Sunday, June 4, 2023

शैलेंद्र चौहान

केंद्र और दिल्ली की सत्ता के मुंह पर कालिख है यमुना में पैदा हो रहा झाग

राजधानी दिल्ली में यमुना नदी पर ओखला बैराज के पास विगत कई वर्षों से जहरीले झाग की मोटी परत दिखती है। इस वर्ष राजनीतिक कारणों से छठपूजा के अवसर पर यह विशेष चर्चा में रही। यह झाग इस नदी...

किसानों की आत्महत्याएं बताती हैं कृषि संकट की गहराई

किसान आत्महत्याओं के बारे में जानने के लिए इसका इतिहास जान लेना भी आवश्यक है। और इसे महाराष्ट्र राज्य के संदर्भ में जानना तर्कसंगत होगा। सन 1990 में अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' के ग्रामीण मामलों के संवाददाता पी. साईंनाथ...

आजादी की लड़ाई में शहादत का कारखाना बन गया था यूपी का शाहजहांपुर

1857 गदर से लेकर 1942 की अगस्त क्रांति तक शाहजहांपुर जनपद के क्रांतिकारियों ने स्वाधीनता की लड़ाई में बढ़-चढ़कर सहभागिता की है। इस अमृत महोत्सव वर्ष में इन्हें याद करना और इनके त्याग और बलिदान को सादर प्रणाम करना...

भारत में बहुत चिंताजनक है बाल कुपोषण का स्तर

कुपोषण भारत की गम्भीरतम समस्याओं में एक है फिर भी इस समस्या पर सबसे कम ध्यान दिया गया है। आज भारत में दुनिया के सबसे अधिक अविकसित (4.66 करोड़) और कमजोर (2.55 करोड़) बच्चे मौजूद हैं। ध्यातव्य है कि...

जन्मदिन पर विशेष: ग्रेट बर्डवाचर सालिम अली

सालिम अली का जन्म बॉम्बे के एक सुलेमानी बोहरा मुस्लिम परिवार में 12 नवंबर,1896 को हुआ था। वे अपने परिवार में सबसे छोटे और नौंवे बच्चे थे। जब वे एक साल के थे तब उनके पिता मोइज़ुद्दीन का स्वर्गवास...

अक्टूबर क्रांति ने मोड़ दी थी दुनिया के इतिहास की धारा

अलेक्जेंडर रोबिनविच रूसी क्रांति और गृह युद्ध के जाने-माने इतिहासकार रहे हैं। उनके और रेक्स ए. वेड जैसे विशेषज्ञों की बातों से यह पता चलता है कि रूसी क्रांति को लेकर जो बहुत सी बातें मीडिया में चल रही...

विज्ञान के विकास के लिए स्वतंत्रता सबसे बड़ी शर्त, संदर्भ सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर

भारत की इस धरती पर कई ऐसे महान वैज्ञानिक पैदा हुए हैं, जिन्होंने अपनी खोज और रिसर्च से दुनिया के विकास को नई दिशा दी है। विडंबना यह है कि यह काम वे भारत में रहते हुए नहीं कर...

मजाज़ जन्मदिन विशेष: एक शायर जिसका गम से था ख़ास रिश्ता

कहने की जरूरत नहीं कि आज मजाज दुनिया पे छाए हुए हैं। लेकिन, हिंदी हो या उर्दू अदब, मजाज का मूल्यांकन ठीक से आज तक नहीं किया गया। एक तरक्कीपसंद शायर, जिसने कभी नरगिस को देखकर कहा था- तेरे...

छत्तीसगढ़: कोयला खनन के लिए आदिवासियों और वनों की दी जा रही है बलि

छत्तीसगढ़ राज्य में सरगुजा जिले का हसदेव अरण्य क्षेत्र अपनी जैव विविधता, विशेषकर हाथियों के झुंड़ों के लिए काफी प्रसिद्ध है। यहां हजारों प्रजाति के वन्य जीवों का बसेरा है और इनके साथ माइग्रेटरी चिड़ियों का भी आगमन होता...

कौन कर रहा है कोयले के कारोबार में हाथ काला?

देश में इन दिनों कोयला संकट पर भारी कोहराम मचा है। ऐसा माना जा रहा है कि इसकी मुख्य वजह देश के ऊर्जा संयत्रों के पास कम स्टॉक का होना है। कोयले की कमी से देश में बड़े बिजली...

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