Subscribe for notification
Categories: बीच बहस

नाजियों ने ‘परजीवी’ शब्द को बना दिया था घातक, अब संसद में पीएम ने बोला ‘आंदोलनजीवी’

कभी-कभी एक शब्द इतिहास में ऐसे दर्ज हो जाता है कि उसके निशान सदियों तक बने रहते हैं। फिलवक्त एक शब्द ‘आंदोलनजीवी’ चर्चा में है, लेकिन हम दूसरे शब्द के बारे में सोचना भूल गए हैं, जिसने पिछली सदी में इतिहास को बदल कर रख दिया था। उसके चलते जो तबाही यूरोप में मची, मानवता के कायम रहने तक उसके दाग़ नहीं धुलेंगे। वह बेहद खतरनाक शब्द है ‘परजीवी’ (Parasites)। सौ साल पहले जर्मनी में फ्यूहरर ने ‘परजीवी’ शब्द को हर जुबान पर चढ़ने वाला जुमला बना दिया था। उसने सबसे पहले 13 अगस्त 1920 को अपने समर्थकों के बीच भाषण देते समय यहूदियों को ‘परजीवी’ कहा था, Noxious Bacillus।

उसकी आत्मकथा ‘मीन काम्फ’ में परजीवी शब्द का बेहिसाब उल्लेख है। नेशनल सोशलिस्ट पार्टी के कार्यक्रम वाले अध्याय में तो इसको जड़ से मिटाने के लिए तमाम काम बताए गए हैं। इसी के पेज संख्या 334 में वह कहता है “(The Jew) is and remains the eternal parasites and more like a harmful bacillus.” वह कहता है कि ऐसा परजीवी, व्यक्ति और समाज को खत्म कर देगा। इसी तरह 1927 में नाजियों के अखबार Der Sturmer ने लिखा, “The Jews people are the largest parasite people in the world. It is not worth that it exists.”

प्रोपगंडा मंत्री जोसेफ गोएबेल्स ने 6 अप्रैल 1933 को अपने भाषण में ऐसी ही बातें कहीं, “यहूदियों का चरित्र पूरी तरह परजीवियों की तरह होता है।” लगातार ‘परजीवियों’ को खतरा बताने के कारण जर्मनी में इनके खिलाफ नफरत का माहौल बन गया। फिर जो तबाही का मंजर सामने आया, उसे भुलाना नामुमकिन है। अब नागरिकों के एक हिस्से के लिए ऐसे ही शब्द का इस्तेमाल संसद में किया गया है, बेहद अफसोसनाक है। अगर इन’ ‘परजीवियों’ की शिनाख्त की गई तो क्या होगा? सोचकर डर लगता है।

  • जलेश्वर

(जलेश्वर वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

Donate to Janchowk!
Independent journalism that speaks truth to power and is free of corporate and political control is possible only when people contribute towards the same. Please consider donating in support of this endeavour to fight misinformation and disinformation.

Donate Now

To make an instant donation, click on the "Donate Now" button above. For information regarding donation via Bank Transfer/Cheque/DD, click here.

This post was last modified on February 9, 2021 2:55 pm

Share