड़े रमेश गैचोर, सागर गोरखे और ज्योति जगताप शामिल हैं। ये सभी ऐसे लोग हैं जो दशकों से आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यकों और वंचितों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि एलगार परिषद व भीमा-कोरेगांव के समारोह में इनमें से अधिकांश व्यक्ति उपस्थित भी नहीं थे।

मानव श्रृंखला का आयोजन मानव अधिकार रक्षा मंच के नेतृत्व में किया गया। जिसमें मुख्य रूप से सीपीआई से केकेडी, इप्टा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार, नंदलाला सिंह, प्रेम प्रकाश, रवि, संजीव, दिनेश, एनसीडीएचआर के राज्य समन्वयक मिथिलेश कुमार, झारखण्ड नरेगा वाच के राज्य समन्वयक जेम्स हेरेंज, जितेन्द्र सिंह, तंजीम अंसार कमेटी के सदर अशफाक अहमद, सचिव नसीम अहमद, कोषाध्यक्ष मो. से सेराज अंसारी, सरफराज अहमद, अलाउद्दीन अंसारी, फादर विजय, फादर मोरिस, फादर प्रदीप, फाझर लोरेंस, सिस्टर जोसी, सिस्टर वालसा, सिस्टर इग्लेसिया और डालटनगंज के सभी संस्थानों के धर्म बहनें, यूनाइटेड मिली फोरम, इस्लामी अंसारी, आदिवासी महासभा से बलराम उरांव, जन संग्राम मोर्चा से युगल पाल, अशोक पाल, पाल महासभा से रवि पाल, महिला अधिकार संघर्ष समिति पूनम विश्वकर्मा, एंजेल, हर्ष, सिरिल टोप्पो, झारखंड क्रांति मंच से शत्रुघ्न कुमार शत्रु  सहित विभिन्न संगठनों के हजारों लोग शामिल थे।

(झारखंड से विशद कुमार की रिपोर्ट।)

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This post was last modified on October 21, 2020 9:35 pm

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