Subscribe for notification

नॉर्थ ईस्ट डायरीः असम में बिछ चुकी है चुनावी बिसात, कांग्रेस ने पांच दलों के साथ बनाया महागठबंधन

कांग्रेस और पांच अन्य दलों ने मंगलवार को असम में विधानसभा चुनावों के लिए आधिकारिक तौर पर महागठबंधन की घोषणा की। असम विधानसभा चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की संभावना है। इसके साथ ही इस बात की अटकलों पर विराम लग गया है कि कांग्रेस आखिर एआईयूडीएफ के साथ जाएगी या नहीं। हालांकि गठबंधन ने मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं किया है।

गठबंधन में सीपीआई, सीपीआई (एम), सीपीआई (एमएल), एआईयूडीएफ और आंचलिक गण मोर्चा (एजीएम) कांग्रेस के साथ पांच भागीदार हैं। मंगलवार को गुवाहाटी में एक संवाददाता सम्मेलन में असम कांग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कहा, “कांग्रेस ने सभी समान विचारधारा वाले दलों को देश के सर्वोत्तम हित के लिए सांप्रदायिक ताकतों को बाहर करने के लिए आमंत्रित करने का फैसला किया।” छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

बोरा ने कहा कि सभी पांच दलों के नेताओं ने मंगलवार को बघेल और पार्टी महासचिव मुकुल वासनिक और जितेंद्र सिंह के साथ चर्चा की। बोरा ने कहा, “हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि आने वाले असम विधानसभा चुनावों में हम सभी मिलकर भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए लड़ेंगे। साथ ही हम अपने गठबंधन में शामिल होने के लिए असम के अन्य क्षेत्रीय दलों और अन्य भाजपा विरोधी दलों को आमंत्रित करने के लिए अपने दरवाजे खुले रखेंगे।”

हालांकि, गठबंधन के सदस्य इस बात पर चुप हैं कि गठबंधन के लिए संभावित मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन होगा। इस मुद्दे पर एक सवाल पर वासनिक ने कहा, “एक ही दिन में सभी सवालों के जवाब नहीं दिए जाते हैं।”

कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह ने कहा, “हम छह राजनीतिक दल दूसरी पार्टियों से अपील करते हैं कि अगर आप असम को बचाना चाहते हैं, आप असम के युवाओं को उनके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में मदद करना चाहते हैं, तो हमें एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए।”

दूसरी ओर, दो महत्वपूर्ण क्षेत्रीय दल असम जातीय परिषद (एजेपी) और राईजर दल, जो कि 2019-20 में राज्य में बड़े पैमाने पर हुए सीएए विरोधी आंदोलन के बाद बने थे, गठबंधन के लिए बातचीत कर रहे हैं। एजेपी के पास प्रभावशाली छात्र संगठनों का समर्थन है। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) और असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद (अजायुछाप), जबकि राईजर दल जेल में बंद कार्यकर्ता अखिल गोगोई के नेतृत्व में कृषक मुक्ति संग्राम समिति का राजनीतिक मंच है।

गठबंधन की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब असम में कांग्रेस कई असफलताओं के दौर से गुजर रही है। पिछले साल दिसंबर में पार्टी के दो मौजूदा विधायक आधिकारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गए। ऐसा हाल ही में हुए स्थानीय परिषद चुनावों, बीटीसी और तिवा स्वायत्त परिषद (टीएसी), असम में कांग्रेस की दो सीटों पर हार के बाद हुआ।

असम के कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र सिंह ने कहा, “भाजपा की विभाजनकारी राजनीति से असम की संस्कृति और पहचान को बचाने के उद्देश्य से बिना किसी पूर्व शर्त के इस गठबंधन को बनाने के लिए साथ आने वाले सभी दलों का मैं शुक्रगुजार हूं। हमारा गठबंधन विधानसभा चुनावों में जीत के लिए आश्वस्त है।”

यह पहली बार है जब कांग्रेस और एआईयूडीएफ, असम में दोनों विपक्षी दलों ने आधिकारिक रूप से चुनाव पूर्व गठबंधन की घोषणा की है। विधानसभा में कांग्रेस के पास 20 सीटें हैं, जबकि एआईयूडीएफ के पास 14 सीटें हैं। गठबंधन में शामिल होने वाले अन्य दलों में से किसी के पास भी 126 सदस्यीय सदन में सीटें नहीं है।

एआईयूडीएफ के संगठन सचिव मोहम्मद अमीनुल इस्लाम ने कहा, “हम सत्तारूढ़ भाजपा को हराने के लिए एक साथ आए हैं, जिसने पिछले पांच वर्षों में असम को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। हमें विश्वास है कि हमारे छह दलों का गठबंधन इसे सत्ता से उखाड़ फेंकने में सक्षम होगा।”

2005 में इत्र बनाने वाले बदरुद्दीन अजमल द्वारा गठित, एआईयूडीएफ की पूर्वी पाकिस्तान (वर्तमान बांग्लादेश) से आए मुस्लिमवासियों के बीच महत्वपूर्ण पकड़ है। पार्टी ने 2006 में 10 सीटें जीतीं और 2011 में 18 सीटें हासिल कीं।

सीपीआई-एमएल के राज्य सचिव रुबुल शर्मा ने कहा, “हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में राज्य के अन्य राजनीतिक दल भी हमारे गठबंधन में शामिल होंगे। आज असम में भाजपा के कुशासन के अंत की शुरुआत है।”

कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को भाजपा के नेतृत्व वाले मोर्चे का मुक़ाबला करना  होगा, जिसमें असम गण परिषद और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) हैं।

(दिनकर कुमार ‘द सेंटिनेल’ के पूर्व संपादक हैं। आजकल वह गुवाहाटी में रहते हैं।)

Donate to Janchowk!
Independent journalism that speaks truth to power and is free of corporate and political control is possible only when people contribute towards the same. Please consider donating in support of this endeavour to fight misinformation and disinformation.

Donate Now

To make an instant donation, click on the "Donate Now" button above. For information regarding donation via Bank Transfer/Cheque/DD, click here.

This post was last modified on January 22, 2021 2:54 pm

Share